10 जुलाई 2026
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दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' OTT से हटाई गई, DGPC ने जम्मू के 4 गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग का ऐलान किया

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दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' OTT से हटाई गई, DGPC ने जम्मू के 4 गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग का ऐलान किया

सारांश

दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' Zee5 पर रिलीज़ के 48 घंटे के भीतर हटाई गई — अब DGPC जम्मू ने 4 गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है। ट्रेज़रर सरदार जगपाल सिंह ने इसे लोकतंत्र पर धब्बा बताया और सच को दबाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को Zee5 पर रिलीज़ के 48 घंटे के भीतर हटा दिया गया।
DGPC जम्मू के ट्रेज़रर सरदार जगपाल सिंह ने 10 जुलाई को जम्मू के 4 गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग का ऐलान किया।
स्क्रीनिंग स्थान: गुरु नानक नगर , अखनूर , खोर ब्रायस पुरा और 14 जुलाई को तलाब टिल्लो ।
DGPC ने OTT से फिल्म हटाए जाने को लोकतंत्र पर धब्बा करार दिया।
समिति के सहयोग के बाद फिल्म अन्य गुरुद्वारों में भी दिखाई जाएगी।

फिल्म निर्माता, अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म Zee5 पर रिलीज़ के महज़ 48 घंटे के भीतर हटा दिए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। इस पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (DGPC) जम्मू के ट्रेज़रर सरदार जगपाल सिंह ने 10 जुलाई को ऐलान किया कि फिल्म को अब जम्मू के 4 गुरुद्वारों में दिखाया जाएगा।

स्क्रीनिंग का कार्यक्रम

सरदार जगपाल सिंह के अनुसार, पहले चरण में फिल्म 4 स्थानों पर दिखाई जाएगी। शुक्रवार को गुरु नानक नगर गुरुद्वारा, शनिवार को अखनूर गुरुद्वारा साहब, रविवार को खोर ब्रायस पुरा और 14 जुलाई को तलाब टिल्लो में स्क्रीनिंग निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे समिति का सहयोग मिलेगा, फिल्म अन्य गुरुद्वारों में भी दिखाई जाएगी।

DGPC की कड़ी प्रतिक्रिया

सरदार जगपाल सिंह ने OTT से फिल्म हटाए जाने को लोकतंत्र पर धब्बा बताया। उन्होंने कहा, 'हमारा देश भारत एक गुलदस्ता है। ऐसे में ओटीटी से मूवी को हटाने में शामिल सिस्टम, राजनीति या अन्य सम्मिलित लोगों के लिए यह बहुत ही शर्म की बात है।' उनका कहना है कि फिल्म में पूरी तरह हकीकत को दर्शाया गया है और सच को लोगों तक न पहुँचने देना भी एक पाप है।

CBI जाँच और कानूनी सवाल

सरदार जगपाल सिंह ने सवाल उठाया कि यदि फिल्म में दिखाई गई बातें सच नहीं हैं, तो फिल्म के विवाद में आने के बाद CBI ने जाँच क्यों नहीं की और मामला अदालत में जाने पर किसी को सज़ा क्यों नहीं हुई। यह टिप्पणी फिल्म की विषयवस्तु की विश्वसनीयता को रेखांकित करने के लिए की गई।

फिल्म का विवाद और OTT से हटाया जाना

फिल्म 'सतलुज' बिना किसी प्रमोशन के Zee5 पर रिलीज़ हुई थी, लेकिन कथित तौर पर रिलीज़ के 48 घंटे के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। फिल्म की विषयवस्तु और इसे हटाए जाने के कारण अभी तक आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब OTT प्लेटफॉर्मों पर सामग्री-नियंत्रण को लेकर व्यापक बहस जारी है।

आगे क्या होगा

DGPC के अनुसार, गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग का यह पहला चरण है और समिति के व्यापक सहयोग के बाद इसे और स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा। फिल्म को OTT से हटाए जाने के फैसले पर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर प्रतिक्रियाएँ आना जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दिखाता है कि संस्थागत दबाव के सामने समुदाय अपने माध्यम खुद बना लेते हैं। असली सवाल यह है कि Zee5 ने फिल्म क्यों हटाई — और वह जवाब अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है, जो इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी खामी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को OTT से क्यों हटाया गया?
फिल्म 'सतलुज' को Zee5 पर रिलीज़ के 48 घंटे के भीतर हटा दिया गया, हालाँकि इसके आधिकारिक कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। DGPC जम्मू ने इसे लोकतंत्र पर धब्बा बताया है।
DGPC जम्मू ने 'सतलुज' की स्क्रीनिंग कहाँ और कब रखी है?
DGPC जम्मू ने पहले चरण में 4 गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग रखी है — गुरु नानक नगर (शुक्रवार), अखनूर गुरुद्वारा साहब (शनिवार), खोर ब्रायस पुरा (रविवार) और तलाब टिल्लो (14 जुलाई)।
'सतलुज' फिल्म किस बारे में है?
DGPC ट्रेज़रर सरदार जगपाल सिंह के अनुसार, फिल्म में 'पूरी तरह से हकीकत को दर्शाया गया है।' फिल्म के विषय का विस्तृत विवरण आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसकी विषयवस्तु ही विवाद की मुख्य वजह बताई जा रही है।
क्या 'सतलुज' की स्क्रीनिंग और गुरुद्वारों में भी होगी?
DGPC जम्मू के अनुसार, पहले चरण के 4 गुरुद्वारों के बाद जैसे-जैसे समिति का सहयोग मिलेगा, फिल्म अन्य गुरुद्वारों में भी दिखाई जाएगी। अभी तक दूसरे चरण की तारीखें घोषित नहीं हुई हैं।
DGPC ने OTT से फिल्म हटाए जाने पर क्या कहा?
DGPC जम्मू के ट्रेज़रर सरदार जगपाल सिंह ने इसे 'लोकतंत्र पर धब्बा' बताया और कहा कि सच को लोगों तक न पहुँचने देना पाप है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि फिल्म में हकीकत नहीं थी तो CBI ने जाँच क्यों नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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