ममता बनर्जी का BJP सरकार पर हमला: 'बंगाल में बुलडोजर राजनीति नहीं चलेगी'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 17 मई 2026 को राज्य की नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि बंगाल में बुलडोजर की राजनीति नहीं चलती और राज्य के आम नागरिकों की गरिमा पर सुनियोजित हमला हो रहा है। हावड़ा स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर चले बेदखली अभियान और तिलजाला तथा पार्क सर्कस में उभरे जन-असंतोष को उन्होंने अपनी आलोचना का आधार बनाया।
ममता बनर्जी के आरोप
ममता ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि घरों से लेकर फेरीवालों तक, गरीब तबका राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहा है। उनके शब्दों में, 'दिहाड़ी मजदूर, सड़क किनारे विक्रेता, छोटे दुकानदार और संघर्षरत परिवार जिन्होंने ईंट-ईंट जोड़कर अपना जीवन बनाया है — यह उन्हीं लोगों की गरिमा पर हमला है।'
उन्होंने आगे कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती पर भय, बल और विध्वंसकारी अभियानों के ज़रिए शासन नहीं किया जा सकता। 'जो सरकार पहले विध्वंस करती है और बाद में सुनती है, वह बंगाल की आत्मा को ही भूल चुकी है,' — यह उनका सीधा आरोप था।
बेदखली अभियान और जन-असंतोष
हावड़ा स्टेशन के आसपास हुए बड़े पैमाने के बेदखली अभियान को ममता ने 'मानवता से ज़्यादा दिखावे की दीवानगी' करार दिया। तिलजाला और पार्क सर्कस की सड़कों पर भड़के आक्रोश और अचानक बेघर हुए परिवारों की बढ़ती हताशा को उन्होंने नई सरकार की विफलता का प्रमाण बताया। यह ऐसे समय में आया है जब BJP ने पश्चिम बंगाल में सत्ता संभाली है और उसके प्रशासनिक कदमों पर विपक्ष की नज़र टिकी है।
TMC के पूर्व विधायक की पार्टी के खिलाफ शिकायत
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के तीन बार विधायक रह चुके और ममता की पिछली कैबिनेट में अल्पसंख्यक मामलों व मदरसा शिक्षा मंत्री के पद पर रहे गियासुद्दीन मोल्ला ने दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के एक स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत TMC के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी तथा पुलिस अधिकारी मिथुन कुमार डे के खिलाफ है।
मोल्ला ने रविवार को शिकायत दर्ज कराने की पुष्टि करते हुए कहा, 'मैं डर के साए में जी रहा था, इसलिए मैंने मुंह खोलने की हिम्मत नहीं की। मुझे डर था कि मेरी ही पार्टी के कार्यकर्ता मुझ पर हमला कर सकते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अब वे नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले प्रशासन पर भरोसा करते हैं, इसलिए शिकायत दर्ज कराने का साहस जुटा पाए।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC और BJP के बीच टकराव लगातार तेज़ हो रहा है। ममता की यह प्रतिक्रिया और मोल्ला की पार्टी के ही वरिष्ठ नेता के खिलाफ शिकायत — दोनों मिलकर बंगाल की राजनीति में एक नए और जटिल अध्याय की शुरुआत का संकेत देते हैं। आने वाले दिनों में इन शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई और TMC की आंतरिक प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र रहेगी।