25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टीएमसी के ₹1,000 करोड़ के बैंक खाते फ्रीज़: कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी की कार्रवाई को चुनौती, 13 जुलाई को सुनवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टीएमसी के ₹1,000 करोड़ के बैंक खाते फ्रीज़: कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी की कार्रवाई को चुनौती, 13 जुलाई को सुनवाई

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के लिए दोहरी मुसीबत — पहले राज्य पुलिस ने तीन खातों पर डेबिट रोकी, फिर ईडी ने उन्हें फ्रीज़ कर दिया। अब 15 खातों में ₹1,000 करोड़ अटके हैं और 13 जुलाई की सुनवाई तय हो चुकी है।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 10 जुलाई को कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी की कार्रवाई को चुनौती दी।
पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा ₹440 करोड़ ईडी द्वारा फ्रीज़ किए गए हैं।
10 जुलाई से 12 अतिरिक्त खाते भी पश्चिम बंगाल पुलिस के निर्देश पर प्रतिबंधित; इनमें ₹550 करोड़ से अधिक जमा।
दो चरणों में कुल 15 खाते और लगभग ₹1,000 करोड़ की राशि प्रभावित।
जस्टिस कृष्णा राव की बेंच ने याचिका स्वीकार की; अगली सुनवाई 13 जुलाई को।
पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी — दोनों एजेंसियाँ समानांतर जाँच कर रही हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 10 जुलाई 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस कार्रवाई को चुनौती दी, जिसमें एक निजी बैंक में पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया गया था। इन तीन खातों में ₹440 करोड़ की जमा राशि थी। जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने याचिका स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पश्चिम बंगाल पुलिस के निर्देश पर संबंधित बैंक अधिकारियों ने पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस के तीन खातों पर डेबिट से जुड़ी पाबंदियाँ लगाई थीं। इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने पहले राज्य पुलिस के इस कदम को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच में चुनौती दी, जहाँ गुरुवार को पार्टी को इन तीन खातों तक सशर्त और सीमित पहुँच की अनुमति मिल गई।

गौरतलब है कि राहत मिलने से पहले ही ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समानांतर जाँच करते हुए इसी महीने की शुरुआत में तीनों खातों को फ्रीज़ करने का आदेश दे दिया, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गईं।

दो चरणों में कार्रवाई, ₹1,000 करोड़ प्रभावित

मामला तब और गंभीर हो गया जब 10 जुलाई से पश्चिम बंगाल पुलिस के निर्देशों के बाद सरकारी और निजी बैंकों में तृणमूल कांग्रेस के 12 अन्य बैंक खातों पर भी डेबिट पर रोक लगा दी गई। सूत्रों के अनुसार, इन 12 खातों में ₹550 करोड़ से अधिक की राशि जमा है।

इस प्रकार दो चरणों में कुल 15 बैंक खाते प्रभावित हुए हैं, जिनमें कुल जमा राशि लगभग ₹1,000 करोड़ बताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।

अदालत में टीएमसी की रणनीति

ईडी की कार्रवाई के बाद टीएमसी ने जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच का रुख किया और ईडी के फ्रीज़िंग आदेश को कानूनी चुनौती दी। बेंच ने याचिका स्वीकार कर ली है और 13 जुलाई को विस्तृत सुनवाई होगी। इससे पहले जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच ने राज्य पुलिस की कार्रवाई के संदर्भ में सशर्त पहुँच दी थी, लेकिन ईडी की अलग कार्रवाई ने उस राहत को व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी कर दिया।

ईडी और पुलिस की समानांतर जाँच

इस मामले में उल्लेखनीय यह है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी — दोनों एजेंसियाँ एक साथ जाँच कर रही हैं। राज्य पुलिस ने पहले डेबिट पाबंदियाँ लगाईं, जबकि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से खातों को पूरी तरह फ्रीज़ करने का रास्ता अपनाया। दोनों एजेंसियों की समानांतर कार्रवाई ने मामले को कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर जटिल बना दिया है।

आगे क्या होगा

13 जुलाई को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत ईडी के फ्रीज़िंग आदेश पर अंतरिम राहत देती है या नहीं। तब तक तृणमूल कांग्रेस के 15 बैंक खाते और उनमें जमा लगभग ₹1,000 करोड़ की राशि प्रतिबंधों के दायरे में बनी रहेगी, जिससे पार्टी की वित्तीय गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तारूढ़ दल के वित्तीय ढाँचे को निशाना बना रहा है। ₹1,000 करोड़ की राशि का फ्रीज़ होना किसी भी राजनीतिक दल के लिए संगठनात्मक रूप से अपंग करने वाला कदम हो सकता है, खासकर चुनावी तैयारियों के बीच। सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई विधिसम्मत जाँच है या राजनीतिक दबाव का औज़ार — इसका जवाब 13 जुलाई की सुनवाई से कुछ हद तक मिल सकता है, लेकिन असली परीक्षा अदालत के बाहर जनमत में होगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते क्यों फ्रीज़ किए?
ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों की समानांतर जाँच कर रही थी और इसी जाँच के तहत इस महीने की शुरुआत में उसने तीनों खातों को फ्रीज़ करने का आदेश दिया। इन खातों में कुल ₹440 करोड़ जमा थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट में टीएमसी की याचिका पर अगली सुनवाई कब है?
जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने टीएमसी की याचिका स्वीकार कर ली है और अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित है। तब तक खातों पर लगी पाबंदियाँ जारी रहेंगी।
टीएमसी के कितने बैंक खाते और कितनी राशि प्रभावित है?
दो चरणों में कुल 15 बैंक खाते प्रभावित हुए हैं। पहले चरण में तीन खातों में ₹440 करोड़, और दूसरे चरण में 10 जुलाई से 12 अतिरिक्त खातों में ₹550 करोड़ से अधिक — कुल मिलाकर लगभग ₹1,000 करोड़ की राशि प्रतिबंधित है।
पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी की कार्रवाई में क्या अंतर है?
पश्चिम बंगाल पुलिस ने पहले बैंक अधिकारियों को निर्देश देकर खातों से डेबिट पर रोक लगवाई, जबकि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के तहत स्वतंत्र रूप से खातों को पूरी तरह फ्रीज़ किया। दोनों एजेंसियाँ समानांतर जाँच कर रही हैं, जिससे मामला कानूनी रूप से जटिल हो गया है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने पहले क्या आदेश दिया था?
जस्टिस भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने गुरुवार को टीएमसी को तीन खातों तक सशर्त और सीमित पहुँच की अनुमति दी थी, जो राज्य पुलिस की कार्रवाई के विरुद्ध राहत थी। हालाँकि, ईडी के स्वतंत्र फ्रीज़िंग आदेश ने इस राहत को व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले