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टीएमसी का ईडी पर पलटवार: बैंक खाते फ्रीज करना राजनीतिक प्रतिशोध, चुनाव आयोग को सभी चंदा विवरण दिए

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टीएमसी का ईडी पर पलटवार: बैंक खाते फ्रीज करना राजनीतिक प्रतिशोध, चुनाव आयोग को सभी चंदा विवरण दिए

सारांश

TMC ने ED की बैंक खाता फ्रीज कार्रवाई को राजनीतिक हथियार बताया और दावा किया कि चंदे का हर विवरण चुनाव आयोग व आयकर विभाग को पहले से दिया जा चुका है। पार्टी ने BJP पर जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कानूनी लड़ाई का ऐलान किया।

मुख्य बातें

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 8 जुलाई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा बैंक खाते कथित तौर पर फ्रीज किए जाने को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।
पार्टी ने कहा कि चंदे से जुड़े सभी वित्तीय विवरण चुनाव आयोग (ECI) और आयकर विभाग को विधिवत सौंपे गए हैं और ECI की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।
इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े विवरण भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से जारी हुए थे और सर्वोच्च न्यायालय को भी उपलब्ध कराए गए थे।
TMC ने BJP पर जाँच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को खतरे में डालता है।
पार्टी ने अपने कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आगे की कार्रवाई का ऐलान किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 8 जुलाई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर सीधा हमला बोलते हुए पार्टी के बैंक खातों को कथित तौर पर फ्रीज किए जाने की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि चंदे से जुड़े सभी वित्तीय विवरण भारत के चुनाव आयोग (ECI) और आयकर विभाग को विधिवत सौंपे जा चुके हैं और किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने का प्रश्न ही नहीं उठता।

मुख्य घटनाक्रम

TMC ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी बयान में कहा कि पार्टी के बैंक खातों में उपलब्ध समस्त धनराशि का पूरा विवरण संबंधित संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं को दे दिया गया है। पार्टी के अनुसार, यह जानकारी हर वर्ष चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित होती है और आम नागरिक भी इसे देख सकते हैं।

पार्टी ने इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे का भी उल्लेख किया और कहा कि इस संदर्भ में सभी जानकारी पहले से ही केंद्र सरकार के पास मौजूद है। TMC के अनुसार, ये बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा जारी किए गए थे और उनसे जुड़े विवरण बाद में सर्वोच्च न्यायालय को भी उपलब्ध कराए गए थे।

ईडी की कार्रवाई पर टीएमसी का रुख

TMC ने ED के इस निर्णय को मनमाना और गैर-कानूनी बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। पार्टी का कहना है कि यह कदम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने की सुनियोजित कोशिश है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जाँच एजेंसियों का कथित तौर पर विपक्षी दलों के विरुद्ध इस्तेमाल करना भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर असर

TMC ने चेतावनी दी कि इस प्रकार की कार्रवाइयाँ लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर के सिद्धांत को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय जाँच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के आरोप नए नहीं हैं — यह मुद्दा पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति में बहस का केंद्र बना हुआ है।

आगे की कार्रवाई

TMC ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में अपने कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी। पार्टी ने दोहराया कि वित्तीय पारदर्शिता के सभी निर्धारित नियमों का पालन किया गया है और वह किसी भी जाँच का सामना करने के लिए तैयार है। यह विवाद आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो TMC के तर्क को आंशिक बल देता है। बिना स्वतंत्र जाँच और पारदर्शी प्रक्रिया के, इस तरह की कार्रवाइयाँ चुनावी समर में जाँच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े करती हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के बैंक खाते क्यों फ्रीज किए गए?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज किए हैं, हालाँकि ED की ओर से इस कार्रवाई के आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। TMC ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है।
TMC ने चंदे की पारदर्शिता को लेकर क्या कहा?
TMC का कहना है कि चंदे से जुड़े सभी वित्तीय विवरण चुनाव आयोग (ECI) और आयकर विभाग को विधिवत सौंपे गए हैं और ये जानकारियाँ ECI की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। पार्टी के अनुसार वित्तीय पारदर्शिता के सभी नियमों का पालन किया गया है।
इलेक्टोरल बॉन्ड और इस विवाद का क्या संबंध है?
TMC ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा जारी किए गए थे और उनसे जुड़े विवरण सर्वोच्च न्यायालय को भी उपलब्ध कराए गए थे। पार्टी के अनुसार इस विषय में कोई अस्पष्टता नहीं है और केंद्र सरकार के पास पहले से ही पूरी जानकारी है।
TMC ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
TMC ने आरोप लगाया कि जाँच एजेंसियों का कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों के विरुद्ध इस्तेमाल करना BJP की कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं।
TMC आगे क्या कदम उठाएगी?
TMC ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में अपने कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी। पार्टी ने ED की कार्रवाई को मनमाना और गैर-कानूनी बताते हुए इसे कानूनी रूप से चुनौती देने का संकेत दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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