आईईए प्रमुख का चेतावनी: पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव

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आईईए प्रमुख का चेतावनी: पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव

सारांश

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। आईईए प्रमुख फतिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि इस तनाव के कारण ऊर्जा संसाधनों में बाधा आ रही है, जिससे विश्व की अर्थव्यवस्था को गंभीर खतरा हो सकता है।

Key Takeaways

  • ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।
  • ऊर्जा संसाधनों में बाधा का खतरा।
  • कोई भी देश इस संकट से अछूता नहीं रहेगा।
  • होर्मुज स्ट्रेट की महत्वपूर्णता
  • आईईए की डिमांड-साइड एक्शन की सिफारिशें।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। विभिन्न देशों ने ईरान से हमलों को तुरंत रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने की मांग की है। इस संकट के बीच, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फतिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का प्रभाव ऊर्जा संसाधनों पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा है।

बिरोल ने कहा कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति से विश्व की अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था आज एक बड़े संकट का सामना कर रही है और मुझे उम्मीद है कि यह समस्या जल्द ही सुलझ जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इसका प्रभाव केवल कुछ देशों की अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। कोई भी देश इस संकट से अछूता नहीं रहेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही इस लड़ाई ने वैश्विक तेल बाजार में सबसे बड़ी सप्लाई में रुकावट पैदा कर दी है। ईरान के हमलों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग बेहद कम हो गई है।

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट विश्व व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। आमतौर पर, विश्व में तेल की खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और तेल उत्पाद इस स्ट्रेट से होकर गुजरते हैं।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर किसी प्रकार की रुकावट नहीं है और नेविगेशन जारी है। युद्ध की स्थिति के कारण आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि ईरान ने हमेशा नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा का सम्मान किया है और वर्षों से इन सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए कार्यरत है।

पिछले सप्ताह, आईईए ने सरकारों, व्यापार और घरेलू उपयोग के लिए मांग-आधारित कार्रवाई की एक श्रृंखला तय की। इसके तहत घर से काम करना और हवाई यात्रा से बचना शामिल है, ताकि उपभोक्ताओं पर आर्थिक प्रभाव को कम किया जा सके।

डिमांड को कम करने के लिए तुरंत की जाने वाली कार्रवाई में, जहां तक संभव हो घर से काम करना शामिल है। इसके साथ ही, आने-जाने के लिए तेल के उपयोग को कम करना चाहिए, विशेषकर जहां नौकरियां रिमोट वर्क के लिए उपयुक्त हों। खाना पकाने के अन्य आधुनिक तरीकों को अपनाने पर भी जोर दिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक कुकिंग और अन्य आधुनिक विकल्पों को बढ़ावा देने से एलपीजी पर निर्भरता कम हो सकती है।

बिरोल ने कहा, “मध्य पूर्व में युद्ध एक बड़ा ऊर्जा संकट उत्पन्न कर रहा है, जिसमें वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी सप्लाई में रुकावट शामिल है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और भी गंभीर हो जाएंगे।”

Point of View

बल्कि यह विश्व में ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और कीमतों पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। सभी देशों को इस संकट से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

मध्य पूर्व में तनाव का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव है?
मध्य पूर्व में तनाव से ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर खतरा हो सकता है।
क्या कोई देश इस संकट से बच सकता है?
आईईए प्रमुख के अनुसार, कोई भी देश इस संकट के प्रभाव से अछूत नहीं रहेगा।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व क्या है?
होर्मुज स्ट्रेट विश्व व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत तेल की खपत होती है।
क्या ईरान नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करता है?
ईरान का विदेश मंत्रालय कहता है कि उन्होंने हमेशा नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा का सम्मान किया है।
आईईए ने क्या कदम उठाए हैं?
आईईए ने मांग-आधारित कार्रवाई की एक श्रृंखला तय की है, जिसमें घर से काम करने और हवाई यात्रा से बचने की सिफारिशें शामिल हैं।
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