8 जुलाई 2026
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ईडी ने एआईटीसी के एचडीएफसी बैंक खातों से ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए, केयरवेल ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा

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ईडी ने एआईटीसी के एचडीएफसी बैंक खातों से ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए, केयरवेल ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा

सारांश

ईडी ने एआईटीसी के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए। जाँच में सामने आया कि पार्टी के फंड से विमान और हेलिकॉप्टर खरीदकर उन्हें पार्टी को ही किराए पर दिया गया — एक संदिग्ध वित्तीय चक्र जिसकी जड़ें केमैन आइलैंड्स तक फैली हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 8 जुलाई 2026 को केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े 5 ठिकानों पर पीएमएलए के तहत तलाशी ली।
एआईटीसी के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में जमा ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए गए।
एआईटीसी के खातों से अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच केयरवेल एविएशन को लगभग ₹160 करोड़ ट्रांसफर हुए।
'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू' हेलिकॉप्टर की खरीद पर ₹112 करोड़ खर्च; बाद में इन्हें एआईटीसी को ही किराए पर दिया गया।
हेलिकॉप्टर खरीद के लिए केमैन आइलैंड्स की कंपनी से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का अनसिक्योर्ड लोन लिया गया।
लेन-देन के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 8 जुलाई 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत एविएशन क्षेत्र में सक्रिय केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े पाँच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान पीएमएलए की धारा 17 (1-ए) के अंतर्गत ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में जमा ₹440.42 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी गई।

मामले की पृष्ठभूमि

यह जाँच पश्चिम बंगाल के बिधाननगर की साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। एफआईआर में कथित तौर पर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, अवैध रूप से धन संग्रह और एआईटीसी के कुछ बैंक खातों के ज़रिए संदिग्ध राशि के हस्तांतरण का उल्लेख है। ईडी के अनुसार, यह मामला सुनियोजित वित्तीय हेराफेरी की ओर संकेत करता है।

मुख्य घटनाक्रम: धन का प्रवाह

जाँच में सामने आया कि एआईटीसी के बैंक खातों से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे संबद्ध एक कंपनी को अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच लगभग ₹160 करोड़ ट्रांसफर किए गए। इसके अतिरिक्त, केयरवेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने उसी अवधि में एक नवगठित सहयोगी कंपनी को ₹82.96 करोड़ हस्तांतरित किए।

यह राशि कथित तौर पर 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू' हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए उपयोग में लाई गई, जिस पर कुल ₹112 करोड़ खर्च हुए। ईडी के अनुसार, इन खरीद के लिए 2023 में केमैन आइलैंड्स की एक कंपनी से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का अनसिक्योर्ड लोन भी लिया गया था।

सबसे चौंकाने वाला पहलू

जाँच का सबसे विचारणीय पहलू यह है कि उक्त 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता' हेलिकॉप्टर — जिन्हें एआईटीसी के ही फंड से खरीदा गया था — बाद में एआईटीसी को ही किराए पर दे दिए गए। इसके बाद इन विमानों के उपयोग के नाम पर पुनः बड़ी धनराशि का हस्तांतरण किया गया। आलोचकों का कहना है कि यह एक सुनियोजित चक्र प्रतीत होता है जिसमें पार्टी के फंड को घुमा-फिराकर वापस लाया गया।

आगे की जाँच

ईडी ने स्पष्ट किया है कि इन लेन-देन के वास्तविक और लाभकारी उद्देश्य का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पहले से ही कई जाँच एजेंसियों की निगरानी में है। आने वाले दिनों में ईडी की ओर से और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या आरोप-पत्र दाखिल होता है और क्या अदालत में यह मामला टिकता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने एआईटीसी के बैंक खातों में ₹440 करोड़ क्यों फ्रीज किए?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 17 (1-ए) के तहत एआईटीसी के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए, क्योंकि जाँच में इन खातों से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और केयरवेल एविएशन ग्रुप को धन हस्तांतरण के साक्ष्य मिले। यह कार्रवाई बिधाननगर साइबर पुलिस की एफआईआर पर आधारित है।
केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज क्या है और इसका एआईटीसी से क्या संबंध है?
केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज एविएशन क्षेत्र में काम करने वाला एक व्यावसायिक समूह है। जाँच के अनुसार, एआईटीसी के बैंक खातों से इस ग्रुप की कंपनियों को लगभग ₹160 करोड़ ट्रांसफर किए गए, जिनसे विमान और हेलिकॉप्टर खरीदे गए और बाद में उन्हें एआईटीसी को ही किराए पर दिया गया।
एम्ब्रेयर लिगेसी 600 और अगस्ता हेलिकॉप्टर की खरीद में क्या अनियमितता पाई गई?
ईडी के अनुसार, इन विमानों की खरीद पर ₹112 करोड़ खर्च हुए, जो कथित तौर पर एआईटीसी के फंड से आए थे। खरीद के बाद इन्हें एआईटीसी को ही किराए पर देकर पुनः धन हस्तांतरण किया गया। साथ ही, खरीद के लिए केमैन आइलैंड्स की एक कंपनी से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का अनसिक्योर्ड लोन भी लिया गया था।
इस मामले में केमैन आइलैंड्स का क्या कनेक्शन है?
जाँच में पता चला कि 2023 में हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए केमैन आइलैंड्स स्थित एक कंपनी से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का बिना गारंटी वाला (अनसिक्योर्ड) लोन लिया गया था। केमैन आइलैंड्स एक ऑफशोर वित्तीय केंद्र है, और इस लोन की प्रकृति ईडी की जाँच के दायरे में है।
ईडी की इस कार्रवाई के बाद आगे क्या होगा?
ईडी के अनुसार, लेन-देन के वास्तविक और लाभकारी उद्देश्य का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। आने वाले दिनों में और संपत्ति कुर्की, गिरफ्तारी या आरोप-पत्र दाखिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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