11 जुलाई 2026
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कर्नाटक भाजपा का PRC के खिलाफ कानूनी मोर्चा, विजयेंद्र बोले — 'कांग्रेस केंद्र के अधिकार हड़प रही है'

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कर्नाटक भाजपा का PRC के खिलाफ कानूनी मोर्चा, विजयेंद्र बोले — 'कांग्रेस केंद्र के अधिकार हड़प रही है'

सारांश

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने राज्य सरकार के PRC को 'असंवैधानिक और अतार्किक' करार देते हुए कानूनी लड़ाई और राज्यपाल को याचिका का ऐलान किया। NRC पर कांग्रेस के पुराने विरोध को सामने रखकर भाजपा ने 'दोहरे मापदंड' का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने 11 जुलाई को राज्य सरकार के PRC (स्थायी निवास प्रमाण पत्र) को 'असंवैधानिक' बताया।
भाजपा PRC की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी और राज्यपाल को याचिका सौंपेगी।
विजयेंद्र का आरोप — राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के नागरिकता-संबंधी अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर रही है।
भाजपा ने NRC पर कांग्रेस के पुराने विरोध और अब PRC जारी करने को 'दोहरा मापदंड' करार दिया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान PRC जारी करने को भाजपा ने 'चुनावी साजिश' बताया।

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शनिवार, 11 जुलाई को बेंगलुरु में घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी किए जा रहे 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' (PRC) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्प तलाशेगी। विजयेंद्र ने PRC को 'अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने और वोट बैंक मजबूत करने की राजनीतिक साजिश' करार दिया।

मुख्य आरोप और कानूनी रणनीति

विजयेंद्र ने कहा कि वे जल्द ही पार्टी की कानूनी टीम की बैठक बुलाएंगे, जिसमें PRC को अदालत में चुनौती देने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, पार्टी राज्यपाल को एक याचिका भी सौंपेगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि राज्य सरकार किस प्रकार केंद्र के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर रही है।

विजयेंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम राज्य के संवैधानिक प्रमुख, राज्यपाल को एक याचिका सौंपेंगे और उनका ध्यान इस बात की ओर दिलाएंगे कि राज्य सरकार किस तरह केंद्र की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को हड़पने की कोशिश कर रही है।'

NRC बनाम PRC — कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप

भाजपा अध्यक्ष ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) और PRC के मुद्दे पर कांग्रेस के 'दोहरे मापदंड' की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'जब केंद्र में भाजपा सरकार ने NRC तैयार करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहा, तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया और भारी हंगामा किया। अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार PRC जारी कर रही है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक और अतार्किक है।'

विजयेंद्र के अनुसार, भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता तय करने का अधिकार पूरी तरह केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है, और राज्य सरकार इस क्षेत्र में कदम रखकर संविधान की सीमाओं का उल्लंघन कर रही है।

विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच PRC पर सवाल

विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की प्रक्रिया चल रही है, ठीक उसी दौरान PRC जारी करने का निर्णय संदेहास्पद है। उनका कहना है कि यह कदम अवैध प्रवासियों को दस्तावेज़ी आधार देकर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश है।

गौरतलब है कि SIR एक मतदाता सूची शुद्धिकरण अभ्यास है, जिसके दौरान किसी भी प्रकार के निवास-संबंधी दस्तावेज़ जारी करने की प्रासंगिकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है — और यही वह संदर्भ है जिसे भाजपा राजनीतिक रूप से रेखांकित कर रही है।

भाजपा की आगे की योजना

विजयेंद्र ने दो-स्तरीय विरोध की घोषणा की — राजनीतिक और कानूनी। उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस सरकार को भारतीय नागरिकता कानून से जुड़े मामलों में केंद्र की शक्तियों और अधिकारों पर कब्ज़ा नहीं करने देंगे।' पार्टी की कानूनी टीम की बैठक की तारीख जल्द तय होने की संभावना है, जिसके बाद न्यायिक हस्तक्षेप की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संवैधानिक पेचीदगियाँ उतनी सरल नहीं हैं — राज्यों के पास निवास-संबंधी प्रशासनिक दस्तावेज़ जारी करने की परंपरा रही है, जो नागरिकता निर्धारण से अलग है। असली सवाल यह है कि कर्नाटक सरकार PRC को किस कानूनी आधार पर जारी कर रही है और उसका उद्देश्य क्या घोषित किया गया है — जिस पर भाजपा ने अभी तक ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए हैं। SIR के समानांतर PRC जारी होना एक वैध चिंता है, पर इसे 'अवैध प्रवासियों को बचाने की साजिश' साबित करने के लिए कानूनी टीम को ठोस आधार ढूंढना होगा। यह मामला अंततः न्यायपालिका में जाए तो सरकार की मंशा नहीं, दस्तावेज़ का कानूनी दायरा परखा जाएगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक सरकार का 'स्थायी निवास प्रमाण पत्र' (PRC) क्या है?
PRC एक दस्तावेज़ है जिसे कर्नाटक की कांग्रेस सरकार जारी कर रही है और जो किसी व्यक्ति के राज्य में स्थायी निवास को प्रमाणित करता है। भाजपा का आरोप है कि यह नागरिकता निर्धारण के केंद्रीय अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करता है।
भाजपा PRC को असंवैधानिक क्यों मान रही है?
भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र का कहना है कि भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता तय करने का अधिकार केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है। उनके अनुसार, राज्य सरकार PRC जारी कर इस केंद्रीय शक्ति का अतिक्रमण कर रही है।
कर्नाटक भाजपा PRC के खिलाफ क्या कदम उठाएगी?
भाजपा दो मोर्चों पर काम करेगी — पहला, पार्टी की कानूनी टीम PRC को अदालत में चुनौती देने के विकल्प तलाशेगी; दूसरा, राज्यपाल को याचिका सौंपकर उनका ध्यान इस मुद्दे की ओर दिलाया जाएगा।
NRC और PRC के मुद्दे पर भाजपा का कांग्रेस पर क्या आरोप है?
विजयेंद्र ने कांग्रेस पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि केंद्र में NRC के विरोध में उतरी कांग्रेस अब कर्नाटक में PRC जारी करके वही काम कर रही है जिसे वह पहले असंवैधानिक बताती थी।
SIR प्रक्रिया के दौरान PRC जारी करना विवादास्पद क्यों है?
'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) मतदाता सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। भाजपा का आरोप है कि इसी दौरान PRC जारी करना अवैध प्रवासियों को दस्तावेज़ी आधार देकर मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश है।
राष्ट्र प्रेस
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