पश्चिम एशिया संकट जल्द नहीं थमेगा, स्टैगफ्लेशन का खतरा: सिंगापुर PM लॉरेंस वोंग
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने 14 मई 2026 को चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया का संकट निकट भविष्य में समाप्त होने वाला नहीं है और इसके आर्थिक दुष्परिणाम और गहरे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में सप्लाई में रुकावटें बनी रहेंगी और वैश्विक महंगाई तेज़ी से बढ़ेगी।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर
होर्मुज स्ट्रेट पिछले दो महीनों से बंद है, और इसका प्रभाव केवल ऊर्जा महंगाई तक सीमित नहीं रहा — सप्लाई चेन भी लगातार कमज़ोर पड़ती जा रही है। वोंग के अनुसार, एशियाई देश इस स्थिति से विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि वे ऊर्जा और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए खाड़ी देशों पर बड़े पैमाने पर निर्भर हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कुछ देशों में पहले से ही ईंधन की कमी देखी जा रही है। एयरलाइंस ने उड़ानें घटा दी हैं और कारखानों में उत्पादन देरी से प्रभावित हो रहा है। वोंग ने आगाह किया कि यह रुकावट जल्द ही खाद, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं तक फैल सकती है।
सामान्य होने में लगेंगे महीने
वोंग ने स्पष्ट किया कि भले ही होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाए, हालात तुरंत सामान्य नहीं होंगे। बंदरगाहों और ऊर्जा अवसंरचना को पहुँचा नुकसान, समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगें हटाने की प्रक्रिया और शिपिंग कंपनियों का भरोसा बहाल करना — ये सब एक दिन में संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, 'इसलिए हमें यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि यह संकट जल्दी खत्म हो जाएगा। बल्कि दबाव और बढ़ सकता है। सप्लाई में रुकावटें बनी रहेंगी और आने वाले महीनों में हालात और खराब भी हो सकते हैं।' उनके अनुसार, स्थिति सामान्य होने में कम से कम कई महीने लग सकते हैं।
स्टैगफ्लेशन का बढ़ता खतरा
वोंग ने 1970 के दशक के तेल संकट का संदर्भ देते हुए कहा कि उस समय दुनिया में स्टैगफ्लेशन की स्थिति बनी थी — यानी ऐसा दौर जब महंगाई अत्यधिक हो, आर्थिक विकास थम जाए और बेरोज़गारी बढ़े। उन्होंने चेताया कि अब एक बार फिर वैसे ही हालात बनने का खतरा है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी चेतावनी दी है कि यह संकट लोगों की अपेक्षाओं से कहीं अधिक गंभीर हो सकता है। वोंग के अनुसार, महंगाई पहले ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगी, फिर खाद्य पदार्थों में और अंततः अन्य आवश्यक वस्तुओं में भी फैल जाएगी।
सिंगापुर और एशिया पर सीधा असर
वोंग ने माना कि इस साल सिंगापुर की आर्थिक वृद्धि पहले से ही धीमी रही है। बढ़ती महंगाई का दबाव कंपनियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे आने वाले कठिन समय के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार रहें, क्योंकि हालात आसान होने की संभावना फिलहाल नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही अमेरिकी व्यापार नीतियों और धीमी वैश्विक माँग के दोहरे दबाव में है — और पश्चिम एशिया का यह संकट उस असंतुलन को और गहरा कर सकता है।