ईडी ने पश्चिम बंगाल में पीडीएस घोटाले के सिलसिले में 12 जगहों पर छापेमारी की
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने 12 स्थानों पर छापेमारी की
- भ्रष्टाचार की शिकायतों पर की गई कार्रवाई
- पश्चिम बंगाल में राशन वितरण प्रणाली की जांच जारी
- कई व्यापारियों के नामों का खुलासा
- राज्य में चुनावों से पहले ईडी की सक्रियता
कोलकाता, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राशन वितरण से संबंधित भ्रष्टाचार की शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुबह पश्चिम बंगाल के 12 जगहों पर एक साथ छापे मारे।
सूत्रों के अनुसार, जिन स्थानों पर ईडी की कार्रवाई की जा रही है, उनमें कोलकाता, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और हावड़ा जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
कोलकाता में छापेमारी के तहत मध्य कोलकाता के पोद्दार कोर्ट में एक व्यवसायी का कार्यालय और मिंटो पार्क में एक अन्य व्यवसायी का कार्यालय शामिल है।
इसके अतिरिक्त, दक्षिण कोलकाता के लॉर्ड सिन्हा रोड पर एक व्यवसायी के आवास पर भी छापेमारी की जा रही है।
ईडी की टीमों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि हाल ही में राशन वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिससे पूछताछ के बाद ईडी को इन व्यवसायियों के नामों का पता चला। आज की छापेमारी उसी जानकारी के आधार पर की गई है।
राशन वितरण में अनियमितताओं का मामला सबसे पहले 2020 में सामने आया था जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित 762 किलोग्राम आटे की अवैध बिक्री के बारे में जानकारी मिली थी।
बाद में पता चला कि पीडीएस के तहत वितरित बड़ी मात्रा में गेहूं को खुले बाजार में बेचा गया था।
ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की और राज्य के पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक सहित कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
मल्लिक ने एक साल से अधिक समय जेल में बिताया है और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं, साथ ही तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ रहे हैं। हाल ही में विधानसभा चुनावों से पहले ईडी फिर से सक्रिय हो गई है।
इस सप्ताह के दौरान, ईडी ने अवैध भूमि हड़पने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के सिलसिले में कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी की।