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महाराष्ट्र में यूसीसी लागू होगा: शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने किया स्वागत, 6 महीने में आएगी समिति की रिपोर्ट

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महाराष्ट्र में यूसीसी लागू होगा: शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने किया स्वागत, 6 महीने में आएगी समिति की रिपोर्ट

सारांश

महाराष्ट्र में यूसीसी की राह तैयार हो रही है — शिवसेना ने खुलकर समर्थन किया, सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज की अगुवाई में समिति बनी और छह महीने में रिपोर्ट आएगी। इसी के साथ हेगड़े ने कांग्रेस और उद्धव गुट पर चुनावी हार का आंकड़ा सामने रखकर तीखा हमला बोला।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने 10 जुलाई को महाराष्ट्र में यूसीसी लागू होने का स्वागत किया।
राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में यूसीसी समीक्षा समिति गठित की, जो 6 महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।
हेगड़े के अनुसार पिछले दो वर्षों में कांग्रेस महाराष्ट्र में 5 चुनाव और राष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक चुनाव हार चुकी है।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दावा किया कि उनके पास सर्वाधिक विधायक, सांसद और पार्टी का चुनाव चिह्न है।
प्रताप सरनाईक ने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं — उद्धव, राउत और शिंदे का एक साथ दिखना संभव।

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने 10 जुलाई को मुंबई में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने यूसीसी के कानूनी पहलुओं की समीक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है, जो छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार यूसीसी पर अमल की दिशा में आगे बढ़ेगी।

यूसीसी पर महाराष्ट्र की तैयारी

हेगड़े ने बताया कि गठित समिति यूसीसी के कानूनी पक्ष का गहन अध्ययन करेगी और सुझाव, सुधार तथा संभावित कमियों पर अपनी राय देगी। उन्होंने कहा, 'यूसीसी लागू किए जाने का कार्य पूरे देश में हो रहा है। दूसरे राज्यों में भी इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महाराष्ट्र में भी यूसीसी का फ्रेमवर्क तैयार होने जा रहा है, जिसका हम स्वागत करते हैं।' गौरतलब है कि उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है, और अब अन्य भाजपा-शासित राज्य भी इसी राह पर चल रहे हैं।

कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायकों में नाराजगी संबंधी दिए गए बयान पर हेगड़े ने कहा कि चव्हाण एक वरिष्ठ नेता हैं और केंद्रीय मंत्री तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उनके पास ऐसी जानकारी हो सकती है। हालाँकि उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में सुझाव दिया कि चव्हाण दूसरी पार्टियों पर नज़र रखने की बजाय अपनी पार्टी की स्थिति सुधारने पर ध्यान दें। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र में कांग्रेस पाँच चुनाव हार चुकी है और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी 100 से अधिक चुनाव हार चुकी है।

शरद पवार-एकनाथ शिंदे मुलाकात पर प्रतिक्रिया

शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत के बयान को लेकर हेगड़े ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में उद्धव ठाकरे की पार्टी भी पाँच चुनाव हार चुकी है और जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि बालासाहेब ठाकरे के असली उत्तराधिकारी कौन हैं। उन्होंने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना ने सभी चुनाव जीते हैं और सर्वाधिक विधायक, सांसद तथा पार्टी का चुनाव चिह्न उनके पास है।

राजनीतिक विचारधारा और भविष्य की संभावनाएँ

शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक की उस टिप्पणी पर — जिसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता और उद्धव ठाकरे, संजय राउत व एकनाथ शिंदे का एक साथ दिखना आश्चर्यजनक नहीं होगा — हेगड़े ने कहा कि यह महाराष्ट्र की राजनीतिक विचारधारा को दर्शाता है, जहाँ विचारों में मतभेद हो सकता है, किंतु व्यक्तिगत शत्रुता नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में उनकी पार्टी पर एकतरफा हमले होते रहे, लेकिन उन्होंने पलटवार की बजाय कामों से जवाब दिया। महाराष्ट्र की राजनीति में यूसीसी अब एक केंद्रीय मुद्दा बनती जा रही है और समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस पर नई बहस छिड़ना तय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक जोखिम को टालने की रणनीति भी हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद अन्य राज्यों पर भाजपा गठबंधन की ओर से दबाव बढ़ रहा है। हेगड़े के बयान में यूसीसी की वकालत के साथ-साथ विपक्ष पर चुनावी हार के आँकड़े उछालना यह दर्शाता है कि यह मुद्दा नीतिगत कम और राजनीतिक अधिक है। असली परीक्षा यह होगी कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार उसे लागू करने का साहस दिखाती है या इसे अनिश्चितकाल के लिए ठंडे बस्ते में डाल देती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में यूसीसी के लिए गठित समिति क्या करेगी?
सर्वोच्च न्यायालय की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित यह समिति यूसीसी के कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी और छह महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में सुझाव, सुधार और संभावित कमियाँ शामिल होंगी।
शिवसेना ने यूसीसी का समर्थन क्यों किया?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने कहा कि यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया पूरे देश में चल रही है और महाराष्ट्र भी इससे अलग नहीं रहेगा। उनके अनुसार यह राष्ट्रीय एकता और समानता की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
महाराष्ट्र में यूसीसी कब लागू होगा?
अभी कोई निश्चित तारीख तय नहीं है। पहले समिति छह महीने में रिपोर्ट देगी, उसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी। हेगड़े के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही अमल की दिशा स्पष्ट होगी।
शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर शिवसेना का क्या कहना है?
कृष्ण हेगड़े ने कहा कि अनुभवी नेताओं का आपस में मिलना स्वाभाविक है और संजय राउत को इस पर आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में विचारों में मतभेद हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत शत्रुता नहीं होती।
कांग्रेस पर शिवसेना ने क्या आरोप लगाए?
हेगड़े ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में कांग्रेस महाराष्ट्र में पाँच चुनाव हार चुकी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक चुनाव हार चुकी है। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण को सुझाव दिया कि वे दूसरी पार्टियों पर नज़र रखने की बजाय अपनी पार्टी को मजबूत करें।
राष्ट्र प्रेस
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