अमित शाह की TMC गुंडों को कड़ी चेतावनी: 'दूसरे चरण में निकले तो उल्टा लटका दूंगा'
सारांश
Key Takeaways
- गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यमग्राम, उत्तर 24 परगना में TMC गुंडों को चेतावनी दी — दूसरे चरण में निकले तो 4 तारीख के बाद उल्टा लटका दूंगा।
- पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 91.78%25 मतदान — 2011 के 84.72%25 के रिकॉर्ड को तोड़ा।
- महिला मतदाताओं की भागीदारी 92.69%25 रही, जो पुरुषों (90.92%25) से अधिक है।
- शाह ने संदेशखाली में महिलाओं पर हुए अत्याचार का जिक्र कर TMC को घेरा।
- शाह का बयान उनके आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर साझा किया गया और वायरल हुआ।
- भारत निर्वाचन आयोग ने बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक निगरानी के साथ चुनाव संपन्न कराने का दावा किया।
कोलकाता, 23 अप्रैल — पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में ऐतिहासिक 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर 24 परगना जिले में TMC के तथाकथित गुंडों को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो पहले चरण में घर से नहीं निकले, वे दूसरे चरण में भी बाहर न आएं — वरना 4 तारीख के बाद उल्टा लटका कर सीधा कर दूंगा।
मध्यमग्राम रोड शो में गरजे अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल रोड शो के बाद उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा कि 'दीदी के गुंडे' पहले चरण में घरों में दुबके रहे और यही हाल दूसरे चरण में भी रहना चाहिए।
शाह का यह बयान उनके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किया गया, जो तेजी से वायरल हो गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मध्यमग्राम के मतदाता संदेशखाली में महिलाओं पर हुए अत्याचार को नहीं भूले हैं।
संदेशखाली का संदर्भ — चुनावी नैरेटिव का केंद्र
अमित शाह का संदेशखाली का उल्लेख महज भावनात्मक नहीं था — यह एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश था। संदेशखाली में TMC नेताओं पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोप लगे थे, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। BJP ने इस मुद्दे को पूरे चुनाव प्रचार में केंद्र में रखा है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में व्यापक हिंसा की खबरें आई थीं, जिसमें BJP कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगे थे। इस बार BJP का पूरा प्रचार अभियान 'सुरक्षित मतदान' और 'TMC की हिंसा' के इर्द-गिर्द बुना गया है।
पहले चरण में ऐतिहासिक मतदान — रिकॉर्ड टूटा
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग में शाम 5 बजे तक 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह 2011 में बने पिछले रिकॉर्ड 84.72 प्रतिशत से काफी अधिक है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा महिला मतदाताओं का उत्साह — उनकी भागीदारी 92.69 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष मतदाताओं की भागीदारी 90.92 प्रतिशत थी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ये चुनाव व्यापक लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक निगरानी के साथ संपन्न कराए गए।
हिंसा की घटनाएं — पर पहले से कम
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर छिटपुट हिंसक घटनाएं सामने आईं, हालांकि इनकी संख्या 2021 और पूर्व के चुनावों की तुलना में काफी कम रही। केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती को इसका श्रेय दिया जा रहा है।
यह वही पैटर्न है जो अमित शाह अपने भाषण में भुना रहे थे — पहले चरण में अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण मतदान को वे BJP की ताकत और TMC की कमजोरी के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे।
राजनीतिक प्रभाव और आगे की राह
अमित शाह की इस चेतावनी को विपक्ष ने 'उकसावे वाली भाषा' करार दिया है, जबकि BJP समर्थक इसे 'दबंग नेतृत्व' का प्रतीक मान रहे हैं। चुनाव आयोग इस बयान पर नजर रख रहा है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
दूसरे चरण का मतदान जल्द होना है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पहले चरण जैसी शांति बनी रहती है या हिंसा फिर सिर उठाती है। पश्चिम बंगाल में सत्ता का फैसला इस बार पहले से कहीं अधिक निर्णायक माना जा रहा है।