बुलडोजर संस्कृति पर सयानी घोष का पलटवार: 'बंगाल के लोग खुद तय करें क्या चाहते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सयानी घोष ने 14 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में जारी बुलडोजर कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल की जनता खुद तय करे कि वह 'बुलडोजर की संस्कृति' चाहती है या नहीं। कोलकाता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के आदेश पर अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान शुरू होने के बाद यह राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है।
सयानी घोष का बयान
घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर बंगाल के लोग बुलडोजर की संस्कृति चाहते हैं तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनी रहेगी, और अगर वे शांति की संस्कृति चाहते हैं तो ममता बनर्जी वापस आएंगी।' उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को BJP की पहचान बताते हुए कहा कि यह रवैया असम और उत्तर प्रदेश में भले चले, बंगाल में नहीं चलेगा।
घोष ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री हैं और भविष्य में एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगी। उनका यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
एकजुटता की अपील
TMC सांसद ने BJP को हराने के लिए व्यापक एकता की अपील की। उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं, मज़दूरों और हर समुदाय व धर्म के लोगों से एक साथ आने का आह्वान किया। घोष ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन मिलकर लड़ेगा और ममता बनर्जी निश्चित रूप से इस लड़ाई में सबसे आगे रहेंगी।
तिलजला अग्निकांड और बुलडोजर कार्रवाई
कोलकाता के तिलजला इलाके में एक रिहायशी इमारत में संचालित अवैध फैक्ट्री में आग लगने से 2 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के 30 घंटे के भीतर ही मुख्यमंत्री अधिकारी के आदेश पर उस अवैध फैक्ट्री को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारी ने कहा था कि फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी और एक दिन के भीतर उसे गिराने का निर्देश दिया।
बंगाल की नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बुधवार को बताया कि उन सभी अवैध इमारतों को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके पास फायर लाइसेंस या 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) नहीं है। यह कार्रवाई राज्य में आग से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हो रही है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि बुलडोजर कार्रवाई पिछले कुछ वर्षों में BJP-शासित राज्यों — विशेषकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश — में विपक्ष की आलोचना का केंद्र रही है। पश्चिम बंगाल में इस नीति का अनुसरण TMC के लिए एक तीखा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
अग्निमित्रा पॉल के बयान के अनुसार, राज्य सरकार अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान जारी रखने का इरादा रखती है। TMC और 'इंडिया' गठबंधन इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। आने वाले हफ्तों में इस विषय पर राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज़ होने की संभावना है।