इंफोसिस का मुनाफा 21%25 उछला, Q4 FY26 में 8,501 करोड़; निवेशकों को ₹25 डिविडेंड
सारांश
Key Takeaways
- इंफोसिस का Q4 FY26 शुद्ध मुनाफा 21%25 बढ़कर ₹8,501 करोड़ हुआ, जो पिछले साल ₹7,033 करोड़ था।
- तिमाही रेवेन्यू 13.4%25 बढ़कर ₹46,402 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹9,743 करोड़ रहा।
- शेयरधारकों को ₹25 प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया गया।
- पूरे FY26 में वार्षिक शुद्ध मुनाफा ₹29,440 करोड़ और कुल आय ₹1.78 लाख करोड़ रही।
- FY27 में 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती की योजना; कंपनी में अभी 3,28,594 कर्मचारी कार्यरत।
- Q4 में बड़े डील्स का TCV 3.2 अरब डॉलर; पूरे साल का TCV 14.9 अरब डॉलर रहा।
मुंबई, 23 अप्रैल 2025 — देश की अग्रणी आईटी कंपनी इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय नतीजे गुरुवार को सार्वजनिक किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹8,501 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹7,033 करोड़ था। इसके साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों को ₹25 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड का ऐलान किया।
तिमाही वित्तीय प्रदर्शन
Q4 FY26 में इंफोसिस का कुल राजस्व (रेवेन्यू) 13.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹46,402 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹40,925 करोड़ था। कंपनी का परिचालन लाभ (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) ₹9,743 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹8,575 करोड़ से काफी अधिक है।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का वार्षिक शुद्ध मुनाफा 10.20 प्रतिशत बढ़कर ₹29,440 करोड़ हो गया। वहीं परिचालन से कुल आय 9.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंची, जो FY25 में ₹1.62 लाख करोड़ थी।
सीईओ और सीएफओ के बयान
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सलिल पारेख ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से मजबूत रहा। उन्होंने बताया कि इस सफलता में बड़े डील्स और एंटरप्राइज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) जयेश संघराजका ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी 20,000 नए स्नातकों (फ्रेशर्स) को नियुक्त करने की योजना बना रही है। मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी में कुल 3,28,594 कर्मचारी कार्यरत थे।
बड़े डील्स और वैश्विक विस्तार
Q4 FY26 में कंपनी के बड़े अनुबंधों का कुल कॉन्ट्रैक्ट मूल्य (TCV) 3.2 अरब डॉलर (लगभग ₹30,100 करोड़) रहा। पूरे वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 14.9 अरब डॉलर (करीब ₹1,40,000 करोड़) के विशाल स्तर तक पहुंच गया, जो इंफोसिस की वैश्विक उपस्थिति और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।
इस तिमाही में कंपनी के सबसे बड़े कारोबारी खंड फाइनेंशियल सर्विसेज से राजस्व में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा इंफोसिस ने जापान में अपनी एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) की स्थापना कर अपने वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और कदम उठाया।
FY27 का अनुमान और शेयर बाजार प्रतिक्रिया
वित्त वर्ष 2027 के लिए इंफोसिस ने राजस्व वृद्धि का अनुमान 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत (स्थिर मुद्रा आधार पर) रखा है। ऑपरेटिंग मार्जिन के 20 से 22 प्रतिशत के बीच बने रहने की उम्मीद जताई गई है।
नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार, 23 अप्रैल को NSE पर कंपनी के शेयर 2.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,231.80 पर बंद हुए। इस समय कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) ₹5.15 लाख करोड़ है।
गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी टैरिफ नीतियों और आईटी खर्च में अनिश्चितता के बावजूद इंफोसिस का यह प्रदर्शन उद्योग जगत में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाली तिमाहियों में एआई-आधारित परियोजनाओं और क्लाउड सेवाओं की मांग पर कंपनी की नजर बनी रहेगी।