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ममता बनर्जी का दावा: विरोधी TMC को कमज़ोर नहीं, और मज़बूत बना रहे हैं

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ममता बनर्जी का दावा: विरोधी TMC को कमज़ोर नहीं, और मज़बूत बना रहे हैं

सारांश

ममता बनर्जी ने फेसबुक पर साफ कहा — जो लोग TMC को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वे पार्टी को कमज़ोर नहीं बल्कि और मज़बूत बना रहे हैं। घायल सांसद के इलाज में रुकावट, नीट अनियमितताएँ और नंदीग्राम — सब पर बोलीं।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 1 जून 2026 को फेसबुक पर पोस्ट कर विपक्ष और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों को डरा-धमकाकर या प्रलोभन देकर TMC को कमज़ोर करने की कोशिश हो रही है, लेकिन इससे पार्टी और मज़बूत हो रही है।
कथित तौर पर घायल सांसद को अस्पताल में इलाज न देने के निर्देश दिए गए — ममता ने इसे 'तानाशाही मानसिकता' बताया।
नीट में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए छात्रों से अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की अपील की।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और नंदीग्राम का हवाला देते हुए अपने संघर्ष के इतिहास को रेखांकित किया।
स्पष्ट किया कि TMC किसी एक नेता की नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1 जून 2026 को फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए विपक्ष और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डरा-धमकाकर या प्रलोभन देकर TMC को कमज़ोर करने की जो कोशिशें हो रही हैं, वे उल्टा पार्टी की ताकत बढ़ा रही हैं। उनके अनुसार, जो लोग पार्टी छोड़ रहे हैं, वे TMC को नुकसान पहुँचाने में नाकाम हैं।

राजनीतिक हालात पर ममता की चिंता

बनर्जी ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को 'अराजक' करार दिया और कहा कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि उनका वर्णन करने के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रचार जानबूझकर फैलाया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं के साथ नहीं खड़ा है — जिसे उन्होंने 'पूरी तरह भ्रामक और गलत जानकारी' बताया।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के कई वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने और अन्य दलों से नज़दीकियाँ बढ़ाने की खबरें सामने आई हैं।

घायल सांसद और 'तानाशाही मानसिकता' का आरोप

ममता बनर्जी ने एक सांसद पर हुए कथित हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि घायल सांसद के इलाज के लिए डॉक्टरों को बुलाया गया था, लेकिन कथित तौर पर अस्पतालों को उपचार न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने इसे 'तानाशाही मानसिकता' का उदाहरण बताया। हालाँकि, उन्होंने इस निर्देश के स्रोत का नाम नहीं लिया।

छात्रों और नीट अनियमितताओं पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्रों से सीधे सवाल किया कि वे विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने नीट में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया और कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठानी चाहिए। गौरतलब है कि नीट विवाद पूरे देश में छात्र समुदाय के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।

आरजी कर और नंदीग्राम का संदर्भ

आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले और नंदीग्राम की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की माँगों और सुझावों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर कई बार हमले हुए, गोलियाँ चलाई गईं और आँसू गैस का इस्तेमाल किया गया — फिर भी उन्होंने 'लोकतांत्रिक मर्यादा और संयम' बनाए रखा।

पार्टी छोड़ने वालों पर सीधा निशाना

TMC प्रमुख ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने लंबे समय तक सत्ता का लाभ उठाया, लेकिन चुनावी हार के बाद दूसरी राजनीतिक पार्टियों से नज़दीकियाँ बढ़ा लीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि TMC किसी एक नेता की नहीं, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने भरोसा जताया कि कार्यकर्ताओं के सहयोग से पार्टी को नए सिरे से और अधिक मज़बूती के साथ खड़ा किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सवाल उठता है कि आखिर वह दबाव कितना गहरा है। घायल सांसद के इलाज में रुकावट जैसे गंभीर आरोप बिना नाम या साक्ष्य के लगाए गए हैं, जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बिना जाँच के आगे बढ़ा देती है। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आते-आते TMC के लिए यह आंतरिक एकजुटता की परीक्षा उतनी ही बड़ी है जितनी बाहरी विपक्ष से टक्कर।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने TMC के बारे में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोगों के पार्टी छोड़ने से TMC कमज़ोर नहीं होगी, बल्कि और मज़बूत होकर उभरेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की है, किसी एक नेता की नहीं।
ममता ने किस प्लेटफॉर्म पर यह बयान दिया?
ममता बनर्जी ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट के ज़रिए 1 जून 2026 को दिया।
ममता बनर्जी ने घायल सांसद के बारे में क्या आरोप लगाया?
ममता ने आरोप लगाया कि एक सांसद पर कथित हमले के बाद इलाज के लिए डॉक्टर बुलाए गए, लेकिन कथित तौर पर अस्पतालों को उपचार न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने इसे 'तानाशाही मानसिकता' का उदाहरण बताया, हालाँकि निर्देश देने वाले का नाम नहीं लिया।
ममता बनर्जी ने नीट पर क्या कहा?
ममता ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए छात्रों से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की अपील की। उन्होंने सवाल किया कि छात्र इन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे।
TMC छोड़ने वाले नेताओं पर ममता का क्या रुख है?
ममता ने कहा कि ये वही नेता हैं जिन्होंने लंबे समय तक सत्ता का लाभ उठाया, लेकिन चुनावी हार के बाद दूसरी पार्टियों से नज़दीकियाँ बढ़ा लीं। उनके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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