बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा ने बदला उम्मीदवार, नीरज कुमार मैदान में; राजद-जनसुराज ने उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद पार्टी ने 10 जुलाई को नीरज कुमार को अपना नया प्रत्याशी घोषित किया। इस फैसले ने विपक्षी दलों को भाजपा पर तीखे हमले का मौका दे दिया है।
नए उम्मीदवार का बयान
नए भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'पार्टी नेतृत्व ने मुझे मौका दिया है। मैं उनके काम को आगे बढ़ाऊंगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में काम करूंगा। मैं पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव लड़ूंगा, चुनौती कुछ नहीं है।'
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नए उम्मीदवार को बधाई देते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी के नए उम्मीदवार को बधाई।' हालांकि उम्मीदवार बदलने के कारणों पर पार्टी ने विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया।
राजद की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने उम्मीदवार बदलने के पीछे बताए गए 'पारिवारिक कारणों' को खारिज करते हुए कहा कि बांकीपुर में वैश्य, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के लोग एकजुट हो गए, जिससे भाजपा की नींव हिल गई। उन्होंने दावा किया कि प्रगतिशील समाज ने तय कर लिया है कि इस बार राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता को वोट देना है, जिन्हें उन्होंने 'आदिशक्ति आधी आबादी की प्रतीक' बताया।
शक्ति सिंह ने यह भी कहा कि अभिषेक कुमार सिन्हा भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े थे और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के करीबी माने जाते थे। उनके अनुसार, जनता ने महंगाई और पटना की सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा को नकारने का मन बना लिया है।
जनसुराज पार्टी का तंज
जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी दो दिन पहले तक कह रही थी कि बांकीपुर उनका गढ़ है और किसी को भी खड़ा करने पर जीत मिलेगी, लेकिन अब उम्मीदवार बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता नए उम्मीदवार को भी परखेगी।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि भाजपा 'उहापोह की स्थिति' में है और पार्टी के नेता, कार्यकर्ता तथा वोटर इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं कि सम्राट चौधरी जैसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा सीट को भाजपा का परंपरागत गढ़ माना जाता है। उपचुनाव में उम्मीदवार बदलने की यह स्थिति पार्टी के भीतर आंतरिक समीकरणों और स्थानीय राजनीतिक दबाव की ओर संकेत करती है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में गठबंधन की राजनीति नए मोड़ पर है।
आगे क्या
अब सभी की निगाहें नए भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार के प्रचार अभियान और राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता के साथ मुकाबले पर टिकी हैं। उपचुनाव के नतीजे बिहार की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन की पकड़ का अहम संकेत देंगे।