25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

TMC के 20 सांसद छोड़ गए ममता का साथ, भाजपा बोली — 'तृणमूल में अब कुछ नहीं बचा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
TMC के 20 सांसद छोड़ गए ममता का साथ, भाजपा बोली — 'तृणमूल में अब कुछ नहीं बचा'

सारांश

TMC के 28 में से 20 सांसदों के ममता बनर्जी का साथ छोड़ने पर BJP ने तीखा वार किया। 'तानाशाही', 'विचारहीन नेतृत्व' और 'जंगलराज' जैसे आरोपों के बीच BJP सांसद जगदंबिका पाल ने पूछा — 'तृणमूल में तृण भी नहीं बचा, तो पार्टी कहाँ है?'

मुख्य बातें

TMC के 28 में से 20 सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ा, BJP ने इसे पार्टी के पतन का संकेत बताया।
केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने TMC पर तानाशाही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दबाने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा — बिना विचारधारा और विजन वाली पार्टी का यही अंजाम होता है।
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने अभिषेक बनर्जी के भी पार्टी छोड़ने की संभावना का संकेत दिया।
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने तंज कसा — 'TMC में कोई बचा ही नहीं, तृणमूल में तृण अलग हो गया।'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों द्वारा ममता बनर्जी का साथ छोड़ने की खबर के बाद 9 जून को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। नेताओं ने इसे TMC की आंतरिक तानाशाही और विचारहीन नेतृत्व का परिणाम बताया।

केंद्रीय मंत्री बघेल का हमला

केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल और अपनी पार्टी को तानाशाही तरीके से चलाया। उनके अनुसार, TMC के भीतर विचार और अभिव्यक्ति की कोई स्वतंत्रता नहीं थी। बघेल ने यह भी कहा कि जनता ने सत्ता परिवर्तन कर दिया है और अब बंगाल के मुख्यमंत्री प्रतिदिन व्यवस्था परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री मौर्य का विचारधारा पर सवाल

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह TMC की आंतरिक समस्या है, लेकिन जिस पार्टी की कोई विचारधारा नहीं होती और जिसके पास कोई स्पष्ट विजन नहीं होता, उसका यही अंजाम होता है। उनकी यह टिप्पणी TMC के संगठनात्मक ढाँचे पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।

सांसद दिनेश शर्मा की चेतावनी

BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि ममता बनर्जी का जनता, विधायकों और सांसदों ने साथ छोड़ा है। उन्होंने आगाह किया कि कहीं ऐसा न हो कि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी भी पार्टी छोड़ जाएँ। शर्मा ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के निर्देशों पर आम जनता के साथ अत्याचार हुआ और केवल BJP कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी जान गई।

सांसद जगदंबिका पाल का तंज — 'तृणमूल में तृण नहीं बचा'

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने सबसे तीखा व्यंग्य करते हुए कहा, 'TMC में कोई बचा ही नहीं है। तानाशाही के डर से लोग पार्टी में थे।' उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता के जनादेश के बाद यह साफ हो गया कि जिस तरह जनता परेशान थी, उसी तरह पार्टी के लोग भी परेशान थे। पाल ने सवाल उठाया — '28 में से 20 सांसद चले गए तो तृणमूल कहाँ बची है?'

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हाल के चुनावी नतीजों के बाद TMC की स्थिति पहले से ही कमज़ोर मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब TMC को बड़े पैमाने पर दलबदल का सामना करना पड़ा हो। आने वाले दिनों में पार्टी के शेष सांसदों और विधायकों का रुख राजनीतिक रूप से निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताती है कि पार्टी इस संकट को बंगाल में अपनी पुनर्वापसी की कथा से जोड़ना चाहती है। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि जो सांसद TMC में थे, वे अब तक क्यों रहे — और क्या उनका यह कदम वैचारिक है या अवसरवादी? दलबदल की इस लहर में जवाबदेही की माँग दोनों तरफ से होनी चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के कितने सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ा?
रिपोर्टों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है। BJP नेताओं ने इसे पार्टी के संगठनात्मक पतन का प्रमाण बताया है।
BJP नेताओं ने TMC संकट पर क्या कहा?
BJP के कई वरिष्ठ नेताओं — जिनमें केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, और सांसद जगदंबिका पाल व दिनेश शर्मा शामिल हैं — ने TMC पर तानाशाही, विचारहीन नेतृत्व और जनता पर अत्याचार के आरोप लगाए। जगदंबिका पाल ने कहा कि 'TMC में अब कोई बचा ही नहीं है।'
क्या अभिषेक बनर्जी भी TMC छोड़ सकते हैं?
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने संकेत दिया कि कहीं ऐसा न हो कि ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी पार्टी छोड़ जाएँ। हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत अनुमान है और अभिषेक बनर्जी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
TMC में इस संकट की वजह क्या बताई जा रही है?
BJP नेताओं के अनुसार, TMC में विचारधारा और विजन की कमी तथा ममता बनर्जी की तानाशाही कार्यशैली इस संकट की मुख्य वजह है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिना विचारधारा वाली पार्टी का यही हश्र होता है।
इस राजनीतिक उथल-पुथल का पश्चिम बंगाल पर क्या असर पड़ेगा?
TMC के बड़े पैमाने पर दलबदल से पश्चिम बंगाल में विपक्षी राजनीति की संरचना बदल सकती है। BJP इसे राज्य में अपनी पकड़ मज़बूत करने के अवसर के रूप में देख रही है, जबकि TMC के शेष नेताओं का रुख आने वाले दिनों में निर्णायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले