जाइडस वेलनेस का मुनाफा वित्त वर्ष 26 में 47% घटकर ₹197 करोड़, बिक्री 46% उछली
सारांश
मुख्य बातें
जाइडस वेलनेस का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 में 47 प्रतिशत गिरकर ₹197 करोड़ पर आ गया, जबकि इसी अवधि में कंपनी की कंसोलिडेटेड बिक्री 46.4 प्रतिशत उछलकर ₹3,940 करोड़ पर पहुँच गई। कंपनी ने 18 मई 2025 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए ये नतीजे सार्वजनिक किए। राजस्व में तेज वृद्धि के बावजूद मुनाफे में गिरावट नए अधिग्रहणों से जुड़े एकीकरण खर्चों और ऊँची परिचालन लागतों का नतीजा बताई जा रही है।
तिमाही प्रदर्शन
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 6 प्रतिशत घटकर ₹162 करोड़ रहा। हालाँकि, इसी तिमाही में परिचालन से कंसोलिडेटेड आय सालाना आधार पर 62.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1,476 करोड़ हो गई — जो कंपनी की व्यापार-विस्तार रणनीति की ताकत को दर्शाती है।
EBITDA और लाभप्रदता
परिचालन प्रदर्शन के मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का EBITDA वार्षिक आधार पर 34.2 प्रतिशत बढ़कर ₹509 करोड़ पर पहुँचा। कंपनी के अनुसार, राजस्व वृद्धि मुख्यतः नए अधिग्रहीत व्यवसायों के योगदान से प्रेरित रही, लेकिन एकीकरण लागत और उच्च परिचालन खर्चों ने शुद्ध मुनाफे पर दबाव बनाए रखा।
प्रमुख ब्रांडों का प्रदर्शन
कंपनी के प्रमुख ब्रांड शुगर फ्री ने चीनी के विकल्प वाले सेगमेंट में 96.1 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी बरकरार रखी और शुगर फ्री डी'लाइट चोको स्प्रेड जैसे नए उत्पादों के साथ संबंधित श्रेणियों में विस्तार किया। हाइड्रेशन ब्रांड ग्लूकॉन-डी ने अपने सेगमेंट में 58.9 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी के साथ नेतृत्व बनाए रखा और परफॉर्मेंस हाइड्रेशन उत्पादों में भी पाँव पसारे।
प्रोटीन स्नैकिंग ब्रांड राइटबाइट मैक्स प्रोटीन ने लगभग दोहरे अंकों का EBITDA मार्जिन हासिल किया, जिसे प्रोटीन ड्रिंक्स और फंक्शनल स्नैक बार जैसे नए उत्पादों का श्रेय दिया गया। स्किनकेयर सेगमेंट में एवरीयूथ ने स्क्रब और पील-ऑफ मास्क में अपनी स्थिति मज़बूत रखी, जबकि नाइसिल ने प्रिकली हीट पाउडर श्रेणी में शीर्ष स्थान बनाए रखा।
न्यूट्रलाइट और कॉम्प्लान सहित न्यूट्रास्यूटिकल व वेलनेस पोर्टफोलियो ने वर्ष के दौरान स्थिर गति बनाए रखी, हालाँकि अधिग्रहण से जुड़े लागत दबाव और एकीकरण खर्चों ने कुल आय को प्रभावित किया।
डिविडेंड और शेयरधारकों के लिए फैसला
कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 26 के लिए ₹2 अंकित मूल्य के प्रत्येक शेयर पर ₹1.20 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव 4 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
आगे की राह
जाइडस वेलनेस का मौजूदा वित्तीय ढाँचा यह संकेत देता है कि कंपनी अधिग्रहण-आधारित विकास की रणनीति पर टिकी है, लेकिन एकीकरण की लागत अभी भी मुनाफे पर भारी पड़ रही है। आने वाले वित्त वर्ष में यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी राजस्व वृद्धि को शुद्ध लाभ में बदल पाती है।