22 जुलाई 2026
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ईडी ने TMC कोषाध्यक्ष सुभाषिश चक्रवर्ती को समन भेजा, ₹440 करोड़ के फ्रीज खातों की जांच

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ईडी ने TMC कोषाध्यक्ष सुभाषिश चक्रवर्ती को समन भेजा, ₹440 करोड़ के फ्रीज खातों की जांच

सारांश

ईडी ने TMC कोषाध्यक्ष सुभाषिश चक्रवर्ती को ₹440 करोड़ के फ्रीज बैंक खातों की जांच में समन भेजा। केयरवेल एविएशन को ₹160 करोड़ से अधिक के संदिग्ध भुगतान के आरोप हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट ने फ्रीज पर रोक लगाने से इनकार किया — ममता गुट के लिए कानूनी और राजनीतिक दबाव बढ़ा।

मुख्य बातें

ईडी ने 22 जुलाई को TMC कोषाध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य सुभाषिश चक्रवर्ती को पूछताछ के लिए समन जारी किया।
जांच तीन फ्रीज बैंक खातों से जुड़ी है जिनमें कुल ₹440 करोड़ जमा हैं।
ईडी का दावा है कि इन खातों से प्राइवेट एविएशन कंपनी केयरवेल को ₹160 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया; कुल संदिग्ध लेन-देन ₹164 करोड़ का है।
20 जुलाई को कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस कृष्णा राव की बेंच ने ईडी के फ्रीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया।
चक्रवर्ती ने ईडी से अतिरिक्त समय माँगा है और पार्टी नेतृत्व से परामर्श का हवाला दिया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार, 22 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सदस्य और वर्तमान कोषाध्यक्ष सुभाषिश चक्रवर्ती को पूछताछ के लिए समन जारी किया। यह कार्रवाई उन तीन बैंक खातों से जुड़ी जांच के तहत की गई है जिनमें कुल ₹440 करोड़ जमा हैं और जिन पर ईडी ने डेबिट पर रोक लगाई हुई है। चक्रवर्ती उस TMC गुट के कोषाध्यक्ष हैं जिसका नेतृत्व पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी करते हैं।

समन का विवरण और चक्रवर्ती की प्रतिक्रिया

नोटिस में चक्रवर्ती को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में इसी सप्ताह उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। हालाँकि, चक्रवर्ती ने बुधवार सुबह पत्रकारों को बताया कि उन्होंने ईडी से कुछ अतिरिक्त समय माँगा है, क्योंकि उन्हें पहले इस मामले पर पार्टी नेतृत्व से विचार-विमर्श करना था।

केयरवेल एविएशन कंपनी से जुड़ा संदिग्ध लेन-देन

ईडी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ने प्राइवेट एविएशन कंपनी 'केयरवेल' से प्लेन और हेलीकॉप्टर किराए पर लिए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि तीन फ्रीज बैंक खातों में से एक से पार्टी फंड के जरिए इस कंपनी को ₹160 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। इससे पहले ईडी ने केयरवेल के दो निदेशकों — पवन जाजू और रमेश जाजू — को भी समन भेजकर उनके बयान दर्ज किए थे। कुल मिलाकर इन तीन खातों से ₹164 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की पहचान की गई है।

कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख

20 जुलाई को कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने ईडी द्वारा लगाए गए फ्रीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। बेंच ने स्पष्ट कहा कि अदालत इस समय ईडी के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेगी, जिसके बाद अगले आदेश तक 'डेबिट पर रोक' जारी रहेगी।

गौरतलब है कि इसी महीने जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एक अन्य सिंगल-जज बेंच ने राज्य पुलिस के निर्देशों के बाद डेबिट पर लगी रोक में 'आंशिक और अस्थायी छूट' की अनुमति दी थी — लेकिन ईडी ने बाद में अपनी अलग पाबंदियाँ लागू कर दीं। इसके बाद ममता बनर्जी के गुट ने जस्टिस राव की बेंच में फिर से याचिका दायर की, जो 20 जुलाई को सुनवाई के लिए आई और विस्तृत सुनवाई के बाद खारिज हो गई।

आगे क्या होगा

यह मामला अब दोहरे मोर्चे पर है — एक ओर ईडी की जांच जारी है और कोषाध्यक्ष चक्रवर्ती की पूछताछ अपेक्षित है, दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया कलकत्ता हाई कोर्ट में चल रही है। ₹440 करोड़ के फ्रीज खातों और ₹164 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन के साथ यह मामला तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मोड़ पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

TMC के लिए चुनावी और संगठनात्मक दोनों दृष्टियों से गंभीर संकट है। हालाँकि, एविएशन कंपनी को ₹160 करोड़ से अधिक के भुगतान के आरोप — यदि साबित हुए — तो पार्टी फंड के उपयोग पर बड़े सवाल खड़े करते हैं जिनका जवाब TMC को देना होगा। इस मामले की निष्पक्ष जांच और न्यायिक निगरानी दोनों ज़रूरी हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने सुभाषिश चक्रवर्ती को समन क्यों भेजा?
ईडी ने TMC के तीन फ्रीज बैंक खातों — जिनमें कुल ₹440 करोड़ जमा हैं — से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की जांच के सिलसिले में चक्रवर्ती को पूछताछ के लिए बुलाया है। चक्रवर्ती ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के कोषाध्यक्ष हैं।
केयरवेल एविएशन का इस मामले से क्या संबंध है?
ईडी के अनुसार, TMC ने प्राइवेट एविएशन कंपनी केयरवेल से विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर लिए थे और फ्रीज खातों में से एक से कंपनी को ₹160 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। कंपनी के दो निदेशकों — पवन जाजू और रमेश जाजू — के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC की याचिका पर क्या फैसला दिया?
20 जुलाई को जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने ईडी द्वारा लगाए गए फ्रीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह इस समय ईडी के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और अगले आदेश तक 'डेबिट पर रोक' जारी रहेगी।
TMC के बैंक खाते कैसे फ्रीज हुए?
सबसे पहले राज्य पुलिस के निर्देशों पर बैंक अधिकारियों ने तीन खातों पर 'डेबिट पर रोक' लगाई। इसके बाद ईडी ने ₹164 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन के आधार पर अपनी अलग पाबंदियाँ लागू कर दीं, जो अब भी प्रभावी हैं।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
ईडी की जांच जारी रहेगी और सुभाषिश चक्रवर्ती की पूछताछ इसी सप्ताह अपेक्षित है। साथ ही मामला कलकत्ता हाई कोर्ट में भी विचाराधीन है। TMC के पास उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अपील का विकल्प बचा है।
राष्ट्र प्रेस
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