कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — CM कौन बनेगा अहम नहीं, कांग्रेस सरकार हटाना ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने बुधवार, 8 जुलाई को स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा, यह प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह है कि कर्नाटक की जनता राज्य की कांग्रेस सरकार से गहरी नाराज़गी महसूस कर रही है, जिसे उन्होंने 'भ्रष्ट, जनविरोधी और हिंदू विरोधी' करार दिया।
किस मंच से आई यह बात
विजयेंद्र दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिट्यूएंसी) के आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित एक पार्टी बैठक को संबोधित कर रहे थे। यह बैठक बेंगलुरु में हुई, जिसमें विभिन्न ज़िलों के भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
CM पद की चर्चा पर विजयेंद्र का जवाब
भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा विजयेंद्र को भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किए जाने के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "चंद्रन्ना (भाजपा विधायक एम. चंद्रप्पा) ने मुझे भविष्य का मुख्यमंत्री बताया। यह उनके स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। कौन मुख्यमंत्री बनेगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि कर्नाटक की जनता इस भ्रष्ट, जनविरोधी और हिंदू विरोधी कांग्रेस सरकार से नाराज़ है।" उन्होंने पार्टी नेताओं से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर बड़े राजनीतिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।
कांग्रेस सरकार पर आरोप
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए निर्धारित धनराशि में भी अनियमितताएँ की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भाजपा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही और ज़िम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
NDA उम्मीदवार और चुनावी रणनीति
विजयेंद्र ने बताया कि भाजपा ने दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केएम सुरेश को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का उम्मीदवार घोषित किया है। उन्होंने सुरेश को एक ईमानदार और समर्पित कार्यकर्ता बताया, जिन्होंने कई दशकों तक शिक्षा क्षेत्र में निःस्वार्थ सेवा की है।
उन्होंने बताया कि इस निर्वाचन क्षेत्र में 50 हज़ार से अधिक पंजीकृत मतदाता होने की संभावना है और केएम सुरेश को पाँच ज़िलों और 33 विधानसभा सीटों में प्रचार करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से चित्रदुर्ग ज़िले के नेताओं से अपील की कि वे उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी शक्ति लगाएँ।
राजनीतिक परिदृश्य और आगे की राह
गौरतलब है कि भाजपा इस दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगातार आठ कार्यकालों से जीत दर्ज करती आ रही है। हालाँकि विजयेंद्र ने माना कि इस बार राजनीतिक परिस्थितियाँ बदली हुई हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस पिछले कई महीनों से सक्रिय मतदाता पंजीकरण अभियान चला रही है। उन्होंने कहा, "चुनाव में अभी कुछ महीने बाकी हैं और हमें भी मतदाता पंजीकरण तथा संगठनात्मक गतिविधियों को तेज़ करना होगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधान परिषद और विधानसभा लोकतंत्र के मंदिर हैं और वहाँ केवल धनबल या राजनीतिक महत्वाकांक्षा के बल पर नहीं, बल्कि योग्यता और जनसेवा के आधार पर प्रतिनिधि भेजे जाने चाहिए।