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ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर एनडीए का पलटवार: 'बदले हालात में लोगों का गुस्सा फूट रहा'

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ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर एनडीए का पलटवार: 'बदले हालात में लोगों का गुस्सा फूट रहा'

सारांश

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर एनडीए नेताओं ने कहा कि यह जनता के दबे गुस्से का विस्फोट है। जदयू ने TMC में औपचारिक टूट की आशंका जताते हुए ममता को पार्टी या अभिषेक बनर्जी में से एक चुनने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

TMC की पूर्व मुखिया ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर एनडीए नेताओं ने 13 जून 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी।
बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा — 'ममता बनर्जी का दिन पूरा हो गया है'; बंगाल चुनाव परिणाम को 'बंगाल की आज़ादी का दिन' बताया।
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने चेतावनी दी कि TMC औपचारिक विभाजन की ओर बढ़ रही है; ममता को अभिषेक बनर्जी और पार्टी में से एक चुनना होगा।
बागी TMC सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के दावों ने एनडीए की प्रतिक्रिया को हवा दी।
एनडीए नेताओं ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के बयान और सर्वोच्च न्यायालय पर उनके रुख की भी आलोचना की।

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। TMC के बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के दावों को लेकर 13 जून 2026 को एनडीए नेताओं ने कहा कि राज्य में जनता का दबा हुआ गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है।

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल का बयान

बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस और TMC जैसी पार्टियों ने पूरे देश में जो माहौल बनाया है, उसी का परिणाम है कि ये दल पतन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी का दिन पूरा हो गया है। जिस तरह से TMC की गुंडागर्दी इतने लंबे समय से पश्चिम बंगाल में चल रही थी, बंगाल चुनाव परिणाम का दिन बंगाल की आज़ादी का दिन था।'

जायसवाल ने यह भी दावा किया कि TMC के कार्यकर्ताओं ने भी जश्न मनाया, क्योंकि उन्हें 'ममता बनर्जी की तानाशाही से मुक्ति' मिली। TMC से निष्कासित नेता ऋजु दत्ता के बयान पर उन्होंने कहा कि जब TMC सत्ता में आई थी, तो पूरी कम्युनिस्ट पार्टी उसके साथ चली गई थी और अब फिर वही स्थिति बन रही है — सभी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के आरोपों पर जायसवाल ने कहा कि पहले खुद उनकी ओर से गलती हुई, फिर ऐसी बातें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश के पास ऐसी 'फालतू बातों' पर ध्यान देने का समय नहीं है।

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद की चेतावनी

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अब यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि TMC औपचारिक विभाजन की दिशा में बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी के लिए पार्टी या अभिषेक बनर्जी — दोनों में से एक को चुनने का वक्त आ गया है। अगर वे फैसला नहीं ले पाती हैं, तो पार्टी बचाना उनके बस की बात नहीं।'

ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जब तक TMC की सरकार थी, लोग डरे हुए थे और किसी भी TMC नेता के खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। उनके अनुसार, 'हालात बदलने पर लोगों का गुस्सा खुलकर बाहर आ रहा है — यही वजह है कि इस तरह के एफआईआर हो रहे हैं।'

सुप्रीम कोर्ट पर कांग्रेस के रुख की आलोचना

मीनाक्षी नटराजन के बयान पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अगर कांग्रेस और मीनाक्षी नटराजन सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका से भी सहमत नहीं हैं, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने की बजाय न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हाल के चुनाव परिणामों के बाद TMC के भीतर बड़े पैमाने पर दरार की खबरें आ रही हैं। बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के दावे और ऋजु दत्ता जैसे नेताओं का निष्कासन इस आंतरिक उथल-पुथल का संकेत देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल TMC की संगठनात्मक कमज़ोरियों को उजागर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। आने वाले दिनों में TMC के भीतर नेतृत्व को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर अभिषेक बनर्जी बनाम ममता का समीकरण अब खुलकर सामने आ रहा है, जो पार्टी के भविष्य के लिए कहीं बड़ा सवाल है। मीनाक्षी नटराजन और सुप्रीम कोर्ट विवाद को इस खबर में जोड़ना बताता है कि एनडीए एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज बयानों पर टिकी है — असली कहानी यह है कि बंगाल में सत्ता बदलाव के बाद कानूनी और राजनीतिक दबाव किस दिशा में जाएगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC के बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के दावों के संदर्भ में ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एनडीए नेताओं का कहना है कि यह उन लोगों के दबे गुस्से का परिणाम है जो पहले TMC शासन में शिकायत करने से डरते थे।
TMC में विभाजन की स्थिति क्या है?
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, TMC अब औपचारिक विभाजन की ओर बढ़ रही है। ममता बनर्जी को पार्टी और अभिषेक बनर्जी में से एक को चुनना होगा — अगर वे यह फैसला नहीं ले पाईं, तो पार्टी को बचाना मुश्किल होगा।
जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया कौन हैं?
जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया TMC के बागी सांसद हैं, जिनके दावों ने इस पूरे विवाद को नई दिशा दी है। उनके बयानों के बाद ही एनडीए नेताओं ने ममता बनर्जी और TMC पर निशाना साधा।
मीनाक्षी नटराजन विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के एक बयान पर एनडीए नेताओं ने आपत्ति जताई है। राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अगर कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका से भी सहमत नहीं है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और कांग्रेस को इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने की बजाय न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
बंगाल में सत्ता बदलाव के बाद राजनीतिक स्थिति कैसी है?
हाल के चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में TMC कमज़ोर हुई है और पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर असंतोष उभर रहा है। एनडीए नेताओं का दावा है कि TMC कार्यकर्ता भी अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा कर रहे हैं, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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