क्या अमित शाह दिल्ली में 4,000 करोड़ रुपये की यमुना पुनरुद्धार परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे?

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क्या अमित शाह दिल्ली में 4,000 करोड़ रुपये की यमुना पुनरुद्धार परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे?

सारांश

दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एशिया के सबसे बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही, यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए 4,000 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का भी आरंभ होगा। यह कार्यक्रम यमुना की सफाई के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

दिल्ली में एशिया का सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन।
यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ।
इस परियोजना से 40 लाख निवासियों को लाभ होगा।
ओखला एसटीपी की उपचार क्षमता 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन है।
केंद्र सरकार ने 85 प्रतिशत धनराशि प्रदान की है।

नई दिल्ली, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को दिल्ली के ओखला में एशिया का सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उद्घाटन करेंगे। यह यमुना नदी के पुनरुद्धार के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।

अमित शाह विकासपुरी के केशवपुर में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत कुल 4,000 करोड़ रुपए की लागत वाली 46 अन्य सीवेज और स्वच्छता परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी। इस अवसर पर स्थानीय निवासियों, नेताओं और अधिकारियों समेत 6,000 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, ओखला एसटीपी एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा संयंत्र है, जिसकी उपचार क्षमता 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) है। 1,161 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह संयंत्र 40 एकड़ में फैला है और यह चार पुरानी सीवेज उपचार इकाइयों का स्थान लेगा।

यह नई सुविधा न केवल सीवेज उपचार के लिए, बल्कि अपशिष्ट से बिजली उत्पादन और ए-श्रेणी का कीचड़ उत्पन्न करने के लिए भी डिजाइन की गई है, जो कृषि और भूनिर्माण में पुन: उपयोग के लिए सुरक्षित है।

केंद्र सरकार के सहयोग से इस परियोजना का नेतृत्व करने वाले दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने कहा कि दक्षिण, मध्य और पुरानी दिल्ली के लगभग 40 लाख निवासियों को इस संयंत्र से सीधे लाभ होगा। इससे यमुना में प्रवाहित होने वाले अनुपचारित सीवेज की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जो युमना कार्य योजना-तीन के तहत एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

इस संयंत्र का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी और सरकार द्वारा लगाए गए निर्माण प्रतिबंधों के कारण इसके काम में देरी हुई। इसे मूल रूप से 2022 में पूरा होना था, लेकिन इस साल अप्रैल में इसका काम पूरा हो पाया, जिसके बाद इसका सफल परीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए 85 प्रतिशत धनराशि केंद्र ने दी, जबकि शेष राशि दिल्ली सरकार ने प्रदान की। इन परियोजनाओं का उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब यमुना की सफाई के प्रयासों पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है।

-राष्ट्र प्रेस

वीसी

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दिल्ली के 40 लाख निवासियों के जीवन में सुधार लाएगी। इस पहल से सरकार की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह किस परियोजना का उद्घाटन करेंगे?
वे दिल्ली में एशिया के सबसे बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे।
यमुना पुनरुद्धार परियोजना की कुल लागत क्या है?
इस परियोजना की कुल लागत 4,000 करोड़ रुपये है।
इस परियोजना से कितने लोगों को लाभ होगा?
लगभग 40 लाख निवासियों को इस परियोजना से सीधे लाभ होगा।
इस परियोजना का निर्माण कब शुरू हुआ था?
इस परियोजना का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था।
क्या इस परियोजना में केंद्र सरकार का सहयोग है?
हाँ, इस परियोजना के लिए 85 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार ने प्रदान की है।
राष्ट्र प्रेस
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