टीएमसी की हार पर BJP का हमला: संजय जायसवाल बोले — 'जनता को परेशान किया, अब भुगत रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय जायसवाल ने शनिवार, 13 जून को पत्रकारों से बातचीत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला और कहा कि पार्टी की जनविरोधी कार्यशैली ही उसकी मौजूदा दुर्दशा की असली वजह है। जायसवाल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं को जहाँ भी आम जनता का सामना करना पड़ रहा है, वहाँ उन्हें जबरदस्त आक्रोश झेलना पड़ रहा है।
मुख्य आरोप: ममता और अभिषेक पर निशाना
जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए ममता बनर्जी ने जिस तरह से राज्य की जनता को परेशान किया और अपनी कार्य-संस्कृति से लोगों के हितों पर लगातार कुठाराघात किया, उससे यह स्पष्ट हो गया था कि इस बार उन्हें सत्ता से बाहर होना ही होगा। उनके अनुसार, यही कारण है कि TMC को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भी जायसवाल ने सीधा आरोप लगाया। उनके अनुसार, अभिषेक बनर्जी केवल उन्हीं लोगों को पार्टी में प्रवेश देते थे जो आपराधिक पृष्ठभूमि के थे। जायसवाल ने कहा कि जब किसी पार्टी की ऐसी स्थिति हो, तो उसका परिणाम क्या होगा, यह किसी से छुपा नहीं है।
लोकतंत्र में 'भगदड़' पर चिंता
जायसवाल ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में हर पार्टी को जीत-हार का सामना करना पड़ता है, यह लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन उनके अनुसार, यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि चुनावी हार के बाद किसी पार्टी में इस तरह की भगदड़ की स्थिति बनी हो। उन्होंने इसे 'विचित्र स्थिति' बताते हुए कहा कि इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
BJP विधायक सुदीप्ता दास के आरोप
BJP विधायक सुदीप्ता दास ने भी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा। उनके अनुसार, इन नेताओं ने राज्य की जनता को लूटने का काम किया है। दास ने कहा कि हाल ही में शराब घोटाले का मामला भी सामने आया था और इन नेताओं के पास भारी मात्रा में काला धन होने की आशंका है, इसलिए सभी की जाँच होनी चाहिए।
दास ने माँग की कि छापेमारी की गति को बढ़ाया जाए और अभिषेक बनर्जी के ठिकानों पर विशेष रूप से कार्रवाई हो। उनके अनुसार, जो भी धनराशि छापेमारी में मिले, उसे पश्चिम बंगाल के विकास कार्यों में लगाया जाना चाहिए। दास ने यह भी कहा कि संबंधित नेताओं की संपत्ति सीज की जानी चाहिए और हर पहलू से पूरे मामले की जाँच होनी चाहिए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हाल के चुनावी नतीजों के बाद TMC के भीतर उथल-पुथल की खबरें सामने आ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ राज्य में कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच कर रही हैं। BJP नेताओं की यह प्रतिक्रिया उसी राजनीतिक माहौल में आई है जब पार्टी बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि TMC इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और केंद्रीय एजेंसियाँ जाँच को किस दिशा में आगे ले जाती हैं।