ईडी ने एआईटीसी के एचडीएफसी बैंक खातों से ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए, केयरवेल ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 8 जुलाई 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत एविएशन क्षेत्र में सक्रिय केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े पाँच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान पीएमएलए की धारा 17 (1-ए) के अंतर्गत ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में जमा ₹440.42 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यह जाँच पश्चिम बंगाल के बिधाननगर की साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। एफआईआर में कथित तौर पर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, अवैध रूप से धन संग्रह और एआईटीसी के कुछ बैंक खातों के ज़रिए संदिग्ध राशि के हस्तांतरण का उल्लेख है। ईडी के अनुसार, यह मामला सुनियोजित वित्तीय हेराफेरी की ओर संकेत करता है।
मुख्य घटनाक्रम: धन का प्रवाह
जाँच में सामने आया कि एआईटीसी के बैंक खातों से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे संबद्ध एक कंपनी को अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच लगभग ₹160 करोड़ ट्रांसफर किए गए। इसके अतिरिक्त, केयरवेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने उसी अवधि में एक नवगठित सहयोगी कंपनी को ₹82.96 करोड़ हस्तांतरित किए।
यह राशि कथित तौर पर 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू' हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए उपयोग में लाई गई, जिस पर कुल ₹112 करोड़ खर्च हुए। ईडी के अनुसार, इन खरीद के लिए 2023 में केमैन आइलैंड्स की एक कंपनी से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का अनसिक्योर्ड लोन भी लिया गया था।
सबसे चौंकाने वाला पहलू
जाँच का सबसे विचारणीय पहलू यह है कि उक्त 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता' हेलिकॉप्टर — जिन्हें एआईटीसी के ही फंड से खरीदा गया था — बाद में एआईटीसी को ही किराए पर दे दिए गए। इसके बाद इन विमानों के उपयोग के नाम पर पुनः बड़ी धनराशि का हस्तांतरण किया गया। आलोचकों का कहना है कि यह एक सुनियोजित चक्र प्रतीत होता है जिसमें पार्टी के फंड को घुमा-फिराकर वापस लाया गया।
आगे की जाँच
ईडी ने स्पष्ट किया है कि इन लेन-देन के वास्तविक और लाभकारी उद्देश्य का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पहले से ही कई जाँच एजेंसियों की निगरानी में है। आने वाले दिनों में ईडी की ओर से और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।