TMC फंड विवाद: ₹30 करोड़ 'लीप्स एंड बाउंड्स' को ट्रांसफर का आरोप, सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल का बयान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 31 अगस्त को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी खाते से लगभग ₹30 करोड़ की राशि अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताई जा रही कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' को कथित तौर पर हस्तांतरित की गई है। उनके अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल के बयान के बाद यह मामला देश के सबसे बड़े राजनीतिक वित्तीय विवादों में से एक बन गया है।
मुख्य आरोप और विपक्ष का पक्ष
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'सिर्फ चुनाव चिन्ह का जिक्र मत करो, हर चीज के बारे में बोलो; चुनाव चिन्ह के साथ-साथ फंड का भी जिक्र था, और उनकी नजरें पूरी तरह से फंड पर टिकी हैं, क्योंकि जब यह सब सामने आएगा कि पार्टी का पैसा भतीजे की कंपनी को भेजा जा रहा है, तो छवि को और भी ज्यादा नुकसान होगा।'
उन्होंने यह भी कहा, 'पूरे भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा कभी हुआ है, कोई सोच भी नहीं सकता था, जहां कोई अकाउंट या रिकॉर्ड बुक नहीं है और जो ममता बनर्जी कहती हैं, वही सही माना जाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि चूँकि दोनों पक्षों ने चुनाव आयोग (ECI) को लिखित में अपना पक्ष रखा है, इसलिए आयोग के फैसले का इंतजार करना उचित होगा।
लीप्स एंड बाउंड्स और SSC स्कैम का संबंध
ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल ने यह बयान दिया कि लगभग ₹30 करोड़ की राशि 'लीप्स एंड बाउंड्स' नामक कंपनी को हस्तांतरित की गई, जो कथित तौर पर SSC (शिक्षक भर्ती) घोटाले में जाँच के दायरे में है और चार्जशीटेड भी है। यह ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही कई वित्तीय विवादों के घेरे में है।
गौरतलब है कि 'लीप्स एंड बाउंड्स' को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताया जा रहा है, हालाँकि इस संबंध की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है।
अभिषेक बनर्जी का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'BJP सरकार सिर्फ तीन दिन पहले हमारी पार्टी का साइन बोर्ड गैर-कानूनी तरीके से हटाने से ही संतुष्ट नहीं थी। आज, फायर सेफ्टी ऑडिट करने के लिए हमारे पार्टी ऑफिस में फायर डिपार्टमेंट को भेजा गया है और जाहिर है, साथ में कैमरे, पब्लिसिटी स्टंट और मीडिया का वही पुराना तमाशा भी है।'
EVM आग का मुद्दा और BJP पर मिलीभगत का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने प्रशासनिक सक्रियता पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि यह जोश तब क्यों नहीं दिखा जब चुनाव से ठीक एक महीने पहले एक रहस्यमयी आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 वीवीपैट जलकर खाक हो गए थे।
उन्होंने BJP और चुनाव आयोग (ECI) पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि 12,000 चुनावी मशीनों के नष्ट होने पर किसी ने फायर ऑडिट की जरूरत नहीं समझी, लेकिन विपक्षी पार्टी के कार्यालय पर अचानक यह चिंता जाग उठी।
आगे क्या होगा
TMC चुनाव चिन्ह विवाद और ₹30 करोड़ के कथित फंड ट्रांसफर के मामले में चुनाव आयोग का फैसला अब सबसे अहम होगा। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की अगली तारीख पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। 'लीप्स एंड बाउंड्स' मामले में SSC घोटाले की जाँच के साथ-साथ इस नए आरोप की जाँच भी आगे बढ़ सकती है।