कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग पर ईडी की छापेमारी: मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के ठिकानों पर कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में ईडी की महत्वपूर्ण कार्रवाई।
- मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के प्रमोटरों के खिलाफ गंभीर आरोप।
- छापेमारी में कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त हुए।
- सरकारी भूमि पर कब्जे और धोखाधड़ी के आरोप।
- ईडी की जांच में और खुलासे होने की संभावना।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8 अप्रैल 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत कोलकाता में मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी की। इस कंपनी को सुशील मोहता और साकेत मोहता द्वारा प्रमोट किया गया है। इस कार्रवाई में एजेंसी ने कुल सात स्थानों पर तलाशी ली।
जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कंपनी के प्रमोटरों और संबंधित संस्थाओं ने कथित रूप से जाली दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी के माध्यम से कई संपत्तियों पर कब्जा किया। इनमें कुछ सरकारी भूमि भी शामिल हैं। आरोप है कि इसके बाद इन संपत्तियों पर बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट शुरू किए गए और उनका व्यावसायिक उपयोग किया गया।
ईडी का कहना है कि आरोपियों ने फर्जी कागजात के आधार पर खुद को संपत्तियों का वैध मालिक बताया और आम जनता को अपने प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इस तरीके से बड़ी रकम जुटाई गई, जिसकी अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस धन का उपयोग किन माध्यमों से किया गया और क्या इसमें अन्य व्यक्तियों की भी संलिप्तता थी।
जांच के दौरान मर्लिन समूह के कुछ वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ संभावित संबंध भी उजागर हुए हैं। ईडी अब इन संबंधों और किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।
छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी अब विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई हो सकती है।