ममता बनर्जी की बौखलाहट बढ़ रही है, चुनाव नजदीक: मनन कुमार मिश्रा
सारांश
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नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ममता बनर्जी के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में ‘अघोषित आपातकाल’ और ‘राष्ट्रपति शासन जैसे हालात’ होने का जिक्र किया था।
मनन कुमार मिश्रा ने राष्ट्र प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि चुनावों के नजदीक आने के साथ ही ममता बनर्जी की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। उन्हें अब यह समझ में आ गया है कि मतदाताओं का मूड क्या है। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य की जनता तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है, जिससे ममता इस तरह के बयानों का सहारा ले रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी चुनाव के समय ही जनता की समस्याओं की याद करती हैं। मिश्रा ने यह आरोप लगाया कि राज्य में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने दिया जाता और राज्य सरकार जनता के हितों के बजाय अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब समझ चुकी है और इस बार टीएमसी को दोबारा मौका नहीं मिलेगा।
मोहन भागवत के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष में भारत की संभावित भूमिका का उल्लेख किया था, मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि भारत की भूमिका निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति संतुलित और तटस्थ है, और देश के संबंध इजरायल, अमेरिका और ईरान—तीनों देशों के साथ अच्छे हैं। ऐसे में भारत इस तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष वर्चस्व की लड़ाई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से समाधान निकलने की संभावना है।
अंत में, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा जम्मू विश्वविद्यालय के पॉलिटिकल साइंस के पाठ्यक्रम से मोहम्मद अली जिन्ना को हटाने की मांग पर भी मिश्रा ने अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और जिन्ना जैसे व्यक्ति को पाठ्यक्रम में शामिल करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, एबीवीपी की यह मांग सही है और इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि छात्रों के बीच सही संदेश पहुंचे।