देबराज चक्रवर्ती के आय से अधिक संपत्ति मामले में 'DC Global' शेल कंपनी की जांच, SIT के निशाने पर 30 सहयोगी
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब 'DC Global' नामक एक कथित शेल कंपनी के वित्तीय लेनदेन को अपनी जांच के केंद्र में ले लिया है। 4 जुलाई को सामने आई जानकारी के अनुसार, SIT इस बात की पड़ताल कर रही है कि अपराध से अर्जित करोड़ों रुपये को इस कंपनी के माध्यम से चक्रवर्ती के रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों तक पहुँचाया गया था।
DC Global कंपनी और संदिग्ध लेनदेन
राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में DC Global का मालिक चक्रवर्ती के पिता तरुण कुमार चक्रवर्ती को दर्शाया गया था। हालाँकि, राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, 'पिता का नाम सिर्फ दिखावे के लिए मालिक के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। कंपनी का रोज़ का कामकाज देबराज खुद अपने करीबी सहयोगियों के ज़रिए संभालते थे, जो अपराध में उनके साथी थे।'
SIT जांच अधिकारियों को कुछ ऐसे संदिग्ध लेनदेन का पता चला है जिनमें DC Global के खाते में एक निश्चित तारीख और समय पर जमा की गई रकम एक घंटे के भीतर ही निकाल ली गई थी। जांचकर्ता अब उन स्रोतों की पहचान करने में जुटे हैं जिनसे यह रकम खाते में आई और उन गंतव्यों का भी पता लगा रहे हैं जहाँ यह रकम भेजी गई।
पत्नी अदिति मुंशी की भूमिका
इस मामले में चक्रवर्ती की पत्नी अदिति मुंशी, जो TMC की पूर्व विधायक और एक प्रसिद्ध भजन गायिका भी हैं, पर भी अवैध तरीकों से अपराध की कमाई जमा करने का आरोप है। SIT की जांच में दोनों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
ED की समानांतर जांच
सूत्रों के मुताबिक, SIT के सदस्य इस मामले में एकत्र की गई जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ भी साझा कर रहे हैं। ED ने हाल ही में एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करने के बाद चक्रवर्ती और अदिति मुंशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में समानांतर जांच शुरू की है। दो प्रमुख एजेंसियों की एक साथ जांच इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है।
30 सहयोगी SIT के निशाने पर
राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 30 अन्य व्यक्ति भी SIT की नज़र में हैं, जो कथित तौर पर चक्रवर्ती के लिए 'अगली कतार के ऑपरेटर' के रूप में काम करते थे और मुख्य रूप से जबरन वसूली की रकम इकट्ठा करने का काम संभालते थे। अधिकारियों के अनुसार, 'उनमें से चार से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है और बाकी लोगों से भी बारी-बारी से पूछताछ की जाएगी।'
गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिनिधियों से जुड़े भ्रष्टाचार की एक लंबी शृंखला का हिस्सा बनता जा रहा है, जिसमें शेल कंपनियों के माध्यम से धन शोधन का पैटर्न बार-बार सामने आया है। जैसे-जैसे SIT और ED की जांच आगे बढ़ेगी, और नाम तथा लेनदेन के विवरण सामने आने की संभावना है।