2 जुलाई 2026
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टीएमसी पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती अब ईडी के निशाने पर, ₹100 करोड़ की संपत्ति छिपाने का आरोप

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टीएमसी पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती अब ईडी के निशाने पर, ₹100 करोड़ की संपत्ति छिपाने का आरोप

सारांश

टीएमसी पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी भी मैदान में उतरी है। ₹100 करोड़ की संपत्ति छिपाने के आरोप में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत खारिज की, जबकि पत्नी और पूर्व विधायक अदिति मुंशी को राहत मिली। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए ईसीआईआर दर्ज होने की प्रतीक्षा है।

मुख्य बातें

देबराज चक्रवर्ती , बिधाननगर नगर निगम के TMC पूर्व पार्षद, को पश्चिम बंगाल पुलिस ने पुरुलिया से गिरफ्तार किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए राज्य पुलिस से दस्तावेज़ मांगे; ईसीआईआर दर्ज करने के लिए नई दिल्ली मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने चक्रवर्ती की अग्रिम ज़मानत खारिज की; पत्नी अदिति मुंशी को चार महीने की बेटी के आधार पर अंतरिम राहत मिली।
आरोप है कि दंपती ने 2026 चुनावों से पहले ₹100 करोड़ की संपत्ति गुमनाम रूप से स्थानांतरित की।
अदिति मुंशी पर हलफनामे में संपत्ति का पूरा ब्योरा न देने का भी आरोप; वे हाल के विधानसभा चुनाव में पराजित हुईं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने चक्रवर्ती को बुधवार शाम पुरुलिया से गिरफ्तार किया था, और अब ईडी इस मामले में स्वतंत्र रूप से जांच करने की तैयारी में है।

ईडी की जांच का दायरा

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने राज्य पुलिस से चक्रवर्ती के खिलाफ लगे मुख्य आरोपों और उनसे जुड़े दस्तावेज़ मांगे हैं। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने से पहले 'एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट' (ईसीआईआर) दर्ज की जाएगी। ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रारंभिक जानकारी नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दी है और अब मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार है।

अदालत का रुख और अग्रिम ज़मानत

पिछले हफ्ते कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने चक्रवर्ती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, उसी पीठ ने उसी मामले में सह-आरोपी अदिति मुंशी को अंतरिम अग्रिम ज़मानत प्रदान कर दी — इस आधार पर कि दंपती की चार महीने की बेटी है। यह अदालती फैसला उल्लेखनीय है, क्योंकि एक ही मामले में दो आरोपियों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया गया।

आरोपों का विवरण

आरोप है कि उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन TMC विधायक अदिति मुंशी और उनके पति देबराज ने 2026 के चुनावों से पहले कम से कम ₹100 करोड़ की संपत्ति को गुमनाम रूप से तथा रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर स्थानांतरित किया। अदिति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के हलफनामे में अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया — जिस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

कौन हैं देबराज चक्रवर्ती और अदिति मुंशी

देबराज चक्रवर्ती बिधाननगर नगर निगम के पूर्व पार्षद हैं और इलाके में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। उनकी पत्नी अदिति मुंशी एक मशहूर भक्ति गायिका हैं, जो TMC की पूर्व विधायक भी रह चुकी हैं। इस दंपती पर आय से अधिक संपत्ति, संपत्ति छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं।

आगे क्या होगा

ईडी मुख्यालय की मंजूरी मिलते ही ईसीआईआर दर्ज की जाएगी और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच स्वतंत्र रूप से शुरू होगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता की पृष्ठभूमि में आया है। गौरतलब है कि राज्य पुलिस और ईडी की समानांतर जांच इस प्रकरण को और जटिल बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पत्नी को राहत — न्यायिक विवेक की जटिलता को उजागर करता है। ₹100 करोड़ की कथित संपत्ति हस्तांतरण और चुनावी हलफनामे में छिपाने के आरोप यदि साबित होते हैं, तो यह राजनीतिक भ्रष्टाचार की गंभीर मिसाल होगी। असली सवाल यह है कि क्या ईडी की जांच राज्य पुलिस की कार्रवाई से स्वतंत्र और निष्पक्ष रह पाएगी, या यह केंद्र-राज्य राजनीतिक टकराव का नया अध्याय बनेगी।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देबराज चक्रवर्ती को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
देबराज चक्रवर्ती को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने पुरुलिया से गिरफ्तार किया है। उन पर और उनकी पत्नी अदिति मुंशी पर ₹100 करोड़ की संपत्ति गुमनाम रूप से स्थानांतरित करने का आरोप है।
ईडी इस मामले में क्यों जांच कर रही है?
ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करना चाहती है। इसके लिए एजेंसी ने राज्य पुलिस से दस्तावेज़ मांगे हैं और ईसीआईआर दर्ज करने के लिए नई दिल्ली मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार कर रही है।
अदिति मुंशी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
अदिति मुंशी एक मशहूर भक्ति गायिका और TMC की पूर्व विधायक हैं, जो राजारहाट-गोपालपुर सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे में संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया और पति के साथ मिलकर ₹100 करोड़ की संपत्ति छिपाई।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या फैसला दिया?
न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने देबराज चक्रवर्ती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, उसी पीठ ने सह-आरोपी अदिति मुंशी को उनकी चार महीने की बेटी का हवाला देते हुए अंतरिम अग्रिम ज़मानत दे दी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
ईडी मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही ईसीआईआर दर्ज होगी और मनी लॉन्ड्रिंग की स्वतंत्र जांच शुरू होगी। इसके बाद ईडी संपत्ति कुर्की और पूछताछ जैसी कार्रवाई कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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