भाजपा का ममता बनर्जी पर तंज, 'मुख्यमंत्री तनाव में हैं इसलिए गलत बोलती हैं'
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नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आईपैक छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ी आलोचना की है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी तनाव में हैं, इसी वजह से वे अक्सर गलत बयान देती हैं।
पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को मिदनापुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "टीएमसी हमसे (भाजपा) टकराने में असमर्थ है, इसलिए बार-बार चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा रही है।" उन्होंने आगे कहा कि ये वही लोग हैं जो चुनाव आयोग को गालियाँ देते हैं और अब दिलीप घोष से लड़ने के लिए टीएमसी आयोग के पास जा रही है। अगर उनमें हिम्मत है तो वे सामने आएं।"
आईपैक मामले में दिलीप घोष ने कहा कि यह मामला अदालत में चल रहा है और इसे वहीं रहने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अभी शुरू हुई है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गलत बयानबाजी कर रही हैं क्योंकि वे तनाव में हैं। उन्होंने कहा, "बंगाल की जनता ने टीएमसी का शासन देख लिया है और अब वे भाजपा को चुनेंगे। जिस प्रकार से कांग्रेस और माकपा को नुकसान हुआ, टीएमसी का भी हाल वैसा ही होगा। इस चुनाव में पश्चिम बंगाल में बदलाव होने जा रहा है।"
इसी बीच, बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने ममता बनर्जी के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "यह देश में पहली बार होगा जब ईडी ने किसी गंभीर मामले में छापा मारा और उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर मौजूद थीं और फाइलें समेटकर ला रही थीं। यह पूरे देश ने देखा। उन्होंने जो बयान दिए, वे एक मुख्यमंत्री के लिए उचित नहीं थे।"
संजय सरावगी ने आगे कहा, "उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपमान किया। बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ मुख्यमंत्री का यह आचरण अमर्यादित है। ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी सही है। ईडी एक संवैधानिक संस्था है और वह अपनी कार्रवाई कर रही थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां खुद अधिकारियों के साथ पहुंची और फाइलें लेकर आईं, जो कि बिल्कुल गलत था।"
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, "बंगाल में टीएमसी की कथित गुंडागर्दी की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं कि वहां 'जंगल राज' जैसी स्थिति बनी हुई है। यह कहा जा रहा है कि ऐसी अराजकता कानून और संविधान से ऊपर उठ रही है।