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एसआईआर से बदली तस्वीर: पीयूष गोयल ने बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान का राज बताया

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एसआईआर से बदली तस्वीर: पीयूष गोयल ने बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान का राज बताया

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बंगाल में 89.93% और तमिलनाडु में 82.24% के रिकॉर्ड मतदान का श्रेय निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को दिया। उन्होंने कहा कि फर्जी और गैर-नागरिक वोटर हटाए जाने से असली मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में शाम 5 बजे तक 89.93% मतदान दर्ज, जो 2011 के बाद 15 वर्षों का सर्वोच्च रिकॉर्ड है।
तमिलनाडु में 82.24% मतदान हुआ, जो 2021 के 74% से लगभग 8 प्रतिशत अंक अधिक है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस उछाल का श्रेय निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को दिया।
गोयल ने दावा किया कि बंगाल में गैर-नागरिक और फर्जी मतदाताओं को सूची से हटाया गया, आगे उन्हें देश से भी निकाला जाएगा।
भाजपा ने तमिलनाडु में दोपहर 1:30 बजे तक ही पिछले चुनाव से 15-20% अधिक मतदान होने की पुष्टि की।
एनडीए ने दोनों राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया है।

मुंबई, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस बार दर्ज हुई असाधारण मतदाता भागीदारी के पीछे भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की अहम भूमिका है। उनके अनुसार इस प्रक्रिया के तहत फर्जी और मृत मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने से वास्तविक नागरिकों का मनोबल बढ़ा और वे बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे।

तमिलनाडु में 15-20% की छलांग, गोयल ने जताई संतुष्टि

पीयूष गोयल, जो तमिलनाडु के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी भी हैं, ने कहा कि दोपहर 1:30 बजे तक राज्य में मतदान प्रतिशत पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत अधिक रहा। उन्होंने कहा कि मुझे तमिलनाडु में एक जिम्मेदारी दी गई थी और आज की वोटिंग को देखते हुए मैं नतीजों से संतुष्ट हूं।

शाम 5 बजे तक के अंतिम आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु में मतदान प्रतिशत 82.24% रहा, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में दर्ज 74% से काफी बेहतर है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मतदाता सूची की सफाई का सीधा असर मतदान केंद्रों पर दिखा।

बंगाल में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, एसआईआर को मिला श्रेय

पश्चिम बंगाल में शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 89.93% दर्ज किया गया, जो 2011 के बाद पिछले 15 वर्षों में राज्य का सर्वोच्च आंकड़ा है। उल्लेखनीय है कि 2011 वही वर्ष था जब 34 साल पुरानी वाम मोर्चा सरकार का अंत हुआ था और ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने सत्ता संभाली थी।

गोयल ने कहा कि खासकर बंगाल में एक ईमानदार और निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए उन फर्जी मतदाताओं को हटाया गया है जो भारतीय नागरिक भी नहीं थे। उनके इस बयान में भाजपा के उस चुनावी एजेंडे की झलक मिलती है जो अवैध घुसपैठियों के मुद्दे को केंद्र में रखता है।

अवैध घुसपैठियों पर भाजपा का वादा दोहराया

गोयल ने स्पष्ट किया कि भाजपा का वादा केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटरों और अवैध घुसपैठियों को पहले वोटर लिस्ट से हटाया गया है और आगे उन्हें देश से भी बाहर किया जाएगा।

यह बयान राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) की बहस को फिर से केंद्र में ले आता है, जो बंगाल की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील विषय रहा है। विपक्षी दल विशेषकर तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा पर अल्पसंख्यक-विरोधी राजनीति का आरोप लगाती रही है।

एनडीए की जीत का दावा, विश्लेषण क्या कहता है

उच्च मतदान प्रतिशत को अपने पक्ष में बताते हुए गोयल ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि एनडीए दोनों राज्यों में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगा। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उच्च मतदान हमेशा सत्तारूढ़ या चुनौती देने वाले दल के पक्ष में नहीं जाता।

यह भी उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु में भाजपा की उपस्थिति परंपरागत रूप से सीमित रही है और एआईएडीएमके से गठबंधन टूटने के बाद पार्टी नए समीकरणों के साथ मैदान में है। आने वाले दिनों में मतगणना के नतीजे ही तय करेंगे कि मतदाता सूची सुधार का राजनीतिक लाभ किसे मिला।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए उच्च मतदान को अपनी जीत का पूर्वाभास बताना जोखिम भरा है। तमिलनाडु में भाजपा की जमीनी पकड़ अभी भी सीमित है और एआईएडीएमके से अलगाव के बाद पार्टी के लिए यह परीक्षा की घड़ी है। मुख्य सवाल यह है कि एसआईआर से हटाए गए मतदाताओं की स्वतंत्र जांच हुई या नहीं क्योंकि लोकतंत्र में हर वैध वोट की रक्षा उतनी ही जरूरी है जितना हर फर्जी वोट को हटाना।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने बंगाल और तमिलनाडु में भारी मतदान का कारण क्या बताया?
पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत फर्जी और मृत मतदाताओं को सूची से हटाए जाने से वास्तविक नागरिकों में उत्साह बढ़ा। इसी कारण दोनों राज्यों में अभूतपूर्व मतदान दर्ज हुआ।
पश्चिम बंगाल में 2026 के चुनाव में कितना मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल में शाम 5 बजे तक 89.93% मतदान दर्ज किया गया, जो 2011 के बाद पिछले 15 वर्षों में राज्य का सर्वाधिक है। 2011 में वाम मोर्चे को हटाकर तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई थी।
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत क्या रहा?
तमिलनाडु में शाम 5 बजे तक 82.24% मतदान हुआ, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के 74% से काफी अधिक है। पीयूष गोयल ने दोपहर 1:30 बजे तक ही 15-20% की बढ़ोतरी दर्ज होने की जानकारी दी थी।
एसआईआर प्रक्रिया क्या होती है और इसका चुनाव पर क्या असर पड़ता है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों की गहन जांच कर फर्जी, मृत और अपात्र मतदाताओं को हटाता है। इससे सूची की विश्वसनीयता बढ़ती है और वास्तविक मतदाता अधिक संख्या में मतदान करते हैं।
क्या एनडीए बंगाल और तमिलनाडु में जीत सकता है?
पीयूष गोयल ने दावा किया है कि एनडीए दोनों राज्यों में पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज करेगा। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उच्च मतदान का अर्थ हमेशा किसी एक दल की जीत नहीं होता और स्थानीय समीकरण निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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