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अभिषेक बनर्जी का केंद्र सरकार पर प्रहार, बंगाल की ताकत को किया उजागर

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अभिषेक बनर्जी का केंद्र सरकार पर प्रहार, बंगाल की ताकत को किया उजागर

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय संस्थाओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बंगाल की जनता हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। जानिए उन्होंने क्या कहा!

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी का केंद्र सरकार पर हमला बंगाल की जनता की मजबूती का उल्लेख केंद्र और राज्य के बीच बढ़ता टकराव 'अबर जीतबे बांग्ला' हैशटैग का उपयोग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बयान पर प्रतिक्रिया

कोलकाता, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार और विभिन्न केंद्रीय संस्थाओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के खिलाफ पूरा तंत्र खड़ा है, लेकिन इसके बावजूद बंगाल मजबूती से खड़ा रहेगा।

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पश्चिम बंगाल की जनता बनाम भाजपा + चुनाव आयोग + ईडी + आईटी + सीबीआई + एनआईए + सीएपीएफ + राज्यपाल + 20 केंद्रीय मंत्री + 10 मुख्यमंत्री + प्रधानमंत्री + आदरणीय राष्ट्रपति जी + गोदी मीडिया।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के खिलाफ कई केंद्रीय संस्थाएं और सत्ता प्रतिष्ठान एक साथ खड़े हो गए हैं। इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग मजबूती से डटे हुए हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे लिखा, "जब पूरा सिस्टम बंगाल के खिलाफ खड़ा हो जाता है, तो बंगाल और मजबूत हो जाता है। आगे बढ़ो।"

अपने पोस्ट के अंत में अभिषेक बनर्जी ने 'अबर जीतबे बांग्ला' हैशटैग का इस्तेमाल किया, जिसका मतलब 'एक बार फिर बंगाल जीतेगा' है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक और अभूतपूर्व बताया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति निराश है। स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति जी द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और दुख ने भारत की जनता के मन में गहरा दुख पहुंचाया है। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को इतनी लापरवाही से ले रही है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी में सुधरने की भावना जागृत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां टीएमसी अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यह स्थिति भारतीय राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार और विभिन्न केंद्रीय संस्थाएं पश्चिम बंगाल के खिलाफ खड़ी हैं।
'अबर जीतबे बांग्ला' का क्या मतलब है?
'अबर जीतबे बांग्ला' का अर्थ है 'एक बार फिर बंगाल जीतेगा'।
क्यों अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला?
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की ताकत को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार ने कई केंद्रीय संस्थाओं का सहारा लिया है।
क्या यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति को प्रभावित करेगा?
हां, यह बयान केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव को और बढ़ा सकता है और टीएमसी की स्थिति को मजबूत कर सकता है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक स्थिति क्या है?
पश्चिम बंगाल में केंद्र और राज्य के बीच टकराव बढ़ रहा है, जो राजनीतिक बयानबाजियों को और तेज कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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