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दिलीप घोष का टीएमसी पर तीखा हमला: 'ममता बनर्जी और भतीजे ही पार्टी में बचेंगे'

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दिलीप घोष का टीएमसी पर तीखा हमला: 'ममता बनर्जी और भतीजे ही पार्टी में बचेंगे'

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने न्यूटाउन में पत्रकारों से कहा कि TMC में भगदड़ मच गई है — विधायक बैठकें छोड़ रहे हैं, पार्टी कार्यालयों से राहत सामग्री बरामद हो रही है, और पार्टी की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। उनके मुताबिक, जल्द ही केवल ममता और उनके भतीजे ही TMC में बचेंगे।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 2 जून को न्यूटाउन में TMC पर तीखा हमला बोला।
घोष के अनुसार, ममता की विधायक बैठक में बड़ी संख्या में विधायक अनुपस्थित रहे और उन्हें विधायकों को पार्टी से निकालना पड़ रहा है।
TMC पार्टी कार्यालयों से कथित तौर पर 40 बैरल तेल और पाँच साल पुरानी राहत सामग्री बरामद होने का दावा किया गया।
घोष ने TMC के 15 वर्षों के शासन को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि राजनीति 'धंधा' बन गई थी।
TMC की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष ने 2 जून को न्यूटाउन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला और कहा कि पार्टी में इस कदर टूट आ गई है कि जल्द ही केवल ममता बनर्जी और उनके भतीजे ही उसमें बचेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC के कई विधायकों और नेताओं के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आ रही हैं।

विधायकों की बैठक और अनुशासनहीनता

घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने हाल ही में अपने विधायकों की बैठक बुलाई, लेकिन बड़ी संख्या में विधायक उसमें शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'उनके विधायक विधानसभा तक में नहीं गए।' उनके अनुसार, ममता को अपने ही विधायकों को पार्टी से निकालने पर मजबूर होना पड़ रहा है — जो नेतृत्व के कमज़ोर होते आधार का संकेत है। घोष ने यह भी कहा कि TMC विधायक केवल सत्ता में रहने के लिए पार्टी में हैं; जैसे ही सत्ता जाएगी, वे भी चले जाएंगे।

पार्टी कार्यालयों से सामान बरामदगी

घोष ने TMC के पार्टी कार्यालयों से सामान निकाले जाने का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, 40 बैरल तेल और पाँच साल पहले जनता की राहत के लिए भेजा गया सामान TMC के पार्टी कार्यालयों, विधायकों और काउंसलरों के दफ्तरों से मिला है। उन्होंने कहा, 'टीएमसी लुटेरों का दल था। आज जनता दरवाजा तोड़कर सामान निकाल रही है।' गौरतलब है कि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

TMC की विश्वसनीयता पर सवाल

घोष ने कहा कि TMC नेता चाहे अलग पार्टी बनाएं या एक साथ रहें, उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है। उन्होंने कहा, 'राजनीति केवल धंधा नहीं है। बंगाल में राजनीति कमाने का धंधा बन गई थी।' उनके अनुसार, बंगाल की जनता ने अब इस स्थिति से पार्टी को बाहर निकाला है।

TMC के 15 साल के शासन पर टिप्पणी

घोष ने TMC के 15 वर्षों के शासन को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और कहा कि बंगाल की जनता ने इन वर्षों में बहुत कुछ झेला। उन्होंने TMC नेताओं को सलाह दी कि वे नई सरकार के साथ सहयोग करें, क्योंकि यही सबके हित में होगा। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।

आगे क्या

TMC की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

BJP का यह आक्रामक रुख तब और परखा जाएगा जब नई सरकार के अपने वादों की जवाबदेही का वक्त आएगा — जनता की उम्मीदें केवल विपक्ष की आलोचना से नहीं, बल्कि सुशासन से पूरी होती हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने TMC के बारे में क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि TMC में इतनी टूट आ गई है कि जल्द ही केवल ममता बनर्जी और उनके भतीजे ही पार्टी में बचेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक बैठकों से गायब हैं और पार्टी कार्यालयों से राहत सामग्री बरामद हो रही है।
TMC विधायक पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं?
घोष के अनुसार, TMC विधायक केवल सत्ता में रहने के लिए पार्टी में थे। सत्ता जाने के बाद उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा खत्म हो रही है। हालांकि, TMC की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
TMC पार्टी कार्यालयों से सामान बरामदगी के आरोप क्या हैं?
दिलीप घोष ने दावा किया कि TMC के पार्टी कार्यालयों, विधायकों और काउंसलरों के दफ्तरों से 40 बैरल तेल और पाँच साल पहले जनता की राहत के लिए भेजा गया सामान मिला है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
दिलीप घोष ने TMC के 15 साल के शासन के बारे में क्या कहा?
घोष ने TMC के 15 वर्षों के शासन को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि बंगाल में राजनीति 'कमाने का धंधा' बन गई थी। उनके अनुसार, बंगाल की जनता ने अब इस स्थिति से पार्टी को बाहर निकाला है।
पश्चिम बंगाल में अब राजनीतिक स्थिति क्या है?
सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है। BJP नेता TMC पर लगातार हमले बोल रहे हैं, जबकि TMC के कई नेताओं और विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरें आ रही हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण और बदल सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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