जैसे ही चुनाव नज़दीक आते हैं, टीएमसी को मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के अधिकारों की याद आती है: दिलीप घोष
सारांश
मुख्य बातें
खड़गपुर, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। सत्ताधारी दल टीएमसी और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी संदर्भ में, खड़गपुर विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के प्रति तीखी टिप्पणी की है।
दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा, "जैसे ही चुनाव नज़दीक आते हैं, टीएमसी को मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के अधिकारों की याद आ जाती है। चुनाव के वक्त नौकरी देने का वादा करती हैं, लेकिन बाद में इसे भूल जाती हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में केंद्र में सातवां वेतन आयोग लागू किया गया और कर्मचारियों का डीए भी बढ़ रहा है। जबकि, पश्चिम बंगाल में कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।"
भाजपा के उम्मीदवार ने आगे कहा, "लोग अब स्पष्ट रूप से विरोध कर रहे हैं। पार्टी के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ा है और बदलाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में चार रैलियों को संबोधित किया। वह लगातार उत्तरी बंगाल से दक्षिणी बंगाल तक प्रचार कर रहे हैं। उन्हें पूरी जानकारी है कि क्या हो रहा है। जनता और कार्यकर्ता सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं।"
ममता बनर्जी पर केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी के कार्य करने के आरोप पर दिलीप घोष ने कहा, "ईडी एक साल से काम कर रही है। उनकी जांच पूरे देश में चल रही है, जहाँ भी भ्रष्टाचार फैला हुआ है। बंगाल में भी भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। कई राजनेता और कारोबारी इसमें शामिल हैं। इसलिए, उनकी जांच जारी रहेगी।"
इससे पहले, दिलीप घोष ने कहा था, "महिला आरक्षण बिल ने उन कई पार्टियों का पर्दाफाश कर दिया है जो अक्सर महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के अधिकारों की बात करती हैं। उन्होंने इस बिल का समर्थन नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे महिलाओं के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा था, "ममता बनर्जी महिलाओं को 1500 रुपये देकर उनके वोट खरीदना चाहती हैं। उन्हें महिलाओं की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था जीरो हो गई है। जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। जनता बिलकुल परेशान है, इसीलिए इस बार भाजपा को ला रही है। जनता को भी पता है कि कौन सी पार्टी उनके विकास को सुनिश्चित कर सकती है।"