टीएमसी के ₹440 करोड़ के बैंक खातों पर ईडी की छापेमारी, पश्चिम बंगाल में मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार, 7 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के फंड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच का केंद्र टीएमसी के तीन बैंक खाते हैं, जिनमें कुल मिलाकर करीब ₹440 करोड़ जमा हैं और जिन पर पहले से ही डेबिट प्रतिबंध लागू है।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी की कई टीमें केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) के भारी सुरक्षा घेरे में विभिन्न स्थानों पर पहुँचीं और तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, जिन ठिकानों पर छापेमारी हुई उनमें एक निजी एविएशन कंपनी का दफ्तर भी शामिल है। आरोप है कि यह कंपनी चुनाव प्रचार और अन्य आधिकारिक यात्राओं के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी नेताओं को चार्टर्ड फ्लाइट की सुविधा उपलब्ध कराती थी।
बैंक खातों पर प्रतिबंध की पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि इन बैंक खातों पर प्रतिबंध अप्रैल-मई में हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद हुई दो अलग-अलग घटनाओं के आधार पर लगाया गया। पहली घटना में पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल एवं बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने बैंक को पत्र लिखकर आशंका जताई कि खातों में जमा धन का दुरुपयोग हो सकता है और खातों को फ्रीज करने की मांग की।
इसके बाद निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी विधायक दल के बागी बहुमत गुट ने भी पश्चिम बंगाल पुलिस से इन खातों पर रोक लगाने की मांग की। इस गुट ने आरोप लगाया कि खातों में कथित तौर पर भ्रष्टाचार और जबरन वसूली से हासिल रकम जमा हो सकती है। इन शिकायतों के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने बैंक को डेबिट प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया।
कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने इस प्रतिबंध को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी, परंतु हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया और खातों से प्रतिबंध नहीं हटाया। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल पुलिस इस मामले की समानांतर जांच भी कर रही है।
ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की रकम इन खातों के ज़रिए भेजे जाने के आरोपों का संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी स्वतंत्र जांच शुरू की है। यह ऐसे समय में आया है जब टीएमसी पहले से ही चुनावी हार के बाद आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है।
क्या होगा आगे
ईडी की यह छापेमारी टीएमसी के लिए राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर दबाव बढ़ाती है। जांच के दायरे में एविएशन कंपनी के लेनदेन और पार्टी फंड के स्रोत शामिल हैं। आने वाले दिनों में ईडी की ओर से समन और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।