भाजपा नेता दिलीप घोष का बड़ा बयान: ईडी के समन पर बंगाल में भ्रष्टाचार चरम पर
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार की स्थिति पर भाजपा का गंभीर रुख।
- ईडी का समन पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल का कारण बन सकता है।
- ममता बनर्जी की पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है।
खड़गपुर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रियों सुजीत बोस और रथिन घोष को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। इसीलिए, इसमें संलिप्त हर शख्स को बुलाया जाएगा।
दिलीप घोष ने शनिवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "केंद्रीय एजेंसियां सालभर काम करती रहती हैं। बंगाल में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। इसीलिए, हर व्यक्ति को तलब किया जाएगा। मामले की जांच चल रही है। सभी को केंद्रीय एजेंसियों की जांच में मदद करनी चाहिए।"
ईडी ने वास्तव में मंत्री सुजीत बोस और रथिन घोष को नगरपालिका भर्ती में भ्रष्टाचार के मामले में तलब किया है। यह समन पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों के बीच आया है।
इसके अलावा, दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और कहा, "ममता बनर्जी के पास पैसा और पुलिस दोनों थे। लेकिन अब पुलिस धीरे-धीरे निष्क्रिय होती जा रही है। पहले पुलिस खुद पैसा पहुंचाती थी। यह सभी को पता है। हमें भी ज्ञात है कि बहुत से पुलिस अधिकारी इस काम में शामिल हैं। केंद्रीय बल की तैनाती से जनता खुश है।"
उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी की स्थिति बिगड़ चुकी है। उनकी पार्टी अब विफल होने वाली है। इसलिए वे चुनाव आयोग और अन्य लोगों के खिलाफ बोल रही हैं। अब उनकी हारने की नौबत आ गई है।"
भाजपा नेता ने चुनाव में दागी नेताओं पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, "सबसे बड़े अपराधियों और भ्रष्ट नेताओं को सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए। जब उन्हें सुरक्षा मिलती है, तो वे और अधिक लोगों को डराने लगते हैं। इसलिए अगर किसी नेता की छवि ठीक है, तो उसे सीधे जनता से जुड़ना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव पूरी तरह से भयमुक्त, स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा। बंगाल की जनता खुलकर वोट करेगी।