कर्नाटक भाजपा का PRC के खिलाफ कानूनी मोर्चा, विजयेंद्र बोले — 'कांग्रेस केंद्र के अधिकार हड़प रही है'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शनिवार, 11 जुलाई को बेंगलुरु में घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी किए जा रहे 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' (PRC) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्प तलाशेगी। विजयेंद्र ने PRC को 'अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने और वोट बैंक मजबूत करने की राजनीतिक साजिश' करार दिया।
मुख्य आरोप और कानूनी रणनीति
विजयेंद्र ने कहा कि वे जल्द ही पार्टी की कानूनी टीम की बैठक बुलाएंगे, जिसमें PRC को अदालत में चुनौती देने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, पार्टी राज्यपाल को एक याचिका भी सौंपेगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि राज्य सरकार किस प्रकार केंद्र के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर रही है।
विजयेंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम राज्य के संवैधानिक प्रमुख, राज्यपाल को एक याचिका सौंपेंगे और उनका ध्यान इस बात की ओर दिलाएंगे कि राज्य सरकार किस तरह केंद्र की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को हड़पने की कोशिश कर रही है।'
NRC बनाम PRC — कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप
भाजपा अध्यक्ष ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) और PRC के मुद्दे पर कांग्रेस के 'दोहरे मापदंड' की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'जब केंद्र में भाजपा सरकार ने NRC तैयार करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहा, तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया और भारी हंगामा किया। अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार PRC जारी कर रही है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक और अतार्किक है।'
विजयेंद्र के अनुसार, भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता तय करने का अधिकार पूरी तरह केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है, और राज्य सरकार इस क्षेत्र में कदम रखकर संविधान की सीमाओं का उल्लंघन कर रही है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच PRC पर सवाल
विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की प्रक्रिया चल रही है, ठीक उसी दौरान PRC जारी करने का निर्णय संदेहास्पद है। उनका कहना है कि यह कदम अवैध प्रवासियों को दस्तावेज़ी आधार देकर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश है।
गौरतलब है कि SIR एक मतदाता सूची शुद्धिकरण अभ्यास है, जिसके दौरान किसी भी प्रकार के निवास-संबंधी दस्तावेज़ जारी करने की प्रासंगिकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है — और यही वह संदर्भ है जिसे भाजपा राजनीतिक रूप से रेखांकित कर रही है।
भाजपा की आगे की योजना
विजयेंद्र ने दो-स्तरीय विरोध की घोषणा की — राजनीतिक और कानूनी। उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस सरकार को भारतीय नागरिकता कानून से जुड़े मामलों में केंद्र की शक्तियों और अधिकारों पर कब्ज़ा नहीं करने देंगे।' पार्टी की कानूनी टीम की बैठक की तारीख जल्द तय होने की संभावना है, जिसके बाद न्यायिक हस्तक्षेप की दिशा स्पष्ट होगी।