अमित शाह ने गांधीनगर में ₹620 करोड़ की 47 नागरिक परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया

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अमित शाह ने गांधीनगर में ₹620 करोड़ की 47 नागरिक परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में ₹620 करोड़ की 47 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया — जिनमें सीवेज ट्रीटमेंट, योग स्टूडियो, स्वास्थ्य केंद्र और जल आपूर्ति शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में 5 लाख पेड़ लगाने और 'सिटी इकोनॉमिक रीजन' के लक्ष्य भी सामने रखे गए।

मुख्य बातें

अमित शाह ने 17 मई 2025 को गांधीनगर में ₹620 करोड़ की 47 नागरिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
21 परियोजनाओं का उद्घाटन और 26 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
कोलवाड़ा में ₹16.11 करोड़ के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूषित जल शुद्ध होगा।
योग स्टूडियो से 2,000 से अधिक निवासियों को लाभ मिलने की उम्मीद; ₹2.95 करोड़ की लागत।
गांधीनगर नगर निगम का इस वर्ष 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ₹20,000 करोड़ के सरखेज-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की मंज़ूरी का उल्लेख किया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2025 को गांधीनगर में ₹620 करोड़ की लागत वाली 47 नागरिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवा, जल आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट, सड़क, उद्यान, खेल सुविधाएँ और शहरी नागरिक अवसंरचना शामिल हैं। यह कार्यक्रम गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

परियोजनाओं का विवरण

इस कार्यक्रम में 21 पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और 26 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। ये सभी परियोजनाएँ गांधीनगर नगर निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं और गांधीनगर संसदीय क्षेत्र के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। पेठापुर जैसे क्षेत्रों में पेयजल सुविधा, पुस्तकालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और सीमेंट सड़कें इनमें प्रमुख हैं।

प्रमुख परियोजनाएँ

कोलवाड़ा में ₹16.11 करोड़ की लागत से एक आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया गया। ISR तकनीक से लैस यह प्लांट प्रतिदिन 3 MLD यानी लगभग 30 लाख लीटर दूषित जल को शुद्ध करने में सक्षम है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्लांट क्षेत्र में बदबू, प्रदूषण और मच्छरों की समस्या दूर करने के साथ-साथ ट्रीट किए गए जल से कोलवाड़ा झील को पुनर्जीवित करने में भी सहायक होगा।

सेक्टर-25 और सरगासन में ₹2.95 करोड़ की लागत से विकसित आधुनिक योग स्टूडियो भी जनता के लिए खोले गए। इन केंद्रों में हर मौसम के अनुकूल इनडोर योग हॉल, विशेष फ्लोरिंग, उन्नत लाइटिंग व साउंड सिस्टम, पुरुष-महिला के लिए अलग चेंजिंग रूम और प्रशिक्षकों के लिए प्रशासनिक कक्ष की व्यवस्था है। अधिकारियों के मुताबिक, इन केंद्रों से 2,000 से अधिक निवासियों को लाभ मिलने की उम्मीद है और ये अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजनों के लिए भी उपयोग किए जाएँगे।

स्वास्थ्य अवसंरचना के अंतर्गत सेक्टर-21, सेक्टर-22 और सरगासन में शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का उद्घाटन किया गया, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और निवारक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करेंगे।

नेताओं के वक्तव्य

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई विकास यात्रा को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'आत्मविश्वास, न कि अहंकार, हमारी सरकार की पहचान है।' शाह ने गांधीनगर को देश के सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं वाले संसदीय क्षेत्रों में से एक बताया और एक बरगद का पौधा लगाकर हरियाली बढ़ाने की अपील की।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदूषण-मुक्त, कचरा-मुक्त और झुग्गी-मुक्त शहर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छोटे शहरों और आसपास के क्षेत्रों को 'सिटी इकोनॉमिक रीजन' के रूप में विकसित किया जा रहा है। पटेल ने ₹20,000 करोड़ की लागत वाले सरखेज-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड रेल लाइन प्रोजेक्ट की मंज़ूरी के लिए केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

हरियाली और पर्यावरण लक्ष्य

गांधीनगर नगर निगम ने इस वर्ष 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। सीएम पटेल के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र को देश का सबसे हरा-भरा संसदीय क्षेत्र बनाने का दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया है। झीलों के सौंदर्यीकरण और घरों तक शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आगे की राह

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि पिछले वर्षों में नगर पालिकाओं के वार्षिक बजट के बराबर के विकास कार्य अब एक ही दिन में पूरे किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब गुजरात में शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों का विशेष ज़ोर है। आने वाले महीनों में शेष 26 परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गांधीनगर के नागरिक बुनियादी ढाँचे में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह अमित शाह का अपना संसदीय क्षेत्र है — जहाँ केंद्रीय संसाधनों और राजनीतिक प्राथमिकता का संयोग स्वाभाविक रूप से अधिक दिखता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या इन परियोजनाओं का लाभ गांधीनगर के बाहरी और वंचित इलाकों तक भी पहुँचता है, या यह विकास मुख्यतः शहरी केंद्र तक सीमित रहता है। 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य प्रशंसनीय है, परंतु इसके क्रियान्वयन और जीवित रहने की दर की स्वतंत्र निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने गांधीनगर में कितनी और कौन-सी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
अमित शाह ने 17 मई 2025 को गांधीनगर में ₹620 करोड़ की 47 नागरिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 21 पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और 26 नई परियोजनाओं की आधारशिला शामिल है, जो स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सीवेज, सड़क और खेल अवसंरचना से जुड़ी हैं।
गांधीनगर के कोलवाड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्या विशेषताएँ हैं?
कोलवाड़ा में ₹16.11 करोड़ की लागत से बना यह प्लांट ISR तकनीक का उपयोग करके प्रतिदिन 3 MLD यानी लगभग 30 लाख लीटर दूषित जल को शुद्ध करने में सक्षम है। अधिकारियों के अनुसार, यह क्षेत्र में प्रदूषण और मच्छरों की समस्या दूर करने के साथ कोलवाड़ा झील को पुनर्जीवित करने में भी सहायक होगा।
गांधीनगर के नए योग केंद्रों से किसे फायदा होगा?
सेक्टर-25 और सरगासन में ₹2.95 करोड़ की लागत से बने योग स्टूडियो से 2,000 से अधिक निवासियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन केंद्रों का उपयोग वेलनेस वर्कशॉप और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों के लिए भी किया जाएगा।
गांधीनगर नगर निगम का पर्यावरण के लिए क्या लक्ष्य है?
गांधीनगर नगर निगम ने इस वर्ष 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अनुसार, गांधीनगर को देश का सबसे हरा-भरा संसदीय क्षेत्र बनाने का दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया गया है।
सरखेज-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट क्या है?
यह ₹20,000 करोड़ की लागत वाला रेल लाइन प्रोजेक्ट है, जिसे हाल ही में केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस कार्यक्रम में इस मंज़ूरी का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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