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पश्चिम एशिया के युद्ध ने 40 से अधिक तेल और गैस के ठिकानों को किया नुकसान: आईईए प्रमुख की रिपोर्ट

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पश्चिम एशिया के युद्ध ने 40 से अधिक तेल और गैस के ठिकानों को किया नुकसान: आईईए प्रमुख की रिपोर्ट

सारांश

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने नौ देशों में 40 से अधिक तेल और गैस के ढांचों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। आईईए के प्रमुख फातिह बिरोल ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।

मुख्य बातें

पश्चिम एशिया में युद्ध ने 40 से अधिक तेल और गैस के ठिकानों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
आईईए के प्रमुख ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।
आवश्यक उत्पादों जैसे पेट्रोकेमिकल्स और उर्वरक की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप हो गई है।
भविष्य में यह संकट और बढ़ सकता है।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण नौ देशों में 40 से अधिक तेल और गैस संबंधित ढांचों को गंभीर या अत्यंत गंभीर क्षति हुई है। यह संकट तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करेगा, जिससे कोई भी देश प्रभावित नहीं हो सकेगा। यह जानकारी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी-आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में दी।

बिरोल ने कहा कि इस संकट का प्रभाव इतना व्यापक है कि इसे 1970 के दशक के तेल संकट और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद के गैस संकट से जोड़ा जा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के नेशनल प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने बताया कि 1970 के दशक के तेल संकट में लगभग 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जबकि वर्तमान स्थिति में पहले ही 1.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन का नुकसान हो चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल तेल और गैस ही नहीं, बल्कि पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, सल्फर और हीलियम जैसे आवश्यक उत्पादों का व्यापार भी प्रभावित हुआ है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

इससे पहले, मार्च की शुरुआत में आईईए ने अपने सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का ऐलान किया था, ताकि सप्लाई में कमी को दूर किया जा सके और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी एशिया और यूरोप के कई देशों के साथ जरूरत पड़ने पर और तेल जारी करने के लिए बातचीत कर रही है।

हालांकि, युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। ऐसे में ईंधन सप्लाई की समस्या का सही समाधान इस महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग को फिर से खोलना है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह संकट और बढ़ता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह संकट न केवल ऊर्जा सुरक्षा के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा प्रस्तुत करता है। सभी देश इस संकट से प्रभावित होंगे, और हमें तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम एशिया में युद्ध का तेल और गैस पर क्या प्रभाव पड़ा है?
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण 40 से अधिक तेल और गैस के ठिकानों को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे वैश्विक आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होगी।
आईईए के प्रमुख ने वर्तमान स्थिति को कैसे वर्णित किया?
आईईए के प्रमुख फातिह बिरोल ने इसे 1970 के दशक के तेल संकट और 2022 के गैस संकट के समान बताया।
राष्ट्र प्रेस
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