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TMC फंड विवाद: ₹30 करोड़ 'लीप्स एंड बाउंड्स' को ट्रांसफर का आरोप, सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल का बयान

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TMC फंड विवाद: ₹30 करोड़ 'लीप्स एंड बाउंड्स' को ट्रांसफर का आरोप, सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल का बयान

सारांश

पश्चिम बंगाल में TMC का चुनाव चिन्ह विवाद अब वित्तीय घोटाले के आरोपों में बदल गया है। विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि पार्टी खाते से ₹30 करोड़ अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी को भेजे गए — और सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल के बयान ने इस विवाद को नई धार दे दी है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि TMC के पार्टी खाते से ₹30 करोड़ कथित तौर पर 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी को ट्रांसफर किए गए।
सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल ने यह बयान दिया, जिससे मामले को कानूनी वजन मिला।
'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी SSC घोटाले में पहले से जाँच के दायरे में है और चार्जशीटेड बताई जा रही है।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने BJP पर पलटवार करते हुए पार्टी कार्यालय में फायर ऑडिट को 'राजनीतिक उत्पीड़न' बताया।
अभिषेक ने चुनाव से पहले 12,000 EVM जलने की घटना पर प्रशासनिक निष्क्रियता का भी सवाल उठाया।
दोनों पक्षों ने चुनाव आयोग (ECI) को लिखित पक्ष सौंपा है; आयोग का फैसला अब निर्णायक होगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 31 अगस्त को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी खाते से लगभग ₹30 करोड़ की राशि अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताई जा रही कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' को कथित तौर पर हस्तांतरित की गई है। उनके अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल के बयान के बाद यह मामला देश के सबसे बड़े राजनीतिक वित्तीय विवादों में से एक बन गया है।

मुख्य आरोप और विपक्ष का पक्ष

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'सिर्फ चुनाव चिन्ह का जिक्र मत करो, हर चीज के बारे में बोलो; चुनाव चिन्ह के साथ-साथ फंड का भी जिक्र था, और उनकी नजरें पूरी तरह से फंड पर टिकी हैं, क्योंकि जब यह सब सामने आएगा कि पार्टी का पैसा भतीजे की कंपनी को भेजा जा रहा है, तो छवि को और भी ज्यादा नुकसान होगा।'

उन्होंने यह भी कहा, 'पूरे भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा कभी हुआ है, कोई सोच भी नहीं सकता था, जहां कोई अकाउंट या रिकॉर्ड बुक नहीं है और जो ममता बनर्जी कहती हैं, वही सही माना जाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि चूँकि दोनों पक्षों ने चुनाव आयोग (ECI) को लिखित में अपना पक्ष रखा है, इसलिए आयोग के फैसले का इंतजार करना उचित होगा।

लीप्स एंड बाउंड्स और SSC स्कैम का संबंध

ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल ने यह बयान दिया कि लगभग ₹30 करोड़ की राशि 'लीप्स एंड बाउंड्स' नामक कंपनी को हस्तांतरित की गई, जो कथित तौर पर SSC (शिक्षक भर्ती) घोटाले में जाँच के दायरे में है और चार्जशीटेड भी है। यह ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही कई वित्तीय विवादों के घेरे में है।

गौरतलब है कि 'लीप्स एंड बाउंड्स' को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताया जा रहा है, हालाँकि इस संबंध की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है।

अभिषेक बनर्जी का पलटवार

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'BJP सरकार सिर्फ तीन दिन पहले हमारी पार्टी का साइन बोर्ड गैर-कानूनी तरीके से हटाने से ही संतुष्ट नहीं थी। आज, फायर सेफ्टी ऑडिट करने के लिए हमारे पार्टी ऑफिस में फायर डिपार्टमेंट को भेजा गया है और जाहिर है, साथ में कैमरे, पब्लिसिटी स्टंट और मीडिया का वही पुराना तमाशा भी है।'

EVM आग का मुद्दा और BJP पर मिलीभगत का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने प्रशासनिक सक्रियता पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि यह जोश तब क्यों नहीं दिखा जब चुनाव से ठीक एक महीने पहले एक रहस्यमयी आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 वीवीपैट जलकर खाक हो गए थे।

उन्होंने BJP और चुनाव आयोग (ECI) पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि 12,000 चुनावी मशीनों के नष्ट होने पर किसी ने फायर ऑडिट की जरूरत नहीं समझी, लेकिन विपक्षी पार्टी के कार्यालय पर अचानक यह चिंता जाग उठी।

आगे क्या होगा

TMC चुनाव चिन्ह विवाद और ₹30 करोड़ के कथित फंड ट्रांसफर के मामले में चुनाव आयोग का फैसला अब सबसे अहम होगा। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की अगली तारीख पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। 'लीप्स एंड बाउंड्स' मामले में SSC घोटाले की जाँच के साथ-साथ इस नए आरोप की जाँच भी आगे बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अभिषेक बनर्जी का EVM आग वाला पलटवार भी वैध सवाल उठाता है — लेकिन वह एक अलग विवाद को इस मामले से मिलाने की कोशिश भी है। असली परीक्षा यह है कि चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय दोनों मामलों में क्या रुख अपनाते हैं, क्योंकि बिना संस्थागत जवाबदेही के, यह विवाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की लंबी सूची में सिमट सकता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के ₹30 करोड़ फंड ट्रांसफर का आरोप क्या है?
विपक्ष नेता ऋतब्रत बनर्जी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के पार्टी खाते से लगभग ₹30 करोड़ की राशि 'लीप्स एंड बाउंड्स' नामक कंपनी को कथित तौर पर ट्रांसफर की गई, जो अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताई जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल ने इस बाबत बयान दिया है।
'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी क्या है और यह विवाद में क्यों है?
'लीप्स एंड बाउंड्स' एक कंपनी है जिसे TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ा बताया जा रहा है। यह कंपनी कथित तौर पर SSC (शिक्षक भर्ती) घोटाले में जाँच के दायरे में है और चार्जशीटेड बताई जा रही है।
TMC चुनाव चिन्ह विवाद और फंड ट्रांसफर का आपस में क्या संबंध है?
ऋतब्रत बनर्जी का आरोप है कि TMC का चुनाव चिन्ह विवाद असल में फंड ट्रांसफर मामले से ध्यान भटकाने की रणनीति है। उनके अनुसार, पार्टी नैरेटिव बनाने की जल्दी में है ताकि वित्तीय लेन-देन पर सवाल न उठें।
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि BJP सरकार ने उनके पार्टी कार्यालय का साइन बोर्ड हटाया और फिर फायर डिपार्टमेंट भेजकर फायर सेफ्टी ऑडिट कराई। उन्होंने इसे राजनीतिक उत्पीड़न बताया और सवाल उठाया कि चुनाव से पहले 12,000 EVM जलने पर यही सक्रियता क्यों नहीं दिखी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
चुनाव आयोग (ECI) को दोनों पक्षों ने लिखित में अपना पक्ष सौंपा है, इसलिए आयोग का फैसला निर्णायक होगा। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय में अगली सुनवाई और SSC घोटाले की जाँच के साथ-साथ 'लीप्स एंड बाउंड्स' फंड ट्रांसफर मामले की भी जाँच आगे बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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