टीएमसी की हार पश्चिम बंगाल की जनता की असली आज़ादी: बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने 12 जून 2026 को पटना में कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पराजय राज्य की जनता के लिए एक वास्तविक मुक्ति के समान है। उनके अनुसार, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के दमनकारी शासन से त्रस्त हो चुकी जनता ने इस बदलाव के ज़रिए अपना जवाब दे दिया है।
टीएमसी की हार पर जायसवाल का बयान
जायसवाल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही बंगाल की जनता का आक्रोश अपने चरम पर पहुँच गया है। उनके शब्दों में, टीएमसी ने वर्षों तक सत्ता में रहते हुए राज्य के विकास की बजाय केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने का काम किया। 'इन लोगों ने इतने साल तक सत्ता में रहते हुए सूबे के विकास के लिए कोई काम नहीं किया' — यह उनका सीधा आरोप था। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि आज टीएमसी को इस दुर्दशा का सामना करना पड़ रहा है।
नीति आयोग की बैठक पर प्रतिक्रिया
मंत्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक की भी सराहना की। उनके मुताबिक, इस बैठक के ज़रिए प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर यह संदेश दिया कि जहाँ पूरी दुनिया विभिन्न संकटों से जूझ रही है, वहीं भारत विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जायसवाल ने कहा कि 'हर क्षेत्र में विकास की बयार बह रही है' और यह सब मोदी के नेतृत्व की वजह से संभव हुआ है।
राज्यसभा चुनाव और आर्थिक स्थिति
राज्यसभा चुनाव परिणामों पर जायसवाल ने कहा कि यह जीत पहले से तय थी और सभी प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचित होना उनके लिए सुखद संकेत है। आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने विश्व बैंक की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें भारत की आर्थिक स्थिति को मज़बूत बताया गया है। उन्होंने कहा, 'विश्व बैंक कोई भारत का तो नहीं है, हमें इनके आँकड़ों पर भरोसा करना चाहिए।'
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
जायसवाल ने विपक्ष के रवैये पर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक ज़िम्मेदार विपक्ष का दायित्व है कि वह सरकार के अच्छे कामों की सराहना करे और उसके साथ कदम मिलाकर चले। लेकिन आज विपक्ष सुबह उठते ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने पर आमादा रहता है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। आने वाले समय में बंगाल में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं, यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।