ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: BJP पुलिस के ज़रिए TMC तोड़ने की कोशिश कर रही है, अनैतिक नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सर्वोच्च नेता और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार, 1 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक लाइव संदेश के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों में कथित अनुचित तरीकों से जीत दर्ज करने के बाद BJP अब राज्य पुलिस का इस्तेमाल TMC को भीतर से कमज़ोर करने के लिए कर रही है। ममता ने यह भी स्पष्ट किया कि नैतिक मूल्यों से रहित किसी भी नेता के लिए तृणमूल कांग्रेस में कोई स्थान नहीं है।
मुख्य आरोप: पुलिस और BJP दफ्तरों से धमकी भरे फोन
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि TMC के कई विधायकों को राज्य पुलिस की ओर से धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिनमें उन्हें पार्टी की गतिविधियों से दूर रहने और झूठे मुकदमों में फँसाने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हीं विधायकों को BJP कार्यालयों से संपर्क कर पार्टी को अंदर से तोड़ने के लिए उकसाया जा रहा है।
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि TMC को सार्वजनिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए पुलिस अनुमति चुनिंदा ढंग से नहीं दी जा रही, जबकि BJP की तथाकथित सहयोगी अन्य पार्टियों को यह अनुमति आसानी से मिल जाती है।
दो नेताओं का निष्कासन और ममता की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी के इस लाइव संदेश से ठीक पहले TMC ने उत्तरी कोलकाता के एंटाली निर्वाचन क्षेत्र से संदीपन साहा और हावड़ा ज़िले के उलुबेरिया (पुरबा) से ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित करने की घोषणा की।
हालाँकि ममता ने इन दोनों नेताओं का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनके संदेश का संदर्भ स्पष्ट था। उन्होंने कहा, 'जितनी जल्दी वे पार्टी छोड़ देंगे, उतना ही अच्छा होगा। हम पार्टी का पुनर्निर्माण करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता पार्टी की बदौलत सांसद और विधायक बने, वे अब उसी पार्टी को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी पर हमले की कड़ी निंदा
ममता बनर्जी ने अपने लाइव संदेश में शनिवार दोपहर दक्षिण 24 परगना ज़िले के सोनारपुर में TMC महासचिव और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर भी BJP और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा, 'शनिवार को अभिषेक पर जिस तरह से हमला हुआ, मैं उसकी कड़ी निंदा करती हूँ। अब पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर रही है जिसने हमले के दौरान उसे बचाने की कोशिश की।' ममता ने कहा कि समय पर हेलमेट न मिला होता तो अभिषेक की जान जा सकती थी। उन्होंने BJP नेताओं की उस प्रतिक्रिया पर भी कटाक्ष किया जिसमें कहा गया था कि अभिषेक अभी भी जीवित हैं।
TMC की आंतरिक चुनौतियाँ और भविष्य की राह
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के हालिया चुनाव परिणामों के बाद TMC के भीतर आंतरिक कलह की खबरें सामने आ रही हैं। ममता ने स्वीकार किया कि जब पार्टी सत्ता में थी, तब भी कुछ अंदरूनी मतभेद उभरे थे, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि अनैतिक तत्वों को दोबारा प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
आलोचकों का कहना है कि TMC के लिए यह संगठनात्मक पुनर्गठन का निर्णायक दौर है। पार्टी के भविष्य के कदम — विशेष रूप से निष्कासित नेताओं के राजनीतिक रुख और BJP की प्रतिक्रिया — आने वाले हफ्तों में बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेंगे।