अभिषेक बनर्जी के फरार सहयोगी सुमित रॉय की तलाश तेज, डीए मामले में गिरफ्तार पूर्व TMC पार्षद से पूछताछ जारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस के जांचकर्ता तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के कथित एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय की तलाश में जुटे हैं, जो फिलहाल फरार हैं। 5 जुलाई तक जांच टीम ने आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में गिरफ्तार पूर्व TMC पार्षद देबराज चक्रवर्ती से गहन पूछताछ की, जिसके बाद रॉय और चक्रवर्ती के बीच कथित वित्तीय संबंधों का खुलासा हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, चक्रवर्ती से पूछताछ उन खास सबूतों पर आधारित है जो जांच टीम को मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि पूर्व पार्षद, रॉय के जबरन वसूली और गैरकानूनी तरीके से जमीन हड़पने के मामले दर्ज होने के बाद भी उनके साथ लगातार संपर्क में थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि 'डीसी ग्लोबल' नामक एक कथित शेल कंपनी के बैंक खाते से सुमित रॉय के खाते में धनराशि स्थानांतरित की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह कंपनी कथित तौर पर चक्रवर्ती की थी और उसका नाम उनके नाम एवं उपनाम के शुरुआती अक्षरों पर रखा गया था।
रॉय की संलिप्तता कैसे सामने आई
पश्चिम मिदनापुर जिले में गैरकानूनी तरीके से जमीन हड़पने के एक मामले में सुमित रॉय का नाम पहली बार पिछले महीने तब उभरा, जब उसी जिले के TMC के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से रॉय फरार हैं।
राज्य पुलिस के सूत्र के अनुसार, चक्रवर्ती और रॉय के बीच वित्तीय संबंध सामने आने के बाद यह कथित तौर पर स्पष्ट हुआ है कि रॉय का मुख्य काम अपराध से हुई कमाई को अलग-अलग स्रोतों से एकत्र करना था।
अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापेमारी
पिछले महीने पश्चिम मिदनापुर जिला पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और कोलकाता पुलिस की एक संयुक्त टीम ने रॉय की तलाश में अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर सुबह-सुबह छापेमारी की थी। हालांकि, रॉय वहाँ नहीं मिले। इसके बाद रॉय के ससुराल वालों के घर सहित कई अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली गई, लेकिन वे वहाँ भी नहीं पाए गए।
देबराज चक्रवर्ती और उनकी पत्नी का मामला
चक्रवर्ती की पत्नी अदिति मुंशी TMC की पूर्व विधायक और जानी-मानी भक्ति संगीत गायिका हैं। वह भी आय से अधिक संपत्ति के इसी मामले में सह-आरोपी हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने दंपती के चार महीने के शिशु को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत प्रदान की है और वह फिलहाल अग्रिम जमानत पर बाहर हैं।
आगे क्या होगा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर भ्रष्टाचार और संपत्ति के मामलों में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सुमित रॉय की गिरफ्तारी जांच की अगली निर्णायक कड़ी मानी जा रही है, और पुलिस सूत्रों के अनुसार उनकी तलाश में और ठिकानों पर छापेमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।