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अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का मुनाफा 32% उछला, ऑर्डर बुक ₹71,779 करोड़ के पार

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अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का मुनाफा 32% उछला, ऑर्डर बुक ₹71,779 करोड़ के पार

सारांश

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने Q4 FY26 में 32% मुनाफा वृद्धि के साथ ₹2,393 करोड़ का एडजस्टेड पीएटी दर्ज किया। EBITDA ₹8,726 करोड़ के रिकॉर्ड पर, ट्रांसमिशन पाइपलाइन ₹71,779 करोड़ और 1 करोड़ स्मार्ट मीटर की उपलब्धि से कंपनी की विकास गाथा मजबूत।

मुख्य बातें

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का Q4 FY26 में समायोजित शुद्ध मुनाफा 32% बढ़कर ₹2,393 करोड़ हुआ।
पूरे वित्त वर्ष 2026 में EBITDA रिकॉर्ड ₹8,726 करोड़ और कुल आय ₹28,325 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची।
कंपनी ने 1 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापना का ऐतिहासिक पड़ाव पार किया और मुंबई HVDC प्रोजेक्ट सहित 5 ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट पूरे किए।
ट्रांसमिशन पाइपलाइन ₹71,779 करोड़ और स्मार्ट मीटर ऑर्डर बुक 2.46 करोड़ मीटर (₹29,519 करोड़) का है।
कैपेक्स वित्त वर्ष 2026 में 1.24 गुना बढ़कर ₹14,232 करोड़ हो गया।
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने एईएसएल को BBB+ (स्थिर) रेटिंग दी, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर है।

अहमदाबाद, 23 अप्रैल 2026अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समायोजित शुद्ध मुनाफा (एडजस्टेड पीएटी) 32 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹2,393 करोड़ पर पहुंच गया। यह वृद्धि ईबीआईटीडीए में दो अंकों की बढ़त और पूरे वर्ष स्थिर रहे डिप्रिसिएशन की बदौलत संभव हुई।

रिकॉर्ड EBITDA और सालाना आय

एईएसएल का ईबीआईटीडीए वित्त वर्ष 2026 में 12.7 प्रतिशत बढ़कर ₹8,726 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। इस उपलब्धि में ट्रांसमिशन और स्मार्ट मीटरिंग सेगमेंट की मजबूत ग्रोथ के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के स्थिर प्रदर्शन का अहम योगदान रहा।

पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की कुल आय 15.9 प्रतिशत बढ़कर ₹28,325 करोड़ के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंची। यह उपलब्धि बेहतर परिचालन प्रदर्शन और बढ़ती सर्विस कंसेशन अरेंजमेंट (एससीए) आय के कारण हासिल हुई, जो कंपनी के बढ़ते कैपेक्स को भी दर्शाती है।

चौथी तिमाही के मुख्य वित्तीय आंकड़े

Q4 FY26 में कंपनी की कुल आय 15 प्रतिशत बढ़कर ₹7,588 करोड़ हो गई। इस तिमाही में ईबीआईटीडीए 4.9 प्रतिशत बढ़कर ₹2,372 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा (पीएटी) ₹723 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹714 करोड़ से अधिक है।

एडजस्टेड पीएटी में सालाना आधार पर 27.7 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹566 करोड़ से बढ़कर ₹723 करोड़ पर आ गया।

HVDC प्रोजेक्ट और स्मार्ट मीटरिंग में ऐतिहासिक उपलब्धि

कंपनी के सीईओ कंदर्प पटेल ने बताया कि चौथी तिमाही में मुंबई एचवीडीसी प्रोजेक्ट सहित पांच ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इससे अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस भारत में दो एचवीडीसी प्रोजेक्ट पूरा करने वाली एकमात्र निजी कंपनी बन गई है — यह उपलब्धि देश के बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर इतिहास में मील का पत्थर है।

पटेल ने यह भी बताया कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 1 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित करने का महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया। यह आंकड़ा बड़े पैमाने पर ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को लागू करने में कंपनी की अद्वितीय क्षमता को प्रमाणित करता है।

मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़ता कैपेक्स

हाल ही में मिले नए प्रोजेक्ट्स के चलते कंपनी की ट्रांसमिशन पाइपलाइन ₹71,779 करोड़ तक पहुंच गई है। स्मार्ट मीटर ऑर्डर बुक 2.46 करोड़ मीटर का है, जिसकी संभावित आय ₹29,519 करोड़ आंकी गई है।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) 1.24 गुना बढ़कर ₹14,232 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 के ₹11,444 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि कंपनी भविष्य की विकास योजनाओं में आक्रामक निवेश कर रही है।

जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने एईएसएल को बीबीबी+ (स्थिर) की रेटिंग दी है, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग के समकक्ष है। यह रेटिंग कंपनी की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति और मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल की पुष्टि करती है।

गौरतलब है कि भारत सरकार के राष्ट्रीय विद्युत योजना 2032 के तहत देश में ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर भारी निवेश की योजना है, जिससे एईएसएल जैसी कंपनियों के लिए आने वाले वर्षों में और बड़े अवसर तैयार होंगे। सीईओ पटेल के अनुसार, एचवीडीसी प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन और तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते आगामी तिमाहियों में भी ग्रोथ की रफ्तार बनी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब एईएसएल का ₹71,779 करोड़ की ट्रांसमिशन पाइपलाइन और 1 करोड़ स्मार्ट मीटर का आंकड़ा यह सवाल उठाता है कि क्या निजीकरण ही भारत के बिजली संकट का असली समाधान है। HVDC तकनीक में एकमात्र निजी खिलाड़ी बनना रणनीतिक बढ़त है, लेकिन इतने बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर का नियंत्रण एक समूह के हाथों में केंद्रित होना नीति-निर्माताओं के लिए दीर्घकालिक विमर्श का विषय भी होना चाहिए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का Q4 FY26 में मुनाफा कितना रहा?
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का Q4 FY26 में समायोजित शुद्ध मुनाफा (एडजस्टेड पीएटी) 32 प्रतिशत बढ़कर ₹2,393 करोड़ हो गया। शुद्ध पीएटी ₹723 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹714 करोड़ से अधिक है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का EBITDA कितना रहा?
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का EBITDA 12.7 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ₹8,726 करोड़ पर पहुंचा। चौथी तिमाही में EBITDA 4.9 प्रतिशत बढ़कर ₹2,372 करोड़ रहा।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का ऑर्डर बुक कितना है?
कंपनी की ट्रांसमिशन पाइपलाइन ₹71,779 करोड़ तक पहुंच गई है। स्मार्ट मीटर ऑर्डर बुक 2.46 करोड़ मीटर का है, जिसकी संभावित आय ₹29,519 करोड़ है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने HVDC में क्या उपलब्धि हासिल की?
कंपनी ने मुंबई HVDC प्रोजेक्ट सहित Q4 में पांच ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट पूरे किए। इससे एईएसएल भारत में दो HVDC प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा करने वाली एकमात्र निजी कंपनी बन गई।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की क्रेडिट रेटिंग क्या है?
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने एईएसएल को BBB+ (स्थिर) रेटिंग दी है, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग के समकक्ष है। यह रेटिंग कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और क्रेडिट प्रोफाइल को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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