पश्चिम बंगाल में ईडी ने अवैध कॉल सेंटर मामले में की बड़ी छापेमारी, 10 स्थानों पर कार्रवाई

Click to start listening
पश्चिम बंगाल में ईडी ने अवैध कॉल सेंटर मामले में की बड़ी छापेमारी, 10 स्थानों पर कार्रवाई

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल में अवैध कॉल सेंटर के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को एक साथ 10 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है।

Key Takeaways

  • ईडी ने पश्चिम बंगाल में अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी की।
  • छापेमारी में 10 स्थानों पर कार्रवाई की गई।
  • यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत है।
  • अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की जांच की।
  • जांच में कई नामी लोगों का नाम सामने आ सकता है।

कोलकाता, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में एक कथित अवैध कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीमों ने राज्य के लगभग 10 स्थानों पर समवर्ती छापे मारे। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज मामले से जुड़ी है।

सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी सोमवार सुबह प्रारंभ हुई और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख शहरों में की जा रही है, जिनमें सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध कॉल सेंटर नेटवर्क से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित गतिविधियों की जांच का हिस्सा है।

जांच एजेंसी को इस नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी लेने का निर्णय लिया।

अधिकारियों का मानना है कि इन कॉल सेंटरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और अवैध धन को विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं, उनमें सुराश्री कर, सम्राट घोष और सुभाजीत चक्रवर्ती समेत कई अन्य शामिल हैं। हालांकि, एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर अभी किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

जांच के दौरान, एजेंसी की टीमें दस्तावेजों, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि इन सामग्रियों से कॉल सेंटर के संचालन, वित्तीय लेन-देन और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, इस तलाशी अभियान का उद्देश्य अवैध गतिविधियों से जुड़े सबूत जुटाना और धन के स्रोत तथा उसके प्रवाह का पता लगाना है। फिलहाल, कई स्थानों पर जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई में अवैध कॉल सेंटर नेटवर्क में कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

Point of View

बल्कि इससे यह भी साबित होता है कि देश में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने क्यों छापेमारी की?
ईडी ने पश्चिम बंगाल में कथित अवैध कॉल सेंटर और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच के तहत छापेमारी की।
छापेमारी से क्या जानकारी मिली?
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले हैं, जो अवैध कॉल सेंटर के संचालन से संबंधित हैं।
कौन-कौन से शहरों में छापेमारी हुई?
छापेमारी सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर जैसे प्रमुख शहरों में की गई।
क्या किसी की गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक प्रवर्तन निदेशालय ने किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध गतिविधियों से जुड़े सबूत जुटाना और धन के स्रोत का पता लगाना है।
Nation Press