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कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के तीन खातों पर ईडी की रोक बरकरार रखी, ₹440 करोड़ फ्रीज़

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के तीन खातों पर ईडी की रोक बरकरार रखी, ₹440 करोड़ फ्रीज़

सारांश

कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के ₹440 करोड़ वाले तीन बैंक खातों पर ईडी की फ्रीज़ बरकरार रखी — ₹164 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जाँच जारी है। राज्य पुलिस के निर्देशों पर 12 और खाते मिलाकर ₹990 करोड़ से अधिक की रकम पाबंदियों के घेरे में है।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस कृष्णा राव की बेंच ने 20 जुलाई को TMC के तीन खातों पर ईडी की फ्रीज़ में अंतरिम हस्तक्षेप से इनकार किया।
तीनों फ्रीज़ खातों में कुल ₹440 करोड़ जमा हैं; डेबिट पाबंदी अगले आदेश तक जारी रहेगी।
ईडी ने ₹164 करोड़ के कथित संदिग्ध लेन-देन की जाँच के तहत फ्रीज़ लगाई है।
राज्य पुलिस के निर्देशों पर TMC के 12 अन्य खातों में भी डेबिट रोक, जिनमें ₹550 करोड़ से अधिक की रकम है।
पाबंदियों की शुरुआत पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास के पत्र और बागी TMC विधायकों की शिकायतों के बाद हुई।

कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने सोमवार, 20 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा लगाई गई फ्रीज़ में अंतरिम हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। इन तीनों खातों में कुल ₹440 करोड़ जमा हैं और अगले न्यायिक आदेश तक इन पर डेबिट की पाबंदियाँ जारी रहेंगी।

मामले की पृष्ठभूमि

पाबंदियों का सिलसिला पिछले महीने शुरू हुआ था, जब दो समानांतर घटनाएँ एक साथ सामने आईं। पहली — TMC के पूर्व कोषाध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल व बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर तीन खातों को फ्रीज़ करने की माँग की, जिसमें फंड के कथित दुरुपयोग की आशंका जताई गई थी। दूसरी — TMC विधायक दल के बागी गुट के विधायकों ने पुलिस से भी यही माँग की और आरोप लगाया कि इन खातों में भ्रष्टाचार व जबरन वसूली की रकम हो सकती है।

इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए राज्य पुलिस ने सर्वप्रथम बैंक को डेबिट पर रोक का निर्देश दिया। इसके बाद ईडी ने भी स्वतंत्र रूप से ₹164 करोड़ के कथित संदिग्ध लेन-देन के आधार पर इन्हीं तीन खातों पर फ्रीज़ लगा दी।

अदालत में क्या हुआ

इस महीने की शुरुआत में जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने राज्य पुलिस के निर्देशों से उपजी डेबिट रोक में 'आंशिक और अस्थायी छूट' की अनुमति दी थी। हालाँकि, ईडी की फ्रीज़ लागू होने के बाद TMC ने जस्टिस राव की बेंच में नई याचिका दायर कर ईडी के आदेश पर अंतरिम रोक की माँग की।

सोमवार को लंबी सुनवाई के बाद जस्टिस राव ने स्पष्ट किया कि अदालत इस चरण में ईडी के फैसले में दखल नहीं देगी। इस प्रकार तीनों खातों पर फ्रीज़ बरकरार रही।

ईडी की जाँच का दायरा

पिछले हफ्ते ईडी ने उस निजी क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंक के अधिकारियों को पत्र भेजा था, जहाँ तीनों में से एक खाता है। इस पत्र में ₹164 करोड़ के 'संदिग्ध' लेन-देन का ब्यौरा माँगा गया था। ईडी का यह कदम धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जाँच का हिस्सा बताया जा रहा है।

व्यापक असर: 12 और खाते भी प्रभावित

इन तीन खातों के अलावा, राज्य पुलिस के निर्देशों के बाद TMC के 12 अन्य बैंक खातों पर भी डेबिट की पाबंदियाँ लगाई जा चुकी हैं। इन खातों में कुल मिलाकर ₹550 करोड़ से अधिक की राशि जमा है। यानी पाबंदियों के दायरे में आई कुल रकम ₹990 करोड़ से ऊपर पहुँच गई है।

आगे की राह

अदालत का अगला आदेश आने तक तीनों खाते फ्रीज़ रहेंगे। यह मामला पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए राजनीतिक और वित्तीय दोनों दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। ईडी की जाँच और न्यायिक समीक्षा एक साथ जारी रहने से आने वाले हफ्तों में इस मामले में नए घटनाक्रम की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अन्यथा संभव नहीं होता। ध्यान देने वाली बात यह है कि राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसी — दोनों एक ही दिशा में काम कर रहे हैं, जो राजनीतिक रूप से असाधारण है। ₹990 करोड़ से अधिक की रकम पर पाबंदी TMC की चुनावी और संगठनात्मक क्षमता को सीधे प्रभावित कर सकती है — यह पहलू अदालती बहसों से परे है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के बैंक खातों पर क्या फैसला दिया?
जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने 20 जुलाई को TMC के तीन बैंक खातों पर ईडी द्वारा लगाई गई फ्रीज़ पर अंतरिम रोक देने से इनकार कर दिया। इसका अर्थ है कि ₹440 करोड़ वाले ये खाते अगले न्यायिक आदेश तक फ्रीज़ रहेंगे।
ईडी ने TMC के खाते क्यों फ्रीज़ किए?
ईडी ने ₹164 करोड़ के कथित संदिग्ध लेन-देन की जाँच के आधार पर इन तीन खातों पर डेबिट रोक लगाई। एजेंसी ने संबंधित निजी बैंक के अधिकारियों से इन लेन-देन का ब्यौरा भी माँगा है।
TMC के खातों पर पाबंदियाँ कब और कैसे शुरू हुईं?
पाबंदियों की शुरुआत पिछले महीने हुई जब पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने फंड दुरुपयोग की आशंका में बैंक को पत्र लिखा और बागी TMC विधायकों ने पुलिस से फ्रीज़ की माँग की। इन शिकायतों पर राज्य पुलिस ने पहले डेबिट रोक का आदेश दिया, बाद में ईडी ने स्वतंत्र रूप से फ्रीज़ लगाई।
कुल कितने TMC खातों पर पाबंदी है और कितनी रकम प्रभावित है?
ईडी द्वारा फ्रीज़ तीन खातों में ₹440 करोड़ हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस के निर्देशों पर TMC के 12 अन्य खातों में ₹550 करोड़ से अधिक पर भी डेबिट रोक लगी है, जिससे कुल प्रभावित राशि ₹990 करोड़ से ऊपर पहुँच जाती है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पहले क्या राहत दी थी और वह क्यों अप्रभावी हो गई?
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने राज्य पुलिस के निर्देशों से उपजी डेबिट रोक में 'आंशिक और अस्थायी छूट' दी थी। लेकिन इसी बीच ईडी ने स्वतंत्र रूप से अपनी फ्रीज़ लगा दी, जिससे वह राहत व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी हो गई और TMC को जस्टिस राव की बेंच में नई याचिका दायर करनी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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