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बड़ा फैसला: भारत ने पाकिस्तानी विमानों पर एयरस्पेस प्रतिबंध 24 मई तक बढ़ाया

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बड़ा फैसला: भारत ने पाकिस्तानी विमानों पर एयरस्पेस प्रतिबंध 24 मई तक बढ़ाया

सारांश

भारत ने पाकिस्तानी विमानों पर एयरस्पेस प्रतिबंध 24 मई 2026 तक बढ़ाया। पहलगाम हमले के बाद शुरू यह प्रतिबंध एक साल से जारी है। इससे भारतीय एयरलाइंस को लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं और परिचालन लागत बढ़ रही है। डीजीसीए ने पायलटों के ड्यूटी नियमों में अस्थायी छूट दी है।

मुख्य बातें

भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए एयरस्पेस प्रतिबंध 24 मई 2026 तक बढ़ाया।
यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद लागू किया गया था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे।
पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस 24 मई तक बंद रखा है।
एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत ईंधन पर होता है — लंबे मार्गों से यह लागत और बढ़ रही है।
एयर इंडिया को ईरान और इराक के एयरस्पेस से बचते हुए लंबी दूरी की उड़ानें संचालित करनी पड़ रही हैं, कुछ उड़ानें रद्द भी हुईं।
डीजीसीए ने एयर इंडिया के पायलटों के लिए लंबी दूरी की उड़ानों में ड्यूटी समय नियमों में अस्थायी छूट दी है।

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) पर लगाए गए प्रतिबंध को 24 मई 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध मूल रूप से अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद लागू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की बर्बरतापूर्वक हत्या की गई थी। तब से लेकर अब तक यह प्रतिबंध हर महीने नवीनीकृत किया जाता रहा है।

नोटाम के तहत क्या है प्रतिबंध?

नोटिस टू एयरमेन (नोटाम) के अनुसार यह प्रतिबंध 24 मई 2026 की सुबह 5:30 बजे (भारतीय मानक समय) तक प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत पाकिस्तान में पंजीकृत विमान, पाकिस्तानी एयरलाइंस द्वारा संचालित या स्वामित्व वाले विमान, तथा पाकिस्तानी सैन्य उड़ानें — तीनों पर भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश की सख्त मनाही है।

यह कोई एकपक्षीय कदम नहीं है। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस 24 मई तक बंद रखा है। इस पारस्परिक प्रतिबंध ने दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को पूरी तरह ठप कर दिया है।

एयरलाइंस पर आर्थिक बोझ

इस प्रतिबंध का सबसे बड़ा असर भारतीय एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ रहा है। पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने के कारण विमानों को अरब सागर, मध्य एशिया और अफ्रीका के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।

विमानन उद्योग में ईंधन कुल परिचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। लंबे मार्गों के कारण ईंधन खपत बढ़ रही है, जिससे एयरलाइंस की लाभप्रदता सीधे प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उड़ानों का समय बढ़ने से क्रू ड्यूटी पर भी अतिरिक्त दबाव आ रहा है।

एयर इंडिया और डीजीसीए की स्थिति

एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस को ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचते हुए यूरोप, अमेरिका और कनाडा जाने वाली उड़ानों में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष ने इस समस्या को और जटिल बना दिया है, जिसके चलते कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ी हैं।

इस असाधारण स्थिति को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के पायलटों के लिए लंबी दूरी की उड़ानों में ड्यूटी समय नियमों में अस्थायी छूट प्रदान की है।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक प्रभाव

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच एयरस्पेस प्रतिबंध का यह कोई पहला मामला नहीं है। 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी इसी तरह का प्रतिबंध लागू किया गया था, जो कई महीनों तक जारी रहा था। लेकिन इस बार यह प्रतिबंध एक वर्ष से अधिक समय से लगातार नवीनीकृत हो रहा है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की गहरी खाई को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से पाकिस्तान को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि भारतीय एयरस्पेस से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ओवरफ्लाइट शुल्क एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत होता है। हालांकि, भारत की ओर से इस मुद्दे पर किसी भी वार्ता की संभावना फिलहाल नजर नहीं आती।

आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 24 मई 2026 के बाद दोनों देश इस प्रतिबंध को लेकर क्या रुख अपनाते हैं और क्या किसी कूटनीतिक पहल की संभावना बनती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि महज एक तात्कालिक प्रतिक्रिया। एक वर्ष से अधिक समय तक इस प्रतिबंध का हर महीने नवीनीकरण यह संदेश देता है कि भारत पाकिस्तान को सामान्य संबंधों की ओर लौटने की कोई जल्दी नहीं है। विडंबना यह है कि इस प्रतिबंध की सबसे बड़ी कीमत भारतीय एयरलाइंस और यात्री चुका रहे हैं — लंबे रास्ते, महंगे टिकट और रद्द उड़ानें। मुख्यधारा की कवरेज इस आर्थिक बोझ को नजरअंदाज करती है, जबकि असली सवाल यह है कि इस कूटनीतिक गतिरोध की आर्थिक सीमा कहां है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने पाकिस्तानी विमानों पर एयरस्पेस प्रतिबंध क्यों लगाया है?
यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद लगाया गया था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। इसे जवाबी कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जाता है और तब से यह हर महीने नवीनीकृत हो रहा है।
भारत का पाकिस्तान पर एयरस्पेस प्रतिबंध कब तक रहेगा?
वर्तमान में यह प्रतिबंध 24 मई 2026 की सुबह 5:30 बजे (IST) तक प्रभावी है। इसके बाद इसे फिर से बढ़ाया जा सकता है या कूटनीतिक परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
एयरस्पेस प्रतिबंध से भारतीय एयरलाइंस पर क्या असर पड़ रहा है?
भारतीय एयरलाइंस को अरब सागर , मध्य एशिया और अफ्रीका के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन खर्च और उड़ान समय दोनों बढ़ रहे हैं। कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ी हैं।
क्या पाकिस्तान ने भी भारत पर एयरस्पेस प्रतिबंध लगाया है?
हां, पाकिस्तान ने भी भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस 24 मई 2026 तक बंद रखा है। यह पारस्परिक प्रतिबंध दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है।
डीजीसीए ने पायलटों को क्या राहत दी है?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के पायलटों के लिए यूरोप, अमेरिका और कनाडा जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों में ड्यूटी समय नियमों में अस्थायी छूट दी है। यह कदम लंबे वैकल्पिक मार्गों के कारण बढ़े उड़ान समय को देखते हुए उठाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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