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मध्य पूर्व में तनाव का प्रभाव: कच्चे तेल की मांग में गिरावट का अनुमान—आईईए

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मध्य पूर्व में तनाव का प्रभाव: कच्चे तेल की मांग में गिरावट का अनुमान—आईईए

सारांश

आईईए ने चेतावनी दी है कि 2026 की दूसरी तिमाही में कच्चे तेल की मांग में गिरावट आ सकती है, जो कोविड-19 के बाद की सबसे बड़ी कमी होगी। यह वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

मुख्य बातें

कच्चे तेल की मांग में गिरावट का अनुमान 2026 की दूसरी तिमाही में है।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आउटलुक में बदलाव हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, तेल की मांग में कमी मध्य पूर्व और एशिया प्रशांत में होगी।
कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।
भंडारण में कमी और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने मंगलवार को घोषणा की कि कच्चे तेल की मांग में 2026 की दूसरी तिमाही में गिरावट की संभावना है। यह कोविड-19 महामारी के बाद ईंधन की मांग में आई कमी के बाद की सबसे बड़ी गिरावट होगी।

ईरान युद्ध के चलते वैश्विक परिदृश्य में आए परिवर्तनों के कारण इस वर्ष तेल की मांग में प्रतिदिन 80,000 बैरल (किलो बैरल/दिन) की कमी आने की आशंका जताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "2026 की दूसरी तिमाही में मांग में 15 लाख बैरल प्रति दिन की कमी का पूर्वानुमान है, जो कोविड-19 के कारण ईंधन की खपत में आई भारी कमी के बाद से सबसे तेज गिरावट होगी।"

रिपोर्ट में बताया गया है कि तेल की मांग में कमी मुख्य रूप से मध्य पूर्व और एशिया प्रशांत क्षेत्रों में देखी जाएगी, जो कि नेफ्था, एलपीजी और जेट ईंधन के रूप में होगी।

कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन में निरंतर गिरावट आ रही है, जिससे वैश्विक उत्पाद बाजारों में मांग में वृद्धि हो रही है।

इतिहास के सबसे गंभीर तेल आपूर्ति संकट के बाद मार्च में तेल की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी मासिक वृद्धि दर्ज की गई।

आईईए ने कहा कि यह स्थिति तेल आयात करने वाले देशों पर आपूर्ति सुरक्षित करने का दबाव बढ़ा रही है, जिससे फिजिकल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इस दौरान फ्यूचर्स और फिजिकल मार्केट की कीमतों में जुड़ाव का अभाव था।

आईईए ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से प्रवाह को फिर से शुरू करना ऊर्जा आपूर्ति, कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव कम करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रिफाइनिंग कंपनियां और देश तेल संकट के समाधान के लिए अपने रिजर्व का उपयोग कर रहे हैं, जिससे तेल भंडारण में कमी आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्चे तेल की मांग में गिरावट का क्या कारण है?
गिरावट का मुख्य कारण ईरान युद्ध और वैश्विक आउटलुक में आए बदलाव हैं।
कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ती मांग के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।
आईईए का क्या कहना है?
आईईए ने कच्चे तेल की मांग में गिरावट और इसकी संभावित प्रभावों की चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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