ज्योतिर्मय सिंह महतो का अभिषेक बनर्जी पर हमला: पहले बंगाल की सरकार बचाएं, फिर राजनीति करें
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की स्थिति कमजोर हो रही है।
- ज्योतिर्मय सिंह महतो ने अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला किया।
- चुनाव की तिथि नजदीक आ रही है।
- मतगणना 4 मई को होगी।
- टीएमसी और भाजपा के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
पुरुलिया, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी और भी तेज होती जा रही है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने मंगलवार को टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पर दिए गए बयान को लेकर तीखा हमला बोला।
गौरतलब है कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कोलकाता पर हमले की धमकी दी थी, जिसके जवाब में अभिषेक बनर्जी ने उनके नाम को अपनी लिस्ट में शामिल करने और टीएमसी की सरकार बनने पर पाकिस्तान में जाकर सबक सिखाने की बात कही थी।
इसके पश्चात, भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अभिषेक बनर्जी पर कटाक्ष किया और उन्हें टीएमसी का अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता करार दिया।
महतो ने कहा, "अभिषेक बनर्जी, जो खुद छापेमारी करके वोट में जीतकर आए हैं। दूसरी बात, टीएमसी एक क्षेत्रीय दल है और उसके अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री अभिषेक बनर्जी हैं, जिनकी पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों देशों में सरकार चलती है। अभिषेक बनर्जी दिन में ही सपना देख रहे हैं। पहले वे बंगाल बचा लें, फिर देश की राजनीति करें। उन्हें विपक्ष में रहेंगे या नहीं, इसकी चिंता करनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और इस बार टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। भाजपा की सरकार बनने के बाद, टीएमसी, सीपीएम और कांग्रेस की श्रेणी में चली जाएगी। ऐसे में अभिषेक बनर्जी को अपनी पार्टी का भविष्य देखना चाहिए, उसके बाद देश की राजनीति पर ध्यान देना चाहिए।"
ज्ञात रहे कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। कुल 294 सीटों वाले इस चुनाव की मतगणना एक साथ 4 मई को की जाएगी।