3 अगस्त 2026
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टीएमसी बैंक खाता फ्रीज मांग: विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अरूप बिस्वास का समर्थन किया

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टीएमसी बैंक खाता फ्रीज मांग: विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अरूप बिस्वास का समर्थन किया

सारांश

TMC के भीतर संगठनात्मक विभाजन अब बैंक खाते तक पहुँच गया है। पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने ₹675 करोड़ वाले खाते को फ्रीज कराने की माँग की, और विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने इसे खुला समर्थन दिया — यह 58 विधायकों की बगावत के बाद पार्टी के लिए एक और बड़ा झटका है।

मुख्य बातें

विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 18 जून 2026 को TMC बैंक खाता फ्रीज करने की माँग का समर्थन किया।
पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने 12 जून को एक निजी बैंक को पत्र लिखकर खाते में यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया।
विवादित बैंक खाते में चुनाव आयोग को सौंपी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार ₹675 करोड़ जमा हैं।
5 जून को TMC ने बिस्वास की जगह पूर्व सांसद सुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया था।
पार्टी में कथित तौर पर 58 विधायकों की बगावत के बीच दोनों गुट खुद को 'असली' TMC बता रहे हैं।

कोलकाता में राज्य विधानसभा के विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 18 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास की उस माँग का खुलकर समर्थन किया, जिसमें बिस्वास ने एक निजी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक खाते को तत्काल फ्रीज करने का अनुरोध किया था। यह घटनाक्रम TMC के भीतर उस बड़े संगठनात्मक विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 58 विधायक पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध बगावत की मुद्रा में हैं।

ऋतब्रत बनर्जी का बयान

बनर्जी ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा, 'अरूप बिस्वास के पत्र में दम है। क्या गारंटी है कि इस अकाउंट में चोरी का या गबन किया हुआ पैसा नहीं है? मैं तृणमूल का अकाउंट फ्रीज करने की माँग का समर्थन करता हूँ।' उनके इस बयान ने TMC के आंतरिक संकट को और गहरा कर दिया है।

अरूप बिस्वास का पत्र और बैंक खाते का विवाद

पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास — जो TMC के पूर्व मंत्री भी रहे हैं — ने 12 जून की तारीख वाला एक पत्र एक निजी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को भेजा, जो बैंक को 16 जून को प्राप्त हुआ। इस पत्र में उन्होंने बैंक अधिकारियों से अनुरोध किया कि खाते से धनराशि की निकासी पर तत्काल रोक लगाई जाए और यथास्थिति बनाए रखी जाए, जब तक पार्टी के नेतृत्व एवं नियंत्रण को लेकर चल रहा विवाद नहीं सुलझता।

पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इस खाते में ₹675 करोड़ जमा हैं। बिस्वास ने पत्र में बैंक को यह भी सचेत किया कि पहले से हस्ताक्षरित चेकों के दुरुपयोग से बचाव के उपाय किए जाएँ और अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा किसी भी लेन-देन को रोका जाए।

संगठनात्मक फेरबदल और दावेदारी का टकराव

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद 5 जून को TMC ने संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की थी, जिसमें बिस्वास की जगह पूर्व सांसद सुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। हालाँकि, बिस्वास ने अपने पत्र में दावा किया कि वे अभी भी पार्टी के वैध कोषाध्यक्ष हैं। इसी दावेदारी के टकराव ने यह संवैधानिक अनिश्चितता पैदा की है कि बैंक खाता संचालित करने का अधिकार किसे है।

राजनीतिक विश्लेषण

एक राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी इस पूरे घटनाक्रम का उपयोग अपने गुट को 'असली' तृणमूल कांग्रेस के रूप में स्थापित करने के लिए कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर लगभग 58 विधायकों के विद्रोही रुख ने नेतृत्व की वैधता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगे क्या होगा

बैंक खाते के नियंत्रण का यह विवाद अब कानूनी और संगठनात्मक — दोनों स्तरों पर सुलझाया जाना बाकी है। चुनाव आयोग की भूमिका और न्यायिक हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों गुट खुद को पार्टी का असली प्रतिनिधि बता रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऋतब्रत बनर्जी का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि विद्रोही गुट अब केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि संस्थागत कदम उठाने की स्थिति में आ गया है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज कर रही है वह यह है कि चुनाव आयोग का 'असली पार्टी' तय करने का अधिकार और न्यायिक हस्तक्षेप की संभावना इस विवाद को एक लंबी कानूनी लड़ाई में बदल सकती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी का बैंक खाता फ्रीज करने की माँग क्यों की गई?
पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने पार्टी के भीतर नेतृत्व विवाद के कारण यह माँग की, ताकि अनधिकृत व्यक्ति खाते से धनराशि न निकाल सकें। खाते में ₹675 करोड़ जमा हैं और दोनों गुट खुद को पार्टी का असली प्रतिनिधि बता रहे हैं।
अरूप बिस्वास और सुभाशीष चक्रवर्ती में कोषाध्यक्ष पद को लेकर विवाद क्या है?
5 जून को TMC ने संगठनात्मक फेरबदल में अरूप बिस्वास की जगह सुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। हालाँकि, बिस्वास ने बैंक को भेजे पत्र में दावा किया कि वे अभी भी वैध कोषाध्यक्ष हैं, जिससे बैंक खाते के संचालन पर कानूनी अनिश्चितता पैदा हो गई।
ऋतब्रत बनर्जी ने बैंक खाता फ्रीज माँग का समर्थन क्यों किया?
विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि अरूप बिस्वास के पत्र में दम है और यह गारंटी नहीं दी जा सकती कि खाते में गबन का पैसा नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वे इस कदम के ज़रिए अपने गुट को 'असली' TMC के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
टीएमसी में 58 विधायकों की बगावत का खाता विवाद से क्या संबंध है?
विधानसभा चुनाव में हार के बाद कथित तौर पर 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की, जिससे दो प्रतिस्पर्धी गुट बन गए। इसी गुटबाजी के कारण बैंक खाते के अधिकृत संचालक को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई, जिसे बिस्वास ने अपने पत्र में रेखांकित किया।
इस विवाद में आगे क्या हो सकता है?
बैंक खाते पर नियंत्रण का यह विवाद चुनाव आयोग के समक्ष या न्यायालय में जा सकता है, जहाँ 'असली' TMC की पहचान तय होगी। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, बैंक खाते में यथास्थिति बनाए रखने की माँग प्रभावी रह सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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