बंगाल की जनता बाकी राज्यों से अलग, भाजपा सफल नहीं होगी: मजीद मेमन का बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- मजीद मेमन ने कहा — पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस बार मतदान की दर बेहद अच्छी रही।
- बंगाल और केरल की जनता राजनीतिक रूप से सचेत है और आसानी से बहकावे में नहीं आती।
- ममता बनर्जी की सरकार से जनता संतुष्ट है, इसलिए भाजपा का बंगाल में सफल होना मुश्किल: मेमन।
- अमित शाह और पीएम मोदी ने भरपूर प्रयास किए, लेकिन घुसपैठ और झुग्गी-बस्ती वाले बयान बंगाल में नकारात्मक रहे।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री के खिलाफ अशोभनीय भाषा से बचना चाहिए: मेमन।
- 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 213 सीटें जीती थीं — यह इतिहास भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है।
मुंबई, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इस बार मतदान की दर असाधारण रूप से ऊंची रही, और बंगाल की जनता ने एक बार फिर साबित किया कि वह देश के बाकी राज्यों की तुलना में अधिक जागरूक और राजनीतिक रूप से सचेत है। यह कहना है वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन का, जिन्होंने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में अपने विचार साझा किए।
बंगाल और तमिलनाडु में उत्साहजनक मतदान
मजीद मेमन ने कहा कि दोनों राज्यों — पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु — में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर लोगों ने भारी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह लोकतंत्र के प्रति आम जनता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि बंगाल और केरल ऐसे दो राज्य हैं जहां की जनता को आसानी से बहकाया या छला नहीं जा सकता। इन राज्यों में राजनीतिक चेतना की जड़ें बहुत गहरी हैं और यहां के मतदाता हर दावे को परखकर ही वोट करते हैं।
भाजपा का बंगाल में दांव नाकाम रहेगा
मजीद मेमन ने स्पष्ट कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन यहां की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यों से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, ममता सरकार को जनता एक आम आदमी की सरकार मानती है और उससे कोई बड़ी नाराजगी नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले घुसपैठियों का मुद्दा उठाया, फिर लाखों नामों को मतदाता सूची से हटवाया और अब पश्चिम बंगाल को झुग्गी-बस्ती बताने वाली भाषा का इस्तेमाल किया — यह सब बंगाल की जनता के बीच नकारात्मक संदेश गया है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश करती है, जो अंततः उसी के खिलाफ जाती है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ खड़ी है।
अमित शाह और पीएम मोदी की कोशिशें, लेकिन नतीजा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी मेहनत पर टिप्पणी करते हुए मेमन ने माना कि दोनों नेताओं ने पश्चिम बंगाल में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। हालांकि, उनका मानना है कि इतनी कोशिशों के बावजूद भाजपा वहां अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाएगी।
यह उल्लेखनीय है कि भाजपा ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भारी प्रचार किया था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने २९४ में से २१३ सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया था। इस पृष्ठभूमि में मेमन की बात और अधिक प्रासंगिक लगती है।
खड़गे के विवादित बयान पर मेमन की सलाह
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर मजीद मेमन ने साफ कहा कि ऐसे शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है। उनके अनुसार, खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता और कांग्रेस अध्यक्ष को अपने बयानों में संयम और सावधानी बरतनी चाहिए।
मेमन ने सुझाव दिया कि यदि खड़गे अपने शब्द वापस ले लें तो इसमें कोई संकोच नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के विरुद्ध अशोभनीय भाषा का उपयोग एक अत्यंत गंभीर मामला है।
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव परिणाम न केवल इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे, बल्कि 2026 के राजनीतिक परिदृश्य और विपक्षी एकता की ताकत का भी परीक्षण करेंगे।