भाजपा सांसदों ने ममता बनर्जी के विवादित बयानों पर किया पलटवार, चुनाव हारने का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी के बयानों पर भाजपा सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया।
- भाजपा का दावा, बंगाल में उनकी सरकार बनने जा रही है।
- राजनीतिक माहौल में तेजी से बदलाव की संभावना।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया विवादास्पद बयानों पर भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सांसदों का कहना है कि ममता चुनाव में हार रही हैं, इसलिए वे अनाप-शनाप बोल रही हैं। यह अब स्पष्ट हो चुका है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। हर बार जब ममता चुनावी मैदान में होती हैं, तो उन्हें किसी न किसी प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
सहरावत ने यह भी कहा कि इस बार उनकी रणनीतियाँ सफल नहीं होंगी और जनता उनके प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी। पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है और इसका प्रभाव आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
इस बीच, कमलजीत सहरावत ने मध्य-पूर्व के संघर्ष पर केंद्र सरकार की नीति का समर्थन करते हुए कहा कि भारत सरकार संतुलित और सटीक कूटनीतिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। भारत सभी देशों के सामने अपना पक्ष मजबूती से रख रहा है और सरकार का प्रयास है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
वहीं, भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि जब किसी सरकार की कार्यप्रणाली विफल होती है और जनता उसके खिलाफ हो जाती है, तब ऐसे भावनात्मक मुद्दों को उठाया जाता है।
उन्होंने मछली खाने पर संभावित प्रतिबंध के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत जैसे विविध देश में ऐसे प्रतिबंधों का कोई औचित्य नहीं है। पश्चिम बंगाल की जनता पहले से ही बदलाव की इच्छुक है, यही कारण है कि मुख्यमंत्री इस तरह के बयानों के जरिए सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही हैं।
दामोदर अग्रवाल ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी के वादों पर जनता का विश्वास घटता जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री कोई वादा करते हैं, तो उसे पूरा भी करते हैं। यही कारण है कि जनता का विश्वास उनके साथ बना हुआ है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी ममता बनर्जी की आलोचना की और कहा कि पिछले पांच वर्षों में पश्चिम बंगाल में शासन की स्थिति सभी के सामने है। राज्य में उनकी पकड़ कमजोर पड़ रही है और जनता अब परिवर्तन की मांग कर रही है। खंडेलवाल ने ममता बनर्जी के हालिया बयानों को “राजनीतिक स्टंट” करार दिया।
मध्य-पूर्व के मुद्दे पर खंडेलवाल ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि इस संवेदनशील समय में विपक्ष का रवैया निराशाजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है, लेकिन विपक्ष नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा, अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों के मुद्दे पर भी खंडेलवाल ने सख्त रुख अपनाया और कहा कि ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है और सरकार उन्हें निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक बड़ी जनसभा में टीएमसी की मुखिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और उनकी जान को खतरा हो सकता है।