बिहार में एनडीए की पहली संयुक्त समन्वय बैठक, CM सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पाँचों घटक दल एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के गठन के बाद 10 जुलाई 2026 को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर गठबंधन की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की और इसमें एनडीए के सभी पाँच घटक दलों के जिला अध्यक्ष पहली बार एक साझा मंच पर एकत्रित हुए — जो इस गठबंधन के इतिहास में एक उल्लेखनीय संगठनात्मक पहल मानी जा रही है।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न दलों के जिलाध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों की राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा की।
बैठक का मुख्य एजेंडा
बैठक का केंद्रीय उद्देश्य सरकार और एनडीए के संगठनात्मक ढाँचे के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित करना था, ताकि विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिला और प्रखंड स्तर तक सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एनडीए के सभी घटक दलों के जिला अध्यक्ष अपने-अपने जिलों में नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करेंगे।
नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि संगठनात्मक समन्वय को सरकार की प्रमुख ताकत के रूप में विकसित किया जाएगा और सरकारी उपलब्धियों तथा जनहितकारी योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाई जाएगी।
नीतीश कुमार की सराहना और विश्वास
बैठक के बाद निशांत कुमार ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हो रहे कार्यों की सराहना की। निशांत कुमार के अनुसार, नीतीश कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान सरकार बिहार में पिछले दो दशकों में हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी और उन्हें और सुदृढ़ करेगी।
आगे की रणनीति
एनडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि गठबंधन का सामूहिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे। यह बैठक इस दिशा में एक सुनियोजित पहल की शुरुआत मानी जा रही है — जिसमें वरिष्ठ नेतृत्व और जमीनी स्तर के पदाधिकारियों को एक साझा मंच पर लाया गया। आने वाले हफ्तों में जिला स्तर पर होने वाली नियमित बैठकें इस समन्वय तंत्र की असली परीक्षा होंगी।