जुबिलेंट फूडवर्क्स का Q4 मुनाफा 13.9% घटकर ₹42.6 करोड़, आय ₹1,679.7 करोड़ पर पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड — भारत में डोमिनोज पिज्जा चेन की संचालक कंपनी — का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13.9 प्रतिशत घटकर ₹42.6 करोड़ रह गया। हालाँकि, इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 6.4 प्रतिशत बढ़कर ₹1,679.7 करोड़ पर पहुँच गई, जो परिचालन विस्तार और डिलीवरी माँग में सुधार का संकेत देती है।
मुख्य वित्तीय संकेतक
कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) 11.5 प्रतिशत बढ़कर ₹345 करोड़ हो गई। EBITDA मार्जिन पिछले वर्ष के 19.6 प्रतिशत से सुधरकर 20.5 प्रतिशत पर आ गया।
असाधारण मदों को छोड़कर परिचालन से प्राप्त शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर 2.8 प्रतिशत घटकर ₹53.7 करोड़ रहा और PAT मार्जिन 30 बेसिस पॉइंट घटकर 3.2 प्रतिशत रह गया। कंपनी ने निवेशकों के लिए प्रति शेयर ₹1.2 के डिविडेंड की भी घोषणा की है।
डोमिनोज इंडिया का परिचालन प्रदर्शन
डोमिनोज इंडिया के ऑर्डर वॉल्यूम में सालाना आधार पर 10.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। डिलीवरी राजस्व में साल-दर-साल 10.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि डोमिनोज की कुल आय में 5 प्रतिशत की सालाना बढ़त रही।
गौरतलब है कि कंपनी ने ग्राहकों को किफायती विकल्प देने के उद्देश्य से फ्री डिलीवरी की न्यूनतम सीमा घटाकर ₹99 की, चुनिंदा कैशबैक ऑफर दिए और कुछ बाज़ारों में पैकेजिंग शुल्क हटाया। इन कदमों के कारण औसत बिल वैल्यू में कमी आई, जो मुनाफे पर दबाव का एक प्रमुख कारण रही।
स्टोर विस्तार और ब्रांड प्रदर्शन
तिमाही के दौरान सभी ब्रांड्स में कुल 61 नए स्टोर जोड़े गए, जिससे भारत में कंपनी के कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 2,562 हो गई। कंपनी की फ्राइड चिकन चेन 'पोपाइज' ने समान स्टोर बिक्री के आधार पर सालाना 28 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।
कंपनी ने बताया कि उपभोक्ता माँग में नरमी के बावजूद डोमिनोज इंडिया ने पिछले दो वर्षों में अपने मध्यम अवधि के 5-7 प्रतिशत LFL ग्रोथ गाइडेंस के भीतर प्रदर्शन किया है।
आगे की रणनीति
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शुरुआती छह हफ्तों में डिलीवरी ऑर्डर की माँग मज़बूत बनी हुई है और औसत बिल वैल्यू में स्थिरता के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं। कंपनी ने संकेत दिया है कि पूंजी निवेश का बड़ा हिस्सा ग्रोथ और टेक्नोलॉजी में लगाया जाएगा, साथ ही 'पोपाइज' स्टोर्स की बढ़ती संख्या के साथ सालाना करीब 300 नए स्टोर जोड़ने की योजना है।